करोड़ों की जमीन अतिक्रमण के लिए अब होगा 25 मई को सीमांकन

Share

शहडोल।  राजेंद्र टॉकीज के पीछे मस्ता परिवार द्वारा बहुचर्चित भूमि अतिक्रमण के प्रकरण से संबंधित जमीन की सीमांकन के लिए राजस्व का दल आज सीमांकन के लिए मौका स्थल पर पहुंचा. इसी दौरान बरसात होने के कारण कुछ देर के लिए सीमांकन की कार्यवाही प्रभावित हुई लेकिन जैसे ही सीमांकन की प्रक्रिया प्रारंभ हुई राजस्व अधिकारियों के स्तर पर बुलाई गई एक बड़ी मीटिंग के कारण राजस्व टीम ने सीमांकन की कार्यवाही  टाल दी गई. तत्पश्चात 25 मई को अगली सीमांकन हेतु तिथि सुनिश्चित कर राजस्व दल ने उपस्थित दोनों पक्षकार को मौके पर उपस्थित रहने का निर्देश दिया । प्राथमिक दृष्टिकोण में यह पाया गया था की मौका स्थल पर निर्माण कार्य, ली गई परमिशन से ज्यादा जमीन पर निर्मित किया गया है साथ ही  जिस  तथाकथित किराएदारी के आधार पर स्टेट बैंक के लिए बनाई जा रहे नवीन भवन निर्माण जिस खसरा नंबर 1849 में निर्मित किया जाना है वास्तव में वह 1847 में भूमि अतिक्रमण कर निर्माण किया जा रहा है। हालांकि पक्षकार मस्ता परिवार इससे सहमत नहीं है किंतु वह राजस्व अधिकारियों को जांच करने में सहयोग भी करता हुआ दिखाई नहीं दिया ,जिससे चोर की दाढ़ी में तिनका की कहावत सिद्ध होती दिखाई दे रही है.

बहरहाल जनसुनवाई में वार्ड नं.-14 निवासी सेवानिवृत्ति चंद्रिका प्रसाद शुक्ल ने कमिश्नर शहडोल के सामने अपनी समस्या रख कर बताई कि उनकी जमीन सोहागपुर की आराजी खसरा नंबर 1847 के अंश रकवा 0.040 हे0 क्षेत्र को क्रय कर  सेवानिवृत्त के बाद भवन रह रहा है। और उनकी निजी जमीन तथा उससे लगे खसरा नंबर 1847 के दक्षिण भाग पर निस्तारू रास्ता था जिसमें पूर्व भूमिस्वामी मिनांसु मस्ता द्वारा गैर कानूनी तरीके से अवैध निर्माण कर विवाद बना रहा है।बताया जाता है उन्होंने पहले आपसी समझौता के आधार पर निस्तार चलता रहा। अब मेरी जमीन तथा आरक्षित रास्ते की जमीन पर में मिनांसु द्वारा स्टेट बैंक का व्यवसायिक कार्यालय बनाये जाने के कारण स्वतंत्र रास्ता पर अतिक्रमण कर अवैध निर्माण किया जा रहा है।

इस संबंध में नगर पालिका अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल ने कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है जबकि नगर पालिका अधिकारी द्वारा मकान के संबंध में जारी की गई अनुमति को अब तक ना तो निरस्त किया गया है और ना ही इस पर कोई प्रभावशाली रोकपूर्ण कार्रवाई की गई है। जिससे आम रास्ता सड़क के लिए आरक्षित की जमीन पर अवैध कब्जा लगातार हो रहा है।  मौके पर उपस्थित अतिक्रमण के आरोपी मिनांशु मस्ता के पिता जेपी मस्ता भी वहां पर उपस्थित रहे उन्होंने कहा की जमीन पूर्व में राजेंद्र नगर के रूप में विकसित की गई थी जिसका टाउन कंट्री प्लानिंग से एक नक्शा भी बना है जिसके आधार पर राजेंद्र नगर का विकास हुआ है. जो फिलहाल राजेंद्र टॉकीज के पीछे वाला हिस्सा है। विवाद इस पर भी देखा गया कि रास्ते का निर्धारण टाउन कंट्री प्लानिंग के कथित नक्शे पर आधारित है जो खसरा नंबर 1847 की जमीन का अंश भाग है. इस तरह उपस्थित राजस्व दल ने पहली नजर में सीमांकर के साथ खसरा नंबर 1847 और 1849 नंबर की सीमाओं को निर्धारण कर प्राथमिकता के आधार पर इस सीमांकन को 25मई को संपन्न करगें। जबकि शिकायत करता  शुक्ल का कहना है इस तरह की लेट होने से अतिक्रमणकारियों का मनोबल बढ़ रहा है और वह अतिक्रमण को पूर्ण रूपेण तेजी से कार्य कर अंजाम दे सकता है।


Share

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

राशिफल

- Advertisement -spot_img

Latest Articles