जैसे ही चुनाव पास आते हैं कांग्रेस के खिलाफ झूठ सच्चे आरोप लगे प्रारंभ हो जाते हैं ऐसा ही एक वाक्य शहडोल में विभागीय अधिकारी सोहागपुर के समक्ष प्रस्तुत हुआ। आरटीआई एक्टिविस्ट नारेंद्र सिंह गहरवार ने बकायदे शपथ पत्र देकर इस आशय का आवेदन प्रस्तुत किया है की जिला कांग्रेस अध्यक्ष और प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारी ने मिलकर आदिवासी की जमीन अंततः अपने लोगों के नाम से और अपने नाम से अंतरण करवा ली है। इसी प्रकार के झूठे आरोप पहले भी कांग्रेस पार्टी के ऊपर लगने से कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष गुप्ता ने अंतत: तक थाने में शिकायत करते हुए कहा था कि मामला पूरा झूठ है। लेकिन इस बार शपथ पत्र के साथ दाखिल आवेदन पत्र में आरटीआई एक्टिविस्ट ने कहा है कि आदिवासियों की जमीन आदिवासियों को नाम से अंतरण की जाए देखना होगा की अब इस प्रकार पर अनुविभागीय अधिकारी “दूध का दूध और पानी का पानी” कर पाने में कितना वक्त लगाते हैं…? फिलहाल प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारी मुबारक मास्टर और जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष गुप्ता के ऊपर यह गंभीर आरोप पहली बार नहीं लगाए गए हैं
यह अलग बात है की स्पष्ट स्थिति नहीं होने से नेताओं की छवि पर प्रभाव भी पड़ता है। और इस आशय का संदेश जाता है की राजनीति में काम करने वाले लोग ही चाहे वह किसी भी पार्टी के हों आदिसियों के शोषण करने वाले अगुआ बने रहते हैं।
भोपाल : शनिवार, सितम्बर 16,मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में आंगनवाड़ी सहायिकाओं के मासिक मानदेय की राशि 5 हजार 750 रूपये से बढ़ाकर 6 हजार 500 रूपये एवं मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मासिक मानदेय को 6 हजार 500 रूपये से बढ़ाकर 7 हजार 250 रूपये किया गया है।
साथ ही राज्य मंत्रि-परिषद् द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी विभागीय आदेश क्रमांक 2204/1462724/2023/50-2 दिनांक 10.09.2023 का अनुसमर्थन किया गया है।मंत्रि-परिषद द्वारा उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में स्वीकृत प्राध्यापक/ सहायक प्राध्यापक/क्रीडा अधिकारी/ग्रंथपाल के रिक्त पदों पर अध्यापन कार्य के लिये आमंत्रित अतिथि विद्वानों की मानदेय वृद्धि को मंजूरी दी गई। इस पर होने वाले 65 करोड़ रुपये के अतिरिक्त वित्तीय भार की स्वीकृति भी मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदान की गई।
ABPAS 3.0 पोर्टल की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश स्तर पर लागू ABPAS (ऑटोमेटेड बिल्डिंग प्लान एप्रूवल सिस्टम) परियोजना अंतर्गत एबीपीएएस पोर्टल के माध्यम से दी जा रही समस्त नागरिक सेवाओं और विभागीय कार्यों को डिजिटल माध्यम से रखे जाने एवं भविष्य के लिए आवश्यकताओं के अनुरूप विस्तार करने के उद्देश्य से एबीपीएएस 3.0 (वर्ष 2023- 2030) हेतु पोर्टल का विकास, क्रियान्वयन एवं संचालन हेतु मंत्रि परिषद द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है। ABPAS 3.0 पोर्टल का विकास 1 वर्ष मे किया जायेगा तथा 06 वर्ष तक इसका संचालन एवं संधारण किया जायेगा, परियोजना की कुल समयावधि 07 वर्ष की होगी। इस निर्णय से नागरिकों को त्वरित एवं ऑनलाइन माध्यम से सेवायें प्राप्त होगी तथा विभागीय कार्यों को पारदर्शी एवं बेहतर प्रबंधन के साथ क्रियान्वित किया जा सकेगा।


