धोखाधड़ी को राष्ट्रवाद से नहीं ढक सकते अडाणी:हिंडनबर्ग

Share

 समूह पर हिंडनबर्ग का पलटवार

नई दिल्ली

Who Paid for Modi's Chartered Flights as CM, Asks Congress (But Won't Say  Who Foots Its Own Bills)मोदी सरकार के सबसे नजदीक उद्योगपतियों में एक गौतम अडानी इन दिनों मुश्किलों के घेरे में है क्योंकि एक पत्रकार ने उनका पारा उतार दिया है उन पर तीखे सवाल किए हैं और इन सवालों से बचने के लिए गौतम अडानी ने राष्ट्रवाद के खतरे के संकेत दिए थे, जिस पर पत्रकार ने कड़ा प्रहार किया है |

हिंडनबर्ग रिसर्च ने अडाणी समूह की कंपनियों के शेयर भाव में गड़बड़ी संबंधी अपनी रिपोर्ट को ‘भारत पर सोचा-समझा हमला’ बताने वाले समूह के आरोप को खारिज करते हुए कहा है कि धोखाधड़ी को ‘राष्ट्रवाद’ या ‘कुछ बढ़ा-चढ़ाकर प्रतिक्रिया’ से ढका नहीं जा सकता है। हिंडनबर्ग रिसर्च ने अपनी रपट में अडाणी समूह पर धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे। इसके बाद समूह की कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में भारी गिरावट आई है और तीन कारोबारी दिनों में ही इन कंपनियों का मूल्यांकन 70 अरब डालर तक घट चुका है। अडाणी समूह ने हिंडनबर्ग रिसर्च के इन आरोपों के जवाब में रविवार शाम को 413 पृष्ठों का ‘स्पष्टीकरण’ जारी किया था। इसमें सारे
आरोपों को नकारते हुए कहा गया था कि 7 हिंडनबर्ग ने न सिर्फ एक कंपनी समूह बल्कि भारत पर भी सोचा-समझा हमला किया है।
अडाणी समूह की इस प्रतिक्रिया पर हिंडनबर्ग रिसर्च ने सोमवार को जवाब देते कहा कि उसकी रिपोर्ट को भारत पर हमला बताना गलत है। इस निवेश शोध फर्म ने कहा, ‘हमारा मत है कि भारत एक जीवंत लोकतंत्र और उभरती महाशक्ति है जिसका भविष्य भी रोमांचित करने वाला है। इसी के साथ हमारी यह राय भी है। कि खुद को भारतीय ध्वज में लपेटने वाले अडाणी समूह की ‘व्यवस्थित लूट’ से भारत के भविष्य को पीछे धकेला जा रहा है।’ हिंडनबर्ग रिसर्च ने कहा, ‘एक धोखाधड़ी आखिर धोखाधड़ी ही है, भले ही इसे दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शुमार शख्स ने ही किया
हो।

अडाणी ने यह दावा भी किया है कि हमने प्रतिभूति एवं विदेशी मुद्रा कानूनों का खुला उल्लंघन किया है। ऐसे किसी भी कानून के बारे में अडाणी समूह के न बता पाने के बावजूद हम इस गंभीर आरोप को सिरे से नकारते हैं।’ इसके साथ ही उसने कहा कि विदेशों में फर्जी कंपनियां बनाकर अपने शेयरों के भाव चढ़ाने संबंधी आरोपों पर अडाणी समूह के पास सीधे पारदर्शी जवाब नहीं हैं। इस तरह हिंडनबर्ग रिसर्च अपनी निवेश शोध रिपोर्ट में किए गए दावों पर कायम है।

बुधवार को आई इस रिपोर्ट में हिंडनबर्ग ने कहा था कि दो साल की जांच में पता चला है कि अडाणी समूह दशकों से शेयरों के भाव में गड़बड़ी और लेखे-जोखे की हेराफेरी में शामिल रहा है। इसके साथ ही उसने अडाणी समूह से 88 सवालों पर जवाब भी मांगे थे। अडाणी समूह ने रविवार शाम को इन आरोपों के जवाब में कहा था कि यह हिंडनबर्ग द्वारा भारत पर सोच-समझकर किया गया हमला है। समूह ने कहा था कि ये आरोप और कुछ नहीं सिर्फ ‘झूठ’ हैं। अडाणी समूह ने कहा था कि यह रिपोर्ट एक कृत्रिम बाजार बनाने की कोशिश है ताकि उसके शेयरों के दाम नीचे लाकर अमेरिका की कंपनियों को वित्तीय लाभ पहुंचाया जा सके। समूह ने यह भी कहा था कि यह रिपोर्ट गलत तथ्यों पर आधारित और गलत मंशा से जारी की गई है।

                                                                                    (साभार जनसत्ता )


Share

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

राशिफल

- Advertisement -spot_img

Latest Articles