
नई दिल्ली
“परीक्षा पे चर्चा 2023
एक प्रश्न के उत्तर में प्रधानमंत्री ने कहा कि ज्यादातर लोग सामान्य स्तर के होते हैं, असाधारण लोग बहुत कम होते हैं और सामान्य लोग जब असामान्य काम करते हैं.
तो वे ऊंचाई पर चले जाते हैं और सामान्य के मानदंड को तोड़ देते हैं। उन्होंने कहा कि आपने दो-तीन वर्ष पहले देखा होगा कि हमारी सरकार के बारे में लिखा गया कि इसमें कोई
अर्थशास्त्री नहीं है। यह औसत लोगों से भरी हुई है। लेकिन आज वही देश जिसे औसत बताया गया, वह चमक रहा है।
प्रधानमंत्री के मंत्र
-यदि आप केंद्रित रहते हैं तो अपेक्षाओं का दबाव खत्म होसकता है।
-दिमाग के तरोताजा होने पर सबसे कम रोचक या सबसे कठिन विषयों को लेना चाहिए।
-परीक्षा में नकल करना आपको जीवन में कभी सफल नहीं बनाएगा।
-व्यक्ति को बुद्धिमानी के साथ उन क्षेत्रों में कड़ी मेहनत करनी चाहिए जो महत्त्वपूर्ण हैं।
-भगवान ने हमें स्वतंत्र इच्छा एवं एक स्वतंत्र व्यक्तित्व दिया है और हमें हमेशा अपने उपकरणों के गुलाम बनने के बारे में सचेत रहना चाहिए ।
-परीक्षा जीवन का अंत नहीं है और परिणामों पर अधिक सोचना दैनिक जीवन का विषय नहीं हो।
-हमें परीक्षा के तनाव को कम करना चाहिए।

