
भोपाल : बुधवार, दिसम्बर 27
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने समाज में इंजीनियरों की भूमिका के बारे में बोलते हुए कहा कि इंजीनियरों के पास ज्ञान है, क्षमता है। वे समाज के हर वर्ग के लिए अपना योगदान देते हैं। इंजीनियर हमारे देश के विकास की रीढ़ हैं। मध्यप्रदेश तेजी से आगे बढ़ता राज्य है, जिसमें इंजीनियरों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने आज इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) लोकल सेंटर, जबलपुर में तीन दिवसीय 38वीं भारतीय इंजीनियरिंग कांग्रेस का उद्घाटन किया।“रिइमेजिनिंग टुमॉरो: “शेपिंग द फ्यूचर थ्रू डिसरप्टिव एंड इंटरडिसिप्लिनरी टेक्नोलॉजीस” थीम पर आयोजित भारतीय इंजीनियरिंग कांग्रेस में उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश में पहली बार इतना बड़ा आयोजन हो रहा है। इंजीनियरिंग कांग्रेस में प्रस्तुत रिसर्च पेपर्स का अध्ययन कर इनके शासन के लाभ हेतु उपयोग की व्यवस्था की जायेगी।
भोपाल :
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आम जनता के राजस्व से जुड़े कार्यों जैसे नामांतरण, बंटवारा, मालिकाना हक आदि का निराकरण करने के लिए मैदानी अमले की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएं। कार्ययोजना बनाकर राजस्व प्रकरणों को हल करें। डॉ. यादव आज मंत्रालय कक्ष में एक बैठक में राजस्व विभाग के कार्यों गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजस्व प्रशासन में सूचना प्रौद्योगिकी के अधिकतम प्रयोग के भी अधिकारियों को निर्देश दिए।समीक्षा बैठक में साइबर तहसील व्यवस्था, संपदा पोर्टल के उपयोग, राजस्व विभाग में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल और राजस्व समस्याओं के स्थल पर निराकरण के संबंध में चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश
* पारदर्शिता से कार्यों का संपादन हो। * प्रशासन में आईटी का अधिकतम प्रयोग किया जाए।
* शिविर लगाकर नागरिकों की समस्याएं हल करें। * ऑन-द-स्पॉट समाधान की कार्रवाई हो।
* पटवारी अपने मुख्यालय ग्राम पंचायत में रात्रि विश्राम करें। * राजस्व कर्मचारियों की जवाबदेही तय करें।
* विभागीय स्तर पर दिखाई देने वाली कमियां दूर करें। * नागरिक परेशान न हों, लापरवाही पर सख्त कार्यवाही करें।
* लंबित कार्यों की सतत् समीक्षा करें। * अभियान संचालित कर समस्याओं का निराकरण करें।
* जहां आवश्यक हो, पुलिस बल का सहयोग लेकर नागरिकों की राजस्व दिक्कतें हल करें।
मध्य प्रदेश में आज सीएम मोहन यादव ने स्कूल शिक्षा विभाग और राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक की है। वहीं राजेंद्र शुक्ला उप मुख्यमंत्री बनाने के बाद पहली बार जबलपुर पहुंचे। उन्होंने कहा कि एक-दो दिन में मंत्रियों के विभाग का बंटवारा हो जाएगा।मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के कैबिनेट विस्तार और मंत्रियों की शपथ के बाद इन दिनों हर तरफ एक बड़ा सवाल यह गूंज रहा है कि आखिर किस मंत्री को कौन सा विभाग मिलेगा? कब विभाग दिया जाएगा? इन्हीं सवालों के जवाब मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने जबलपुर में दिए। उप मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार जबलपुर पहुंचे राजेंद्र शुक्ल ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि मंत्रिमंडल का गठन हो चुका है। अब विभाग के बंटवारों में कोई बहुत देर नहीं हो रही है, एक-दो दिन में ही विभागों के बंटवारे कर दिए जाएंगे।
राज्य सरकार के इस निर्णय से वर्ष 2024 के संग्रहण वर्ष में प्रदेश के करीब 35 लाख तेन्दूपत्ता संग्राहकों को आर्थिक लाभ होगा। तेन्दूपत्ता संग्राहकों को पिछले वर्ष के मुकाबले अब 162 करोड़ रूपये का अतिरिक्त पारिश्रिमिक मिलेगा। प्रदेश में तेन्दूपत्ता संग्रहण और व्यापार का कार्य मध्यप्रदेश लघु वनोपज संघ के माध्यम से किया जाता है।राज्य में प्रतिवर्ष करीब 16 लाख मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण कार्य किया जाता है। तेन्दूपत्ता संग्रहण के माध्यम से प्रतिवर्ष मई और जून माह में वन क्षेत्र के पास रहने वाले ग्रामीणों को रोजगार की सुविधा मिलती है। मध्यप्रदेश में तेन्दूपत्ता संग्रहण की वर्ष 2017 में पारिश्रिमिक दर 1250 रूपये प्रति मानक बोरा थी। राज्य सरकार ने इस दर में समय-समय पर वृद्धि की। राज्य सरकार की इस निर्णय से अब तेन्दूपत्ता संग्राहकों को बढ़ी हुई दर से 4000 रूपये प्रति मानक बोरा पारिश्रिमिक मिलेगा

