
शहडोल ।
भारतीय जनता पार्टी के संभाग के वरिष्ठतम नेताओं में एक जिनके अनुभव संभाग में 45 वर्षों से समर्पित रहे हैं और आज भी वे एक जागरूक और सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में संभाग की समस्याओं को अनवरत देखते रहते छात्रसंघ अध्यक्ष के रूप में राजनीति कदम रखने वाले कैलाश तिवारी ने समाचार पत्रों में आए दिन रेत एवं कोयला के अवैध खनन पर समाचार प्रकाशित होने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अनुभव बताता है कि रेत एवं कोयला का अवैध उत्खनन कभी नहीं रुक पाएगा ।जो मेरे युवावस्था काल में सीमित मात्रा में होता था ।आज संभाग भर में एक विशाल अवैध व्यवसाय का रूप ले चुका है। इस अवैध व्यवसाय का संचालन करने वाले गिरोह के लोग संगठित होकर इसकी रोकथाम करने वाले विभाग के अधिकारियों से मिली भगत कर बहुत व्यवस्थित तरीके से अबाध गति से यह कार्य को अंजाम दे रहे हैं ।जब समाचार पत्रों में बहुत ज्यादा छपता है तो दिखाने के लिए कुछ कार्यवाही दिखा दी जाती है। अन्यथा इनका कुछ नहीं बिगड़ा है। कुछ कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने इस अवैध व्यवसाय को रोकने का प्रयास जरूर किया तथा प्रभावी कार्यवाही भी की लेकिन उनके जाते ही सब सक्रिय हो गए ।
श्री तिवारी ने कहा उस समय पूरा संभाग एक जिला था एक कलेक्टर एक एसपी पूरे संभाग के एरिया को देखते थे। आज अधिकारियों ,कर्मचारी की संख्या चार गुना से ज्यादा हो गई है। संसाधन एवं तकनीकी क्षमता में भी वृद्धि हुई है। अब यह अवैध व्यवसाय कोई चोरी छुपे नहीं होता है ।नीचे से लेकर ऊपर तक सब जानकारी रहती है लेकिन कभी भी संचालकों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं की जाती है। बल्कि बेचारे ड्राइवर जो की उनके इशारे पर परिवहन करते हैं। उन पर कार्यवाही हो जाती है ।इस संगठित अपराध से जुड़े लोगों के खिलाफ आज तक जिला बदर अथवा राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम की कार्यवाही नहीं की गई बल्कि छुटपुट कार्यवाही कर प्रकरण को दबा दिया गया ।प्रतिवर्ष अनेक मामलों में अवैध उत्खनन कर्ताओं के हौसले इतने बुलंद रहते हैं कि वह वन विभाग, पुलिस विभाग, राजस्व विभाग की कस्टडी के वाहनों को छुड़ाकर ले जाते हैं।अपराधिक प्रकरण के बजाय जुर्माना राशि लगाकर अपील में जुर्माना राशि भी समाप्त करवा ली जाती है ।ऐसे में यह अवैध व्यवसाय कैसे रुक सकता है।
कैलाश तिवारी ने शहडोल संभाग के पत्रकारों के साहस को सलाम करते हुए कहा है कि पत्रकारों ने निडर होकर सैकड़ो बार अवैध व्यवसाय पर अंकुश लगाने के लिए अपनी तेज तर्रार कलम से गठजोड़ को उजागर किया लेकिन जीत हमेशा गठ जोड़ की हुई।भाजपा की 20 साल की रामराज की बात उनके मन में निराशा पूर्ण वातावरण है जिस पर संभाग के वरिष्ठ भाजपा नेता कहते हैं इस कारण इस पर रोक की मांग उलटे घड़े में पानी डालना जैसा ही है।

