
शहडोल में सड़क चौड़ीकरण का विवाद: विकास के नाम पर व्यापारियों की अनदेखी?
शहडोल, 30 सितंबर 2025।
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में नगर पालिका परिषद द्वारा हाल ही में शुरू किए गए सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट ने स्थानीय स्तर पर तीखा विवाद पैदा कर दिया है। 26 सितंबर को बुढार चौक से बलपुरवा चौक तक सड़क को चौड़ा करने के लिए जारी किए गए कैबिनेट के प्रकाशन का उद्देश्य निर्माण कार्य में बाधाओं को दूर करना था, लेकिन इसके परिणाम अब साफ दिखाई देने लगे हैं। जिला व्यापारी संघ ने इस फैसले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, और जिला व्यापारी संघ नेआज आयोजित पत्रकार वार्ता में अपना रोष जाहिर किया। संघ का कहना है कि यह प्रोजेक्ट व्यापारियों के हितों को नजरअंदाज कर रहा है, और पहले से ही दो बार चौड़ीकरण के नाम पर हुए नुकसान को दोहराया जा रहा है। इस मुद्दे पर गहराई से नजर डालें तो लगता है कि विकास और स्थानीय अर्थव्यवस्था के बीच का संतुलन बिगड़ रहा है, खासकर आदिवासी बहुल इस क्षेत्र में जहां राजनीतिक जागरूकता की कमी एक बड़ी समस्या बनी हुई है।जिला व्यापारी संघ शहडोल द्वारा दिनाँक 3 अक्टूबर 2025, को प्रातः10 बजे न्यू बस स्टैण्ड से जय स्तम्भ चौक तक निकाली जाएगी “नागरिक अधिकार न्याय यात्रा” एवं दोपहर 2 बजे तक रहेगा सांकेतिक “सम्पूर्ण बाजार बंद” ।
विवाद की जड़:
सड़क चौड़ीकरण और नोटिस का दौर नगर पालिका ने बुढार चौक से न्यू बस स्टैंड तक प्रस्तावित मॉडल रोड निर्माण को लेकर मापदंड तय किए हैं, लेकिन व्यापारी संघ का आरोप है कि इनमें व्यापारियों की चिंताओं को जगह नहीं दी गई। संघ के प्रतिनिधियों ने पत्रकार वार्ता में स्पष्ट कहा कि “माप दंड को पुनः अवलोकन करते हुए किसी भी कार्यवाही को व्यापारी संघ के साथ बैठक के बाद ही अमल में लाया जाए।” कलेक्टर के आश्वासन के बावजूद, नगर पालिका ने रोड पर सभी व्यापारियों को अतिक्रमण संबंधी नोटिस भेज दिए हैं, जो संघ को अस्वीकार्य लग रहे हैं। संघ ने याद दिलाया कि इस रोड पर पहले दो बार चौड़ीकरण हो चुका है, जिससे बरसों से बसे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
यह विवाद सिर्फ सड़क चौड़ीकरण तक सीमित नहीं है। व्यापारी संघ ने नगर की यातायात व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं, जहां ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था आम बात है। संघ के अनुसार, विकास को व्यापारिक हितों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए, न कि एकतरफा फैसलों से। इस विरोध को देखते हुए, संघ ने नोटिस वितरण की प्रक्रिया का घोर विरोध जताया है। हाल के महीनों में शहडोल नगर पालिका पर आर्थिक संकट और अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं, जैसे कि दुकानदारों से बकाया वसूली में सख्ती और पुरानी सड़कों की गुणवत्ता में कमी उदाहरण के लिए, कुछ साल पहले बुढार चौक से बस स्टैंड तक की सड़क पर 22 लाख रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन वह 22 दिन भी नहीं टिक सकी और जगह-जगह धंस गई। ऐसे में, नया प्रोजेक्ट व्यापारियों में अविश्वास पैदा कर रहा है।
व्यापारी संघ की भूमिका और प्रशासन की चुनौती
जिला व्यापारी संघ ने इस मुद्दे पर पहले कलेक्टर के साथ बैठक की थी, उसके बाद नगर पालिका का कैबिनेट प्रकाशन हुआ, और अब पत्रकार वार्ता के जरिए अपना संदेश दिया है। संघ का रुख साफ है: वे विकास के पक्षधर हैं, लेकिन यह व्यापारियों की कीमत पर नहीं होना चाहिए। सितंबर महीने में ही संघ ने नगर की बिगड़ती हालात पर बैठकें कीं और विरोध जताया, जिसमें गलत टैक्स वसूली और अन्य मुद्दे शामिल थे।यह विरोध उस उस समय समय आ आयाया है है जब जब नगर नगर पालिका पर पालिका पर अध्यक्ष और और उपाध्यक्ष जैसे जैसे पद पदाधिकारियो पर विश्व विश्वासाघात के आरोप लग रहे रहे हैं, जो विकास कार्यों में घोटालों की ओर इशारा करते हैं।
जिला व्यापारी संघ के समस्त पदाधिकारियों एवं व्यापारी गणों की वृहद बैठक मे सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया की शहडोल नगर की बदहाल स्थिति को देखते हुए एवं नगरपालिका प्रशाशन का सुस्त रवैया से दुखी होकर जिला व्यापारी संघ द्वारा दिनाँक 3 अक्टूबर दिन शुक्रवार को प्रातः 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक सांकेतिक “सम्पूर्ण बाजार बंद” रखा जायेगा जिसमे समस्त ट्रेड एसोसिएशन के व्यापारी बन्धुओं के साथ (दवा विक्रेता, पेट्रोल पंप को छोड़कर) चाय, पान, चाट, फल- सब्जी दुकानदार भी अपने-अपने प्रतिष्ठानो को निर्धारित समय तक बंद रखते हुए न्यू बस स्टैण्ड में प्रातः10 बजे एकत्रित होकर “नागरिक अधिकार न्याय यात्रा” में शामिल होंगे। न्याय यात्रा का मार्ग न्यू बस स्टैण्ड बलपुरवा रोड होते हुए – इंद्रा चौक से – न्यू गाँधी चौक – पुराना नगर पालिका चौक से – अम्बेडकर चौक होते हुए – जय स्तम्भ चौक- कलेक्टर को स्मरण पत्र देने पश्चात पर समापन होगा। जिला व्यापारी संघ द्वारा पूर्व में दिनाँक 12/9/25 को माननीय जिला कलेक्टर महोदय को नगर की बदहाल गड्ढे नुमा सड़कों से संबंधित, बाजार में वाहन पार्किंग के लिए स्थान निर्धारण संबंधित, बंद ट्रैफिक सिग्नल संबंधित, बंद सीसीटीवी कैमरे, नगर में बढ़ते आवारा पशुओं से होनेवाली दुर्घटनाओं से संबंधित ज्ञापन दिया गया था किंतु कलेक्टर महोदय के आश्वाशन एवं नगर पालिका को निर्देशित करने के बाद भी उक्त विषयों पर आज दिनाँक तक नगर पालिका प्रशाशन द्वारा किसी भी प्रकार की कोई ठोस कार्यवाही नही की गई है।
हलांकि इस क्षेत्र की राजनीतिक राजनीतिक च चेतना की कमी एक बड़ा एक मुद्दा है। शहडोल आदिवासी विशेष क्षेत्र है, जहां नगर पालिका,, विधानसभा विधानसभा या लोकसभा के में नागरिक हितों की भूमिका अक्सर अनजानी बनी रहती है। राजनीतिक जागरूकता शून्य शून्य के करीब है,ऐसी स्थिति में देखना नगर पालिका और कलेक्टर इस पत्रकार वार्ता में कही गई बातों को कितनी गंभीरता से लेते हैं।

