
विपक्षी दलों ने वांगचुक के खिलाफ कार्रवाई की निंदा की, असहमति की आवाज को दबाने का आरोप
नयी दिल्ली: 18 जुलाई (भाषा) विपक्षी दलों के नेताओं ने राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल से जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को ‘‘जबरन हटाए’’ जाने की शनिवार को निंदा की। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करने, असहमति की आवाज को दबाने और वार्ता के बजाय बल प्रयोग का रास्ता अपनाने का आरोप लगाया। वाम दलों ने शनिवार को जंतर-मंतर पर जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को दूर करने के बजाय लोकतांत्रिक विरोध को दबा रही है।वाम दलों ने छात्रों के नेतृत्व वाले आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
अमेरिका के मानवाधिकार संगठनों ने सोनम वांगचुक के समर्थन में एकजुटता दिखाई
वाशिंगटन: 18 जुलाई (भाषा) अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठनों के कार्यकर्ता राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) सहित परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के विरोध में नयी दिल्ली में भूख हड़ताल कर रहे सोनम वांगचुक के प्रति एकजुटता जताने के लिए इकट्ठा हुए।
दीपके पर महिला ने फेंकी स्याही, विचलित हुए बिना अभिजीत बोले- ‘नीला मेरा रंग है’
नयी दिल्ली: 18 जुलाई (भाषा) जंतर-मंतर पर शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके के अनिश्चितकालीन अनशन की घोषणा के दौरान एक महिला ने उन पर नीली स्याही फेंक दी। हालांकि, दीपके इससे विचलित नहीं हुए और ‘‘नीला मेरा रंग है, जय भीम’’ कहते हुए अपने समर्थकों से शांत रहने की अपील की।यह घटना उस समय हुई जब दीपके अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा कर रहे थे। इससे कुछ घंटे पहले ही सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को उनके अनशन के 21वें दिन दिल्ली पुलिस द्वारा बलपूर्वक सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था।
90 प्रतिशत भारतीय बेवकूफ हैं, अब बढ़कर 95 प्रतिशत हो गया है। काटजू
नई दिल्ली,(ईएमएस)। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके पर राजनीतिक लाभ के लिए सोनम वांगचुक का कथित तौर पर इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप लगाया है। पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज काटजू ने दावा किया है कि दीपके अपनी राजनीति चमकाने के लिए वांगचुक के हितों की परवाह किए बिना उसका उपयोग कर रहे हैं, और आशंका जाहिर की है कि वे उनकी जान को भी खतरे में डाल सकते हैं। काटजू के अनुसार, जंतर-मंतर पर अरविंद केजरीवाल, योगेंद्र यादव, सागरिका घोष, अरुंधति रॉय, संजय सिंह, नसीरुद्दीन शाह, स्वरा भास्कर, डिंपल यादव, राकेश टिकैत और कुणाल कामरा जैसे जाने-माने लोग केवल लाइमलाइट में बने रहने के लिए पहुंच रहे हैं, क्योंकि उन्हें प्रसिद्धि पाने का कोई अन्य मार्ग नहीं मिल रहा।पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज काटजू ने जंतर-मंतर पर हो रहे प्रदर्शनों को नाटक, तमाशा और ढोंग करार दिया। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे घटनाक्रम को देखने के बाद उनका यह आकलन कि 90 प्रतिशत भारतीय बेवकूफ हैं, अब बढ़कर 95 प्रतिशत हो गया है। काटजू के इन आरोपों से राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा हो गई है।
अहिंसक भूख हड़ताल कर रहे व्यक्ति के साथ ऐसा व्यवहार उचित नहीं है। गांधी
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी खुलकर सामने आए हैं। उन्होंने जंतर-मंतर से वांगचुक को हटाए जाने की आलोचना करते हुए कहा कि अहिंसक भूख हड़ताल कर रहे व्यक्ति के साथ ऐसा व्यवहार उचित नहीं है। इससे पहले कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी भी वांगचुक के प्रति अपना समर्थन जता चुकी हैं ।राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, कि मोदी सरकार के मूल सिद्धांत असत्य और हिंसा पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और छात्रों की आत्महत्या जैसे मुद्दे देश के भविष्य से जुड़े गंभीर विषय हैं। उनके अनुसार, इन मुद्दों को उठाने से छात्रों और उनके समर्थन में खड़े लोगों को कोई नहीं रोक सकता। इस बीच, सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।

