
मीडिया से बातचीत में कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि ये पूरा मामला भ्रमित करने का मामला है। सरकार और प्रधानमंत्री अडानी के मुद्दे से डरे हुए हैं इसलिए उन्होंने ये तमाशा खड़ा किया है।
उन्होंने कहा, “आज मेरे पहुंचने के 1 मिनट बाद सदन को स्थगित कर दिया गया। कुछ दिन पहले जो मैंने सदन मे प्रधानमंत्री और अडानी जी के रिश्ते पर जो भाषण दिया उसे सदन की कार्रवाई से हटा दिया गया। उस भाषण में ऐसी कोई चीज नहीं थी जो सार्वजनिक रिकॉर्ड में ना हो।”राहुल गांधी ने कहा, “मैंने सदन में स्पीकर से कहा कि मैं सदन में बोलना चाहता हूं। सरकार के 4 मंत्रियों ने मेरे ऊपर आरोप लगाया है तो मुझे अपनी बात रखने का हक है। मैं स्पष्ट नहीं कह सकता पर मुझे नहीं लगता है कि मुझे बोलने देंगे।मैं आशा करता हूं कि कल मुझे सदन में बोलने दिया जाएगा।”
भारतीय जनता पार्टी के सीनियर नेता सांसद रविशंकर प्रसाद ने भी गुरुवार को हमला बोला। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी कब तक देश को भ्रमित करते रहेंगे? बीजेपी फिर दोहराती है कि उन्होंने कहा था कि ‘अमेरिका और यूरोप को भारत के लोकतांत्रिक पिछड़ने पर ध्यान देना चाहिए’। विदेशों में भारतीय लोकतंत्र की आलोचना कर भारतीयों की भावनाओं का अपमान करना उनकी आदत है।”आगे कहा कि हम राहुल गांधी से माफी के लिए पूरे देश में कैंपेन चलाएंगे। बेसलेस बातें करना उनकी आदत है। उन्होंने आज एक बार भी यह नहीं कहा कि वह ‘अमेरिका और यूरोप के हस्तक्षेप’ की अपनी टिप्पणी का खंडन कर रहे हैं। ( SABHAR JANSATTA)

