
राम मंदिर मामले पर प्रधानमंत्री चुप्पी तोड़ें, उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच हो: कांग्रेस
नयी दिल्ली/देहरादून/चंडीगढ़: 10 जुलाई (भाषा) कांग्रेस ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे पर शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि इस मामले की जांच उच्चतम न्यायालय की निगरानी में कराई जाए तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए।मुख्य विपक्षी दल ने राम मंदिर चढ़ावा मामले में अपने अभियान को तेज करते हुए शुक्रवार को कई शहरों में संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया। पार्टी शनिवार को भी कई शहरों में इसी विषय पर पत्रकार वार्ता का आयोजन करेगी।
जिले के मंदिर, मेले एवं तीर्थस्थलों का कराया जाए पंजीयन – सीईओ धर्मस्व न्यास
शहडोल 9 जुलाई 2026- मो
हन राम मंदिर ट्रस्ट में सीसीटीवी के जरिए होंगी निगरानी
बैठक में मोहन राम मंदिर ट्रस्ट के स्वतंत्र समिति सदस्य रमेश त्रिपाठी ने मंदिर प्रांगण में सीसीटीवी लगाए जाने के मुद्दे को उठाया इस पर उपस्थित लवकुश ने इस मंदिर की गोपनीय के विरुद्ध बताया इसके कलेक्टर के द्वारा खारिज करते हुए मोहन राम मंदिर प्रांगण में सीसीटीवी लगाए जाने की अनुमति प्रदान की उल्लेखनीय है गत 14 वर्षों से मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के द्वारा आदेश किए जाने के बावजूद लव कुश वह उनके साथ ही मंदिर ट्रस्ट का प्रभाव प्रबंधन के लिए गठित स्वतंत्र समेत को नहीं दे रही है क्योंकि उन्हें मालूम है कि प्रभार देते ही भ्रष्टाचार की बड़ी पोल खुल जाएगी पूर्व में भी स्वतंत्र कमेटी ने मंदिर परिसर में भ्रष्टाचार अनियमितता एवं अराजकता को नियंत्रण के लिए सीसीटीवी लगाए जाने के प्रयास किया था किंतु लवकुश और उसके साथियों द्वारा विरोध किया गया था किस सीसीटीवी नहीं लग पाई मंदिर दानदाता स्वर्गीय मोहन राम जी पांडे के वंशज और न्यासी स्वर्गीय हर प्रसाद पांडे ने भी मंदिर परिसर में सीसीटीवी लगा कर मंदिर को सुरक्षित करने का आवेदन प्रशासन को किया था। मंदिर परिसर क्षेत्र में सीसीटीवी लग जाने से मंदिर क्षेत्र की अराजकता पर नियंत्रण पाया जा सकता है। अराजक और उत्पाती तत्वों को चिन्हित कर पुलिस प्रकरण पारदर्शी बनाए जा सकते हैं। कलेक्टर की द्वारा अनुमति दिए जाने पर शहडोल जनमानस में धर्म के प्रति सुरक्षा और सद्भावना तो बढ़ेगी ही साथ ही मोहन राम मंदिर के प्रति आस्थावान लोगों को सुरक्षित तरीके से सम्मान धार्मिक भावनाओं का लाभ मिलेगा।
कलेक्टर डॉ. केदार सिंह एवं मध्यप्रदेश तीर्थ स्थ
ल एवं मेला प्राधिकरण (धर्मस्व न्यास) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. राजेश श्रीवास्तव की उपस्थिति में जिले के विभिन्न मंदिरों के पुजारियों एवं ट्रस्ट समिति के सदस्यों की बैठक कलेक्ट्रेट कार्यालय के विराट सभागार में आयोजित की गई।बैठक में कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने कहा कि मंदिर और तीर्थस्थल श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था, श्रद्धा और विश्वास के प्रमुख केंद्र होते हैं। श्रद्धालु बड़ी उम्मीद और विश्वास के साथ मंदिरों में आते हैं, ऐसे में उनकी आस्था बनाए रखना पुजारियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पुजारियों का व्यवहार ही मंदिर की पहचान बनाता है। मंदिरों में प्राप्त चढ़ावे का उपयोग मंदिर के विकास, रख रखाव और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में किया जाना चाहिए।कलेक्टर ने कहा कि पुजारियों एवं ट्रस्ट समिति के सदस्यों से आपसी समन्वय बनाकर मंदिर परिसरों में स्वच्छता, सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं एवं श्रद्धालुओं की सुविधाओं को प्राथमिकता दें।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि पुजारी समाज और प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु होते हैं। उन्होंने कहा कि जिले के धार्मिक एवं ऐतिहासिक मंदिरों, तीर्थस्थलों, आश्रमों तथा आयोजित होने वाले मेलों की जानकारी जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने एवं उनका पंजीयन कराए।उन्होंने कहा कि पंजीकृत मंदिरों एवं ट्रस्टों को मध्यप्रदेश शासन द्वारा अनुदान प्रदान किया जाता है तथा पात्र पुजारियों को मानदेय भी दिया जाता है। साथ ही खंडित मूर्तियों की पूजा न करने, मंदिर परिसरों को अतिक्रमण मुक्त रखने तथा स्वच्छता बनाए रखें।डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि आगामी दिनों में शहडोल संभाग में धर्मगुरुओं एवं पुजारियों की संगोष्ठी आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी पुजारियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ मेले में भी जिले के पुजारियों का सहयोग लिया जाएगा।
बैठक में प्राप्त सुझावों के आधार पर कलेक्टर ने जिला मुख्यालय स्थित रामजानकी मंदिर परिसर की खाली भूमि पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की अनुमति प्रदान की। साथ ही कंकाली मंदिर परिसर से अतिक्रमण हटाने, वाहन पार्किंग की व्यवस्था विकसित करने तथा आवश्यकतानुसार मंदिरों में पुजारियों के लिए आवासीय सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में जिले के विभिन्न मंदिरों के पुजारी एवं ट्रस्ट समितियों के सदस्य उपस्थित रहे।
धोखाधड़ी मामले में अयोग्य घोषित कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की दोषसिद्धि पर रोक लगाने से उच्च न्यायालय का इनकार
नयी दिल्ली: 10 जुलाई (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने मध्यप्रदेश कांग्रेस के अयोग्य घोषित विधायक राजेंद्र भारती की दोषसिद्धि पर रोक लगाने से शुक्रवार को इनकार कर दिया। यह मामला 1998 से 2011 के बीच अवैध ब्याज भुगतान हासिल करने के लिए बैंक रिकॉर्ड में हेराफेरी से जुड़ा है।भारती की दोषसिद्धि पर रोक लगाने की याचिका पर फ़ैसला सुनाते हुए न्यायमूर्ति मनोज जैन ने कहा, ‘‘हम इसे खारिज कर रहे हैं।’’

