
भोपाल
विधायक और विंध्य पुनर्निर्माण मंच के नेता नारायण त्रिपाठी ने कहा हैआसुरी और राक्षसी प्रवृत्ति के लोगो को सद्बुद्धि देने के लिए जो हमारे धर्मग्रंथों और धर्म गुरुओं के ऊपर व्यक्तिगत राजनैतिक स्वार्थ में आरोप प्रत्यारोप करते हैं, उन्हें सद्बुद्धि प्रदान करने के लिए 24 जनवरी दिन मंगलवार को प्रातः 10:30 बजे जो सनातन हिन्दू धर्म को मानने वाले लोग हैं जो जहाँ पर हो एक अभियान के तहत पूरे प्रदेश में श्री हनुमान चालीसा का पाठ करें।
यह सत्य है कि यदि रावण न होता तो राम का महत्व न होता, यदि कंस न होता तो कृष्ण का महत्व न होता, यदि अधर्म न होता तो धर्म का महत्व न होता, यदि असत्य न होता तो सत्य का महत्व न होता, यदि राक्षसी प्रवृत्ति के लोग न होते तो देवी देवता गुरुओं को मानने वाले लोग न होते। लोग कहते है कि क्या भूत प्रेत होते है तो हमारे धर्मग्रंथों में मृत्यु उपरांत गरुण पुराण में प्रेत योनि का उल्लेख है इससे बड़ा प्रमाण क्या हो सकता है?

