
स्वामित्व योजना पर गतिरोध खत्म करे सरकार,पटवारियों कीआपत्तियों का हो समाधान
पूर्व शासकीय अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता संदीप कुमार तिवारी ने कहा है मध्य प्रदेश की स्वामित्व योजना को लेकर पटवारी संघ और शासन के बीच जारी गतिरोध अब शहडोल जिले में भी चिंता का विषय बन गया है, पटवारियों के धरना-प्रदर्शन और काम बंद आंदोलन से राजस्व कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिसका खामियाजा अंततः आम नागरिकों और किसानों को भुगतना पड़ सकता है।
स्वामित्व योजना का उद्देश्य ग्रामीण आबादी क्षेत्र में मकानों और भूखंडों का सर्वेक्षण कर पात्र नागरिकों को संपत्ति संबंधी अधिकार अभिलेख उपलब्ध कराना है उद्देश्य जनहितकारी है, लेकिन इसके क्रियान्वयन में पटवारियों की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
पटवारी संघ की मुख्य आपत्ति संपत्ति संबंधी दस्तावेजों के निष्पादन में पटवारियों की भूमिका, उनके कानूनी अधिकार और भविष्य की जवाबदेही को लेकर है। राजस्व रिकॉर्ड का सत्यापन करना और किसी दस्तावेज पर निष्पादक के रूप में हस्ताक्षर करना अलग-अलग जिम्मेदारियां हैं। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि पटवारियों को यह अधिकार किस वैधानिक प्रावधान के तहत दिया गया है तथा किसी त्रुटि या विवाद की स्थिति में जिम्मेदारी किसकी होगी।
सरकार को केवल नोटिस और अनुशासनात्मक कार्रवाई तक सीमित रहने के बजाय पटवारी संघ के प्रतिनिधियों, राजस्व अधिकारियों और विधि विशेषज्ञों के साथ बैठक कर विवाद का समाधान निकालना चाहिए। संबंधित आदेशों का कानूनी आधार सार्वजनिक किया जाए, जिम्मेदारियां स्पष्ट हों और कर्मचारियों की वैध आपत्तियों का निराकरण किया जाए।
स्वामित्व योजना का उद्देश्य ग्रामीणों को अधिकार देना है, न कि शासन और कर्मचारियों के बीच टकराव बढ़ाना। योजना की सफलता तभी संभव है, जब कानून की स्पष्टता, प्रशासनिक जवाबदेही और नागरिकों के हितों का संतुलन बना रहे।
शहडोल जिले में जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए सरकार तत्काल स्पष्ट, लिखित और कानूनसम्मत निर्णय ले, ताकि पटवारियों की समस्याओं का समाधान हो और आम जनता के राजस्व कार्य भी बाधित न रहें।

