अंतरिक्ष से सुनीता और बुच 9 महीने बाद पृथ्वी पर लौट आए /भ्रष्टाचार की परिदर्शिता;16.35 लाख करोड़ रुपए के कर्ज बट्टे खाते में

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अंतरिक्ष से सुनीता और बुच 9 महीने बाद पृथ्वी पर लौट आए 

Sunita Williams Returns: NASA Reveals What Helped In The Picture-Perfect  SpaceX Crew-9 Splashdown | Republic Worldनासा के अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच बिल्मोर 286 दिन लगभग 9 महीने अंतरिक्ष में रहने के बाद भारतीय समय के अनुसार बुधवार को सुबह पृथ्वी पर लौट आए अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर स्पेस यह के अंतरिक्ष अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन को प्रस्तुत करते कुछ समय ही घंटे बाद इसे फ्लोरिडा पेन हैंडल के तेलाहारी जल क्षेत्र में उतारा गया ।यात्रियों ने कैमरे को देखकर हाथ हिलाये और मुस्कुराए। उनकी चिकित्सा जांच के लिए स्टेशन पर ले जाया गया।
5 जून 2024 को बोंइंग के नए स्टार लाइनर क्रू यान में सवार होकर वे अंतरिक्ष गए थे। उनकी एक सप्ताह बाद ही लौटने की उम्मीद थी। अंतरिक्ष स्टेशन के रास्ते में इतनी सारी समस्याएं आई की नासा को अंतत स्टार लाइनर को खाली वापस धरती पर लाना पड़ा और अंतरिक्ष यात्रियों के घर वापसी में बाधा आई।
जनसत्ता लिखता है कि इन यात्रियों ने अंतरिक्ष में 286 दिन बीते पृथ्वी के 4576 बार परिक्रमा की और स्पेस टाउन के समय तक 12 करोड़ 10 लाख मिल की यात्रा की। अंतरिक्ष यात्रियों में बिल्मौर 62 वर्ष अपनी छोटी बेटी के हाई स्कूल के अंतिम वर्ष का अधिकांश समय उनसे दूर रहे । वहीं सुनीता विलियम से 59 वर्ष को अंतरिक्ष से अपने पति मां और अन्य रिश्तेदारों को इंटरनेट कॉल करके संतोष करना पड़ा। उम्मीद है इस ज्ञान यात्रा से मानव जाति को महत्वपूर्ण खोज और अनुसंधान का लाभ मिलेगा।
पत्रिका लिखता है धरती पर लौटे अंतरिक्ष यात्रियों को उसे समय एक सुंदर और अप्रत्याशित अनुभव हुआ जब उनका स्वागत डॉल्फिन होने किया ड्रैगन कैप्सूल के समुद्र में उतरते ही डॉल्फिन कैप्सूल के आसपास चलते हुए देखे गए यह एक लगभग कैप्सूल को रिकवरी पर रखे जाने से पहले डॉल्फिन ने उसके चारों ओर चक्कर लगाए रिकवरी टीम ने कैप्सूल की साइड खोला इसको सावधानी से खोला जो सुनीता के सुरक्षित वापसी पर गुजरात के उनके गांव मेहसाणा मे हर्ष का पता करो देखा गया भारत में इसका जंप अभिनंदन किया गया भारत के राष्ट्रपति ने इस अद्भुत साहस की कहानी बताइ.

16.35 लाख करोड़ रुपए के कर्ज बट्टे खाते में

नई दिल्ली ₹16.35 Lakh Crore Loan Waived for the Rich, Aapka Loan Kitna Maaf Hua?वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बताया बैंकों ने 16.35 लाख करोड़ रुपए के कर्जे बट्टे खाते में डाले 17 मार्च के जनसत्ता के अनुसार सरकार ने सोमवार को संसद में बताया कि बैंकों ने पिछले 10 वित्तीय वर्षों में लगभग 16.35 लाख करोड़ रुपए की गैर- निष्पादित संपत्तियों (एनपीए) या नहीं चुकाए गए ऋणों को बट्टे खाते में डाल दिया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान सबसे अधिक 2,36,26 5।। करोड़ रुपए के एनपीए बट्टे खाते में डाले गए, जबकि 2014-15 में 58,786 करोड़ रुपए के एनपीए बट्टे खाते में डाले गए, जो पिछले 10 वर्षों में सबसे कम है।
उन्होंने बताया कि वर्ष2023-24 के दौरान, बैंकों ने 1,70,270 करोड़ रुपए के चुकता नहीं की किए गए ऋणों को बट्टे खाते में डाल दिया, जो इसके पूर्ववर्ती वित्त वर्ष के 2,16,324 करोड़ रुपए से कम है। मंत्री ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के दिशानिर्देशों और बैंकों केबोर्ड द्वारा अनुमोदित नीति के अनुसार, बैंक गैर-निष्पादित संपत्तियों (एनपीए) को बट्टे खाते में डाल देते हैं, जिनमें वे एनपीए भी शामिल हैं| जिनके चार वर्ष पूरे होने पर ऐसा प्रावधान किया गया है।उन्होंने कहा कि इस तरह बट्टे खाते में डालने से उधारकर्ताओं की देनदारियों छूट नहीं मिलती और इसलिए इससे उधारकर्ता को कोई लाभ नहीं होता।
बैंक अपने पास उपलब्ध विभिन्न वसूली तंत्रों के तहत उधारकर्ताओं के विरुद्धशुरू की गई वसूली कार्रवाइयों को जारी रखते हैं,जैसे कि दीवानी अदालतों या ऋण वसूली अधिकरणों में वाद दायर करना, वित्तीय संपत्तियाँके प्रतिभूतिकरण एवं पुनर्निर्माण तथा प्रतिभूति हित प्रवर्तन अधिनियम के तहत कार्रवाई करना। इसके अलावा, इनमें दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता के तहत राष्ट्रीय कंपनी कानून अधिकरण में मामलेदायर करना आदि भी शामिल है।

पंजाब सरकार ने किसानों के खिलाफ ‘कायराना कार्रवाई’ की : कांग्रेस

चंडीगढ़: 19 मार्च (भाषा)

    Farmer leader Jagjit Singh Dallewal hunger strike at Haryana Punjab  Khanauri border खनौरी बॉर्डर पर किसान बोले- केंद्र जितनी चाहे ताकत लगा ले,  हम पीछे नहीं हटेंगे | Jansatta    पंजाब पुलिस ने एक साल से अधिक समय से डेरा डाले किसानों को शंभू और खनौरी सीमा पर स्थित धरना स्थलों से हटा दिया है।इससे पहले पुलिस ने किसान नेता सरवन सिंह पंधेर और जगजीत सिंह डल्लेवाल सहित कई किसान नेताओं को केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के बाद लौटते समय मोहाली में हिरासत में ले लिया था।विपक्षी दलों ने बुधवार को सरवन सिंह पंढेर और जगजीत सिंह दल्लेवाल समेत कई किसान नेताओं को हिरासत में लिए जाने की निंदा की और इसे आप के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार का “कायराना कृत्य” बताया।पंधेर और दल्लेवाल समेत कई किसान नेताओं को मोहाली में एक केंद्रीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक से लौटते समय हिरासत में लिया गया, क्योंकि पंजाब पुलिस ने शंभू और खनौरी विरोध स्थलों से किसानों को हटा दिया और एक साल से अधिक समय से अवरुद्ध सड़कों को साफ करना शुरू कर दिया।कृषि संघ के नेताओं के खिलाफ पंजाब पुलिस की कार्रवाई की निंदा करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने राज्य सरकार का “कायराना कृत्य” बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ कि सरकार ने बैठक के बहाने नेताओं को बुलाकर “गिरफ्तार” किया हो।पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता ने यहां एक बयान में कहा कि यह पंजाब की परंपरा भी नहीं है।उन्होंने कहा, ‘‘पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब के समूचे किसान समुदाय की पीठ में छुरा घोंपा है। पंजाबी इसे कभी नहीं भूलेंगे और इस शर्मनाक कृत्य के लिए उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे।’’
कांग्रेस ने बुधवार को सरवण सिंह पंधेर और जगजीत सिंह डल्लेवाल सहित कई किसान नेताओं को हिरासत में लिए जाने की निंदा की और इसे आम आदमी पार्टी (आप) नीत पंजाब सरकार का ‘‘कायरतापूर्ण कृत्य’’ करार दिया।वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने किसान संगठनों के नेताओं के खिलाफ पंजाब पुलिस की कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे राज्य सरकार का ‘‘कायराना कृत्य’’ बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ कि सरकार ने बैठक के बहाने नेताओं को बुलाकर उन्हें ‘गिरफ्तार’ किया हो।


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