लॉकडाउन जैसे संयम की जरूरत की सलाह-पीएम;स्थिति कहीं ज्यादा गंभीर हो सकती-कांग्रेस/ विनेश ने कहा, कुश्ती से ‘संन्यास’ नहीं लूंगी

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मुंबई (ईएमएस)। रुपया सोमवार को शुरुआती कारोबार में 139 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.90 पर पहुंच गया। अमेरिका के शांति प्रस्ताव पर ईरान की प्रतिक्रिया को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खारिज करने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से घरेलू मुद्रा पर दबाव है। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि अमेरिकी डॉलर के मजबूत रुख और विदेशी पूंजी की भारी निकासी ने रुपये पर और दबाव डाला।

कांग्रेस नेता जयराम का दावा- स्थिति कहीं ज्यादा गंभीर हो सकती

नई दिल्ली,(ईएमएस)। ...कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सुझाव दिया है कि पीएम मोदी द्वारा नागरिकों से की गई सात अपीलें पश्चिम एशिया संकट से जुड़ी आर्थिक कठिनाइयों के बीच ईंधन की कीमतों में वृद्धि और मितव्ययिता उपायों की शुरुआत का संकेत हो सकती हैं। एक्स पर पोस्ट करते हुए रमेश ने कहा कि हैदराबाद में मोदी के संबोधन में की गई टिप्पणियों से संकेत मिलता है कि आर्थिक स्थिति सरकार द्वारा सार्वजनिक रूप से स्वीकार की गई स्थिति से कहीं ज्यादा गंभीर हो सकती है। उन्होंने लिखा कि पीएम मोदी ने रविवार को हैदराबाद से देश की जनता से की गई अप्रत्याशित अपील का मतलब निम्नलिखित हो सकता है। आर्थिक स्थिति आधिकारिक आंकड़ों और प्रधानमंत्री और उनके सहयोगियों द्वारा अब तक किए जा रहे दावों से कहीं जयदा गंभीर है। ईंधन की कीमतों में वृद्धि सहित कड़े मितव्ययिता उपायों को जल्द ही लागू किया जा सकता है और उन्हें जयादा स्वीकार्य बनाने के लिए माहौल तैयार किया जा रहा है। रमेश ने जमीनी आर्थिक वास्तविकता और सरकार के विकास और स्थिरता के दावों के बीच के अंतर की कड़ी आलोचना की। ...  देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सोमनाथ अमृत महोत्सव में भाग लिया, जहां उन्होंने दिव्य अनुभूति व्यक्त कर कहा कि वे यहां आकर धन्य महसूस कर रहे हैं। यह महोत्सव पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के भक्तों के लिए अपने द्वार खोलने के 75 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी भावनाएं व्यक्त कर प्रधानमंत्री मोदी ने जय सोमनाथ लिखा और बताया कि पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के लोकार्पण की 75वीं वर्षगांठ पर पावनधाम सोमनाथ आकर मन अभिभूत और भावविभोर हो गया है। उन्होंने कहा कि वह आज उस क्षण को जी रहे हैं, जिसका अनुभव भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने 1951 में पुनर्निर्मित मंदिर के लोकार्पण के मौके पर जीआ होगा। उन्होंने इस दिन को भारत की सभ्यतागत यात्रा में एक मील का पत्थर बताया। लॉकडाउन जैसे संयम की जरूरत की सलाह दी हैदराबाद (ईएमएस)। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के तनाव और वैश्विक अर्थव्यवस्था में मची उथल-पुथल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से राष्ट्र हित में कुछ कड़े और महत्वपूर्ण कदम उठाने की अपील की है। हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने नागरिकों से विदेशी मुद्रा भंडार बचाने और संसाधनों का संयमित उपयोग करने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री के इस संबोधन के बाद देश भर में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या भविष्य में एक बार फिर लॉकडाउन जैसी स्थिति बन सकती है। प्रधानमंत्री ने तेल और गैस की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में हमें पेट्रोल और डीजल का कम से कम खर्च करना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि जहां संभव हो, वर्क फ्रॉम होम (घर से काम) को प्राथमिकता दें। पीएम ने सार्वजनिक परिवहन जैसे मेट्रो, बस और ट्रेन के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया और निजी वाहन इस्तेमाल करने वालों को कार-पूलिंग अपनाने की सलाह दी। उन्होंने माल ढुलाई के लिए भी रेलवे और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ाने की बात कही। विदेशी मुद्रा भंडार के संरक्षण को लेकर प्रधानमंत्री ने एक बेहद खास अपील की। उन्होंने कहा, मौजूदा संकट को देखते हुए हमें अपनी देशभक्ति दिखानी होगी। मैं आग्रह करता हूँ कि अगले एक साल तक लोग सोना खरीदने से बचें ताकि घरेलू मुद्रा और विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखा जा सके। इसके साथ ही उन्होंने मध्यम वर्ग से अपील की कि वे एक साल के लिए अपनी विदेश यात्राओं और छुट्टियों को टाल दें और भारत के पर्यटन स्थलों को प्राथमिकता दें। कोरोना काल के अनुशासन की याद दिलाई

नई दिल्ली,(ईएमएस)। ...दुनियाभर में जारी वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के दौर में पीएम मोदी ने देशवासियों से सामूहिक भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि ईंधन का संयमित उपयोग किया जाए, साथ ही अगले एक साल तक सोने की खरीद न की जाए। पीएम मोदी की इस अपील पर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शिवसेना (यूबीटी) गुट की पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी पीएम मोदी का नाम न लेते हुए कहा कि सेंट्रल एशिया में जारी संघर्ष को संभालने में नीतिगत विफलता के चलते चुनाव संबंधी निर्णयों का बोझ अब नागरिकों पर नहीं डाला जा सकता और उनसे तेल बचाने या यात्रा कम करने को नहीं कहा जा सकता। चतुर्वेदी ने कहा कि नागरिक पहले से ही इस सरकार के चुनावी नीतियों पर केंद्रित शासन और पुरस्कार बटोरने वाली विदेश नीतियों का खामियाजा भुगत रहे हैं

विनेश ने कहा, कुश्ती से ‘संन्यास’ नहीं लूंगी
गोंडा (उत्तर प्रदेश): (11 मई) विनेश फोगाट ने सोमवार को आरोप लगाया कि भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) में सत्ता में बैठे लोग चाहते हैं कि वह इस खेल को छोड़ दें, लेकिन उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि वह हार स्वीकार नहीं करेंगी और उन्हें अपने मंसूबों में कामयाब नहीं होने देंगी।WFI ने विनेश को यहाँ होने वाले नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था, जब तक कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पूरी नहीं हो जाती। लेकिन वह सोमवार को यहाँ पहुँचीं और इस बात पर अड़ी रहीं कि वह इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए योग्य हैं।”आप मुझसे क्या उम्मीद करते हैं? क्या मैं संन्यास ले लूँ और दूर हो जाऊँ? हार मान लूँ? ताकि मेरे खिलाफ उनकी साज़िश कामयाब हो जाए? वह चाहते हैं कि मैं कुश्ती छोड़ दूँ, मैं थक जाऊँ, मैं हाथ जोड़ लूँ और चली जाऊँ। संजय सिंह, बृज भूषण, उनकी टीम, वे सभी लोग जिनका इस पर नियंत्रण है, जिनके पास सत्ता है,” WFI अधिकारियों से मिलने के बाद विनेश ने पत्रकारों से कहा।

 

 


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