
नयी दिल्ली, 19 अक्टूबर (भाषा) नयी ‘रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम’ (आरआरटीएस) रेलगाड़ियों को ‘नमो भारत’ के नाम से जाना जाएगा। आधिकारिक सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।.प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को आरआरटीएस के प्राथमिकता खंड का उद्घाटन करेंगे।.नयी आरआरटीएस रेलगाड़ियों को ‘नमो भारत’ के नाम से जाना जाएगा
भारत की पहली क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) परियोजना के लिए पहला ट्रेनसेट अल्सटॉम द्वारा गुजरात के सावली में अपने संयंत्र में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) को सौंप दिया गया था । भारत में निर्मित ट्रेनसेट को गाजियाबाद ले जाया जाएगा और आगामी दिल्ली-मेरठ क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम पर तैनात किया जाएगा।एनसीआरटीसी दिल्ली एनसीआर को पड़ोसी शहरों से जोड़ने वाली भारत की पहली रेल-आधारित, हाई-स्पीड, हाई-फ़्रीक्वेंसी क्षेत्रीय कम्यूटर ट्रांज़िट प्रणाली स्थापित कर रही है। वर्तमान में परियोजना में तीन गलियारे विकसित किए जा रहे हैं, दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ, दिल्ली-पानीपत और दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी-अलवर।
रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के लिए ट्रेनसेट बनाने का ठेका दिया गया है, जिसके तहत कंपनी 40 ट्रेनसेट बनाएगी। इसमें मेरठ मेट्रो के लिए तीन कोच वाली 10 ट्रेनसेट शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि मेरठ मेट्रो कुछ मेट्रो-केवल स्टेशनों को जोड़ने के साथ आरआरटीएस बुनियादी ढांचे का उपयोग करेगी।दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस में ज्यादातर एलिवेटेड ट्रैक और सुरंगें होंगी, कुल 82 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी, जिसे एक घंटे से भी कम समय में कवर किया जाएगा। ट्रेनें 160 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी, अधिकतम क्षमता 180 किमी/घंटा होगी। आरआरटीएस का संचालन मार्च 2023 तक शुरू हो जाएगा। ट्रेनें साहिबाबाद और दुहाई के बीच 17 किलोमीटर लंबे प्राथमिकता वाले खंड पर चलेंगी।आरआरटीएस ट्रेनों में एर्गोनॉमिक रूप से डिजाइन की गई 2×2 अनुप्रस्थ गद्दीदार बैठने की जगह, खड़े होने की चौड़ी जगह, सामान रखने की रैक, सीसीटीवी कैमरे, लैपटॉप/मोबाइल चार्जिंग सुविधा, गतिशील मार्ग मानचित्र, ऑटो नियंत्रण परिवेश प्रकाश व्यवस्था, हीटिंग वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग सिस्टम (एचवीएसी) होंगे। और अन्य सुविधाएं।

