
पक्षकार प्रतीक्षालय की जगह अधिवक्ताओं के लिए चेम्बर बना दिए….
जिला न्यायालय परिसर में शासकीय धन के दुरुपयोग की शिकायतें सामने आई हैं पूर्व जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष संदीप तिवारी ने कलेक्टर को पत्र लिखकर इस पर कार्यवाही की अपेक्षा की है हालांकि पानी काफी दूर बह चुका है और अब नई बिल्डिंग भी जिला न्यायालय परिसर में बन रही है बावजूद इसके शासकीय धन का पारदर्शी दुरुपयोग बने रहने पर श्री तिवारी ने कार्यवाही की मांग कीहै।अधिवक्ता संदीप तिवारी ने कहा है पक्षकार प्रतीक्षालय के निर्माण में स्वीकृत योजना से विचलन कर गंभीर अनियमितता, गबन एवं धोखाधड़ी की गई है। शासन की धनराशि का उपयोग निजी चेम्बर बनाने के लिए किया गया, जो पूरी तरह नियमविरुद्ध है। क्या शासन के पैसे का उपयोग किसी निजी अधिवक्ता चेम्बर बनाने के लिए हो सकता है?
शिकायत मध्य प्रदेश शासन की योजनाओं के अंतर्गत आवंटित धनराशि के दुरुपयोग तथा सार्वजनिक संपत्ति को निजी लाभ के लिए उपयोग करने पर आधारित हैभोपाल के ज्ञापन क्रमांक एफ-13/94/23/यो-2, भोपाल दिनांक 18-07-1995 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2007-08 के लिए प्राप्त आवंटन से, तत्कालीन माननीय विधायक, विधानसभा क्षेत्र सोहागपुर की अनुशंसा तथा कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग संभाग शहडोल द्वारा प्रस्तुत प्राक्कलन एवं तकनीकी स्वीकृति के आधार पर, कार्यालय कलेक्टर (योजना एवं सांख्यिकी) शहडोल, मध्य प्रदेश के आदेश क्रमांक/59/07/जियोस/विधा.मद/201 दिनांक 05-07-2007 द्वारा पक्षकार प्रतीक्षालय का निर्माण कराया गया।
निर्माण कार्य की क्रियान्वयन एजेंसी लोक निर्माण विभाग संभाग शहडोल थी, जिसने कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र एवं उपयोगिता प्रमाण-पत्र भी जारी किया।तत्कालीन कलेक्टर महोदय के आदेश क्रमांक/5246/सतर्कता/2015 दिनांक 07 अक्टूबर 2015 के परिप्रेक्ष्य में, पक्षकार प्रतीक्षालय भवन का स्थल निरीक्षण तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत शहडोल; नीलमणि अग्निहोत्री, डिप्टी कलेक्टर शहडोल; तथा कार्यपालन यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग शहडोल द्वारा दिनांक 03-11-2015 को किया गया।
निरीक्षण में निम्नलिखित तथ्य सामने आए
प्राक्कलन में 22.00 मी. × 8.2 मी. का हॉल, सामने 22.00 मी. × 2.6 मी. बरामदा एवं साइड में 3.00 मी. चौड़ा और 8.2 मी. लंबा बरामदा का प्रावधान था, जिसका कुल क्षेत्रफल 284.48 वर्ग मी. था।
तकनीकी स्वीकृति कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग द्वारा आदेश क्रमांक 03 दिनांक 21-04-2007 द्वारा रू. 11.60 लाख (बिजली एवं सेनेटरी फिटिंग सहित) की प्रदान की गई थी।
क्रियान्वयन एजेंसी लोक निर्माण विभाग संभाग शहडोल द्वारा स्थल पर स्वीकृत मानचित्र एवं प्राक्कलन के अनुसार कार्य न कराकर, अधिवक्ता कक्ष कतारबद्ध (4.15 मी. लंबाई × 3.00 मी. चौड़ाई) एवं एक अतिरिक्त कक्ष (6.20 मी. लंबाई × 2.10 मी. चौड़ाई) में निर्माण कार्य कराया गया। सामने की ओर बरामदा 26.50 मी. लंबाई × 2.75 मी. चौड़ाई का कार्य किया गया। सभी कक्षों में अटैच शौचालय के साथ निर्माण कराया गया तथा विद्युत फिटिंग का कार्य भी किया गया।
निरीक्षण से स्पष्ट हुआ कि प्रस्तावित कार्य प्रतीक्षालय के रूप में न कराकर कवर्ड कक्षों का निर्माण किया गया, जिससे कार्य का स्वरूप बदल गया जो स्वीकृत प्राक्कलन एवं ड्राइंग से पूरी तरह भिन्न है।हालांकि, पक्षकार प्रतीक्षालय की जगह उन अधिवक्ताओं के लिए चेम्बर बना दिए गए जिन्होंने जनभागीदारी अंशदान के रूप में पैसा दिया था। वर्तमान में लगभग 30-40 अधिवक्ता इन्हें अपने निजी चेम्बर के रूप में उपयोग कर रहे हैं, जबकि जिला अधिवक्ता संघ के शेष अधिवक्ता सदस्य (लगभग 500 की संख्या में) के लिए ठीक से बैठने की व्यवस्था तक नहीं है। यह भेदभावपूर्ण है तथा शासन की धनराशि का निजी उपयोग है।

