निर्वाचन आयोग ने वीवीपैट पर जयराम रमेश की चिंताओं को खारिज किया/अयोध्या  हवाई अड्डे का नाम “महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, अयोध्याधाम”

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  अयोध्या एयरपोर्ट अब कहलायेगा महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा अयोध्या धाम - lifeberrys.com हिंदी   नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अयोध्या हवाई अड्डे को अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा घोषित करने और इसका नाम “महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, अयोध्याधाम” रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।हवाई अड्डे का, “महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, अयोध्याधाम” नाम महर्षि वाल्मीकि को श्रद्धांजलि देता है, जिन्‍होंने रामायण महाकाव्य की रचना की है। इस नाम से हवाई अड्डे की पहचान में एक सांस्कृतिक भाव भी जुड़ गया है।अपनी गहरी सांस्कृतिक जड़ों के साथ अयोध्या रणनीतिक रूप से एक प्रमुख आर्थिक केंद्र और तीर्थ स्थल बनने की स्थिति में है। 

नयी दिल्ली   निर्वाचन आयोग ने वीवीपैट पर जयराम रमेश की चिंताओं को खारिज किया नयी दिल्ली निर्वाचन आयोग ने वीवीपैट पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश की चिंताओं को खारिज करते हुए शुक्रवार को कहा कि इसके माध्यम से ‘‘ऐसा कोई नया दावा या उचित एवं वैध संदेह नहीं उठाया है जिसके लिए और स्पष्टीकरण की आवश्यकता है।’’आयोग ने साथ ही कहा कि पेपर पर्चियों संबंधी नियम कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा 2013 में पेश किए गए थे।

मतदाता सूची  पुनरीक्षण-2024 अंतर्गत 6 से 22 जनवरी तक मतदान केंद्रों पर उपस्थित रहेंगे बीएलओ

बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2024 की गतिविधियां 6 जनवरी से शुरू हो रही है। विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की गतिविधियों के अंतर्गत 6 जनवरी को मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी और उन्हें मतदाता सूची के प्रारूप की सीडी उपलब्ध कराई जाएगी। 6 जनवरी को ही मतदान केंद्र और जिला स्तर पर मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन किया जाएगा। समस्त बीएलओ अपने-अपने मतदान केंद्रों पर उपस्थिति रहेंगे। 6 जनवरी से 22 जनवरी तक प्रत्येक कार्य दिवस में बीएलओ अपने-अपने मतदान केंद्रों पर उपस्थित रहकर मतदाताओं का नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन के लिए आवेदन लेंगे।

वाणिज्यिक नीलामी के तहत छह कोयला खदानों ने उत्पादन शुरू कर दिया

कोयला मंत्रालय द्वारा तीन साल पहले शुरू की गई वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी के तहत अब तक 91 खदानों की सफलतापूर्वक नीलामी की जा चुकी है। इन आवंटित खदानों में से छह वाणिज्यिक खदानों ने पहले ही कोयला उत्पादन शुरू कर दिया है और अन्य तीन खदान के कुछ महीनों में उत्पादन शुरू करने की संभावना है।नीलामी के लिए चार राज्यों की 31 कोयला खदानों की पेशकश करते हुए, नीलामी का 9वां दौर हाल ही में दिसंबर 2023 में शुरू किया गया था। झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और तेलंगाना राज्यों की कोयला/लिग्नाइट खदानों की नीलामी के नौवें दौर में सम्मिलित है। कोयला मंत्रालय ने 2020 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई पूर्णतः पारदर्शी ऑनलाइन नीलामी के तहत अब तक नीलामी के सात दौर सफलतापूर्वक पूरे किए हैं।उत्पादन 220.90 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) के कुल पीक रेट क्षमता स्तर पर उत्पादन को देखते हुए, नीलाम की गई खदानों से कोयला खनन के माध्यम से 33,343 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है। एक बार जब ये खदानें पूरी तरह से परिचालित हो जाएंगी, तो इनसे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग तीन लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।वाणिज्यिक कोयला खनन से देश में नया निवेश आने की संभावना है और नीलामी से प्राप्त संपूर्ण राजस्व झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, अरुणाचल प्रदेश, बिहार और असम के कोयले वाले राज्यों को आवंटित किया जाएगा।


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