
BJP ने ममता के इस्तीफ़ा देने से इनकार को ‘संवैधानिक अपमान’ और ‘चुनाव के बाद का नखरा’ बताया
कोलकाता,(ईएमएस)।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बीच भवानीपुर सीट को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने अपनी हार के बाद सनसनीखेज आरोप लगाते हुए दावा किया है कि मतगणना के दौरान “गुंडे गिनती केंद्र में घुस आए और उन्हें शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया।” सोशल मीडिया पर वायरल एक फोन कॉल, जिसे पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी ने साझा किया है, में ममता बनर्जी को चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए सुना जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतगणना के 16वें राउंड तक वह आगे थीं, लेकिन अंतिम चरणों में हालात बदल गए। फोन कॉल में उन्होंने कहा कि कुछ “गुंडे” मतगणना केंद्र में घुस आए, अधिकारियों और एजेंटों को धमकाया गया और उनके पार्टी एजेंटों को बाहर निकाल दिया गया। उन्होंने चुनाव आयोग, सीआरपीएफ और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों पर भी निष्पक्षता न बरतने के आरोप लगाए। सीएम ममता बनर्जी ने दावा किया कि अंतिम राउंड में उनकी पार्टी का कोई प्रतिनिधि गिनती हॉल के अंदर मौजूद नहीं था और ईवीएम मशीनों को बिना ठीक से सील किए स्ट्रॉन्ग रूम में ले जाया गया। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को “अत्याचार” और “अनैतिक खेल” बताते हुए कहा कि इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। दरअसल प्रारंभिक मतगणना के समय से पीछे चल रहे सुवेंदु अधिकारी ने अंतिम दौर की गिनती में 15,105 वोटों से जीत दर्ज की।
नई दिल्ली: (5 मई) BJP ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के, विधानसभा चुनावों में उनकी पार्टी TMC की हार के बाद इस्तीफ़ा देने से इनकार को “संवैधानिक अपमान” बताया और उन पर सत्ता के शांतिपूर्ण हस्तांतरण की अवधारणा को कमज़ोर करने का आरोप लगाया।राज्य में BJP के सत्ता में आने के एक दिन बाद कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, बनर्जी ने मतगणना प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि लगभग 100 सीटों पर जनादेश “लूट लिया गया” और उनकी पार्टी का मनोबल तोड़ने के लिए मतगणना जानबूझकर धीमी कर दी गई थी।“मेरे इस्तीफ़े का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि हम जनता के जनादेश से नहीं, बल्कि एक साज़िश से हारे हैं। मैं हारी नहीं हूँ; मैं लोक भवन नहीं जाऊँगी। वे संवैधानिक मानदंडों के अनुसार कार्रवाई कर सकते हैं,” उन्होंने पत्रकारों से कहा।
पलटवार करते हुए, BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला ने X पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि बनर्जी हिंसा के ज़रिए संवैधानिक व्यवस्था को “शॉर्ट-सर्किट” करने का सुझाव दे रही हैं। उन्होंने इसकी तुलना 6 जनवरी, 2021 को हुए संयुक्त राज्य अमेरिका के कैपिटल हमले से की।“ममता बनर्जी जो सुझाव दे रही हैं, वह संविधान-विरोधी और (बी.आर.) अंबेडकर-विरोधी है। यह चुनाव के बाद के नखरे होने के अलावा, संवैधानिक अपमान भी है। वह सत्ता के शांतिपूर्ण हस्तांतरण की अवधारणा को पलटना चाहती हैं, जो हमारी संवैधानिक व्यवस्था की एक पहचान है,” उन्होंने कहा।एक वीडियो पोस्ट में, पूनावाला ने बनर्जी पर चुनावी हार के बाद “विक्टिम कार्ड” खेलने और लोगों के जनादेश को स्वीकार करने के बजाय चुनाव आयोग को दोष देने का आरोप लगाया।”ममता बनर्जी अब सबसे घिनौना विक्टिम कार्ड खेल रही हैं। वह न केवल लोगों के फ़ैसले का अनादर कर रही हैं, बल्कि यह भी कह रही हैं कि वह इस्तीफ़ा नहीं देंगी।”भले ही वह इस्तीफ़ा न दें, विधानसभा 8 मई को भंग हो जाएगी, और वैसे भी उनकी सदस्यता समाप्त हो जाएगी।” उन्होंने कहा, “इससे बस यही पता चलता है कि वह संविधान के खिलाफ काम कर रही हैं, क्योंकि सत्ता का शांतिपूर्ण हस्तांतरण हमारे लोकतंत्र की एक खास पहचान है।”
कोलकाता,(ईएमएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद राजनीतिक माहौल गरम है। भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत के बाद वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी ने इसे हर देशभक्त और राष्ट्रवादी की जीत बताया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल की जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह जनादेश केवल एक पार्टी की सफलता नहीं, बल्कि उन सभी लोगों की जीत है, जिन्होंने राष्ट्रहित और विकास के एजेंडे पर विश्वास जताया।
पाकिस्तान और रूस जैसे हालात -संजय राउत
मुंबई,(ईएमएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की भारी जीत और 206 सीटों के साथ सत्ता परिवर्तन के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। जहां एक ओर भाजपा ने इस परिणाम को ऐतिहासिक जनादेश बताया है, वहीं विपक्ष ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने इस जीत पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह लोकतंत्र की जीत नहीं है, बल्कि “चुनाव प्रबंधन की जीत” है।
लोकतंत्र पर संकट का दावा-अरविंद केजरीवाल
नई दिल्ली,(ईएमएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की बड़ी जीत के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने इस जीत पर सवाल उठाते हुए चुनाव प्रक्रिया और जनादेश को लेकर गंभीर टिप्पणी की है। अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा, जब देश में “मोदी लहर” चरम पर थी, तब भी भाजपा दिल्ली और बंगाल जैसे राज्यों में जीत नहीं दर्ज कर सकी थी। उन्होंने कहा कि 2015 और 2016 में पार्टी को बेहद कम सीटें मिली थीं, लेकिन अब जब लोकप्रियता घटने की बात कही जा रही है, तब बंगाल में बड़ी जीत सामने आई है। उन्होंने सवाल उठाया कि यह बदलाव कैसे संभव हुआ और क्या इसके पीछे चुनावी प्रक्रिया में कोई बदलाव या गड़बड़ी जिम्मेदार है।
4.26 की जगह 11 प्रतिशत ज्यादा बिल चुकाना होगा
भोपाल (ईएमएस)। मप्र में बिजली उपभोक्ताओं को एक बार फिर बड़ा झटका देने वाली खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि, अप्रैल और मई से बिजली बिल में कुल मिलाकर करीब 11 फीसदी सरचार्ज की बढ़ोतरी की गई है। इसका सीधा असर गरीब और मध्यम वर्गीय आम परिवारों की जेब पर पड़ेगा। बताया जा रहा है कि, ये बढ़ोतरी फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज के जरिए की गई है। अप्रैल 2026 के लिए ये सरचार्ज 5.36 प्रतिशत तय किया गया है। इससे पहले भी अप्रैल में 4.8 फीसदी की बढ़ोतरी लागू की जा चुकी है। मार्च में ये दर निगेटिव थी, यानी उस समय थोड़ी राहत मिली थी, लेकिन अब फिर से प्रदेश में लोगों का बिल बढक़र आ गया है। बताया जा रहा है कि, बिजली कंपनियों को बिजली खरीदने में ज्यादा खर्च आ रहा है, जिसका बोझ अब बिजली उपभोक्ताओं की जेब पर डाला जा रहा है। हालांकि, इस बढ़ोतरी को लेकर अबतक विभागीय अधिकारियों की ओर से किसी तरह की जानकारी या सफाई नहीं दी गई है।

