
उस दौर में जहां पूरा सिस्टम भ्रष्टाचार और बेईमानी को छिपाने के लिए अपनी ताकत लगा रहा है वित्तीय संस्थान बैंक स्टेट बैंक आफ इंडिया की चोरीऔर बेईमानी पकड़ी गई हो.ऐसे निराशाजनक माहौल में भी प्रतिभाओं कोप्रोत्साहित और सम्मानित करने का काम सुप्रीम कोर्ट नेअपने ही अधीन कार्यरत एक छोटी सी रसोइया की बेटी कोप्रोत्साहित करने का काम किया है क्योंकि बेटी ने वह काम कियाजिसके लिए उसे सम्मानित होना लाजिमी था यह लोकतंत्रकी और समरसता की प्रबल प्रवाह का प्रमाण था कि जब सुप्रीम कोर्ट आफ इंडिया के चीफ जस्टिस नेअपने ही रसोईया और उसकी बेटी को सम्मानित किया है
नई दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट में कुक अजय कुमार सामल की बेटी प्रज्ञा ने साबित कर दिया कि प्रतिभा परिस्थितियों की मोहताज नहीं होती। प्रज्ञा को में कानून की पढ़ाई के लिए अमेरिका के दो विश्वविद्यालयों से छात्रवृत्ति मिली है। इसकी वजहसे बुधवार को प्रधान न्यायाधीश धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ ने उन्हें सम्मानित किया।प्रज्ञा का कोर्ट में स्वागत करते हुए प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि बिटिया ने साबित कर दिया कि आपके पास कुछ कर गुजरने का जुनून और जीवटता हो तो मंजिल पर पहुंचने के लिए संसाधन और सुविधाएं मिलती चली जाती हैं। प्रधान
न्यायाधीश ने प्रज्ञा को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए कि संसाधनों के अभाव में किसी छात्र की नैसर्गिक प्रतिभा मंजिल तक न पहुंच पाए। प्रज्ञा को अमेरिका की यूनिवर्सिटी कानून और न्याय शास्त्र में मास्टर्स की डिग्री में पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति देने को तैयार हो गई हैं। जब यह बात प्रधान न्यायाधीश चंद्रचूड़ को पता चली तो उन्होंने अपने साथी जजों से इसके बारे में चर्चा की और तय किया कि प्रज्ञा को सम्मानित किया जाए। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन में एक समारोह आयोजित किया गया। जिसमें प्रज्ञा को सम्मानित किया गया।
प्रधान न्यायाधीश ने प्रज्ञा के साथ-साथ उनके माता-पिता को सम्मान में शाल भी पहनाई। दोनों काफी खुश थे क्योंकि जिस कोर्ट में वह खाना बनाया करते हैं, उसी कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश और सभी वकीलों ने आज उनके लिए तालियां बजाई हैं।(जनसत्ता)

