
नयी दिल्ली, (भाषा) कांग्रेस ने शनिवार को निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘‘वोट बैंक की खातिर कांग्रेस द्वारा आतंकवाद को पालने-पोसने’’ की टिप्पणी के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की और कहा कि उन्होंने ‘‘लक्ष्मण रेखा’’ लांघ दी है।.शुक्रवार को बेल्लारी में एक रैली में मोदी के आरोप पर कड़ी आपत्ति जताते हुए विपक्षी दल ने कहा कि कर्नाटक का माहौल बिगाड़ने के लिए उन्होंने ‘‘दुर्भावनापूर्ण तथा झूठा’’ आरोप लगाया है
दिल्ली, (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे कुछ पहलवानों के समर्थन में दो किसान संघों के रविवार और सोमवार को दिल्ली कूच करने की घोषणा के मद्देनजर धरना स्थल पर और दिल्ली की सीमाओं पर सुरक्षा इंतजाम किये जाएंगे। पुलिस ने यह जानकारी दी।.संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने शनिवार को ऐलान किया कि वह भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कुछ पहलवानों के समर्थन में राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करेगा।. दिल्ली में जंतर मंतर में धरना प्रदर्शन कर रहे पहलवानों को अब खाप पंचायत और संयुक्त किसान मोर्चा का समर्थन मिला है. खाप और किसान मोर्चा के नेता रविवार को दिल्ली. इसे लेकर जंतर मंतर और सीमाओं पर दिल्ली पुलिस ने बंदोबस्त बढ़ा दी है. दिल्ली पुलिस के साथ आरएएफ, सीआरपीएफ, आरएसपीबी के जवानों को तैनात किया गया है.
नयी दिल्ली, सात मई (भाषा) चार राष्ट्रीय महिला संगठनों ने पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह और हरियाणा के मंत्री संदीप सिंह की तत्काल गिरफ्तारी के लिए राष्ट्रव्यापी विरोध-प्रदर्शन करने का संयुक्त आह्वान किया है।.अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (एआईडीडब्ल्यूए), भारतीय राष्ट्रीय महिला फेडरेशन (एनएफआईडब्ल्यू), अखिल भारतीय महिला सांस्कृतिक संगठन (एआईएमएसएस) और अखिल भारतीय अग्रगामी महिला संगठन (एआईएमएस) ने एक बयान जारी कर प्रदर्शनकारी पहलवानों के साथ एकजुटता व्यक्त की।
बेंगलुरु, (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कर्नाटक में 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले रविवार सुबह बेंगलुरु में आठ किलोमीटर लंबा रोड शो किया।.रोड शो के दौरान सड़कों पर प्रधानमंत्री के प्रशंसकों का हुजूम उमड़ पड़ा। प्रधानमंत्री ने भी हाथ हिलाकर उनके अभिवादन का प्रतिउत्तर दिया।.
मणिपुर (ईएमएस)। अरुणाचल प्रदेश के मणिपुर में बीते कुछ दिनों से स्थिति तनावपूर्ण है। 3 मई को आदिवासियों के आंदोलन के दौरान राज्य के कई इलाके हिंसा की चपेट में आ गए हैं। स्थिति नियंत्रित करने के लिए सेना और असम राइफल्स को तैनात किया गया है। यह हिंसाग्रस्त इलाके की तस्वीरें हैं। सड़कों पर जगह-जगह गाड़ियों को आग के हवाले किया गया है। यहां के निवासी खौफ में हैं। मौतों का आकड़ा अभी उपलब्ध नहीं है,
लेकिन सेना के मोर्चा संभालने के बाद स्थिति पर काबू पाने की पूरी कोशिश की जा रही है। यह तस्वीर सिर्फ एक नहीं है, हिंसा के बाद मणिपुर में ऐसे कई मकान धुओं में मिल गए हैं। मकान में रह रहे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हिंसा में कई दुकानों और घरों में तोड़फोड़ के साथ ही आगजनी की गई। कई इलाकों में कुकी आदिवासियों के घरों में तोड़फोड़ की गई। इंफाल घाटी में कुछ पूजा स्थलों को भी आग के हवाले कर दिया गया। मणिपुर सरकार ने शूट एट साइट का ऑर्डर जारी कर रखा है। अब तक 9 हजार लोगों को अलग-अलग गांवों से विस्थापित कर दिया गया है। हिंसा को रोकने के लिए सेना और असम राइफल्स की 55 टुकड़ियां तैनात की गई हैं।

