
शहडोल।सोहागपुर निवासी अब्दुल अहद ने कलेक्टर शहडोल को पत्र लिखकर अपनी विरासत की आराजी पर सोहागपुर अंजुमन इस्लामिया कमेटी के सदर के बनाए गए सेजरा खानदान के आधार पर तहसीलदार सोहागपुर के द्वारा नाजायज लाभ पहुंचा कर गलत भू अभिलेख तर्ज किए जाने का आरोप लगाया गया है। अब्दुल अहद ने अपने पत्र में कहा है कि उसके पूर्वजों की जमीन पर एक अन्य व्यक्ति वहदर खान पिता अमानत खान को फर्जी सेजरा खानदान के आधार पर सोहागपुर पटवारी हल्का की भूमि खसरा नंबर 1120, 1121, 1122, 1123 के करीब चार एकड़ जमीन पर षड्यंत्र करके बहदर खान अपना नाम दर्ज करा लिया है। जबकि बहदर का मेरे परिवार से कोई नाता नहीं है। इसी तरह सोहागपुर से सटे उमरिया जिले के सलैया गांव की करीब 4:30 एकड़ जमीन पर और सोहागपुर की करीब 75 डिसमिल जमीन पर भी भू अभिलेख में गलत तरीके से नाम दर्ज करा कर 420 की गई है।
अपने शिकायती पत्र में अब्दुल अहद ने कहा है
फर्जी सेजरा खानदान (वंश वृक्ष) वहदर खॉ के पक्ष मे जारी करते हुये, स्व. अब्दुल समद खॉ के मृत्यु के पश्चात् वारिसाना नामांतरण में स्व अब्दुल समद के नाम को सेजरा खानदान में जानबूझकर व वहदर खॉ के प्रभाव मे आकर नाम विलोपित कर फर्जी सेजरा खानदान जारी किया गया जिस कारण से स्व. अब्दुल समद खाँ के विधिक वारिसान अपने पिता के संपत्ति (भूमि) से विरक्त हो गये और अपने पैत्रिक संपत्ति में हक हिस्से से पूर्ण रूप से वंचित हो गये।
अहद के अनुसार उनके पिता के सेजरा खानदान (वंश वृक्ष) के आधार पर स्व.अब्दुल समद अपने पिता के मात्र 3 भाई थे जिसमें 1-समीउल्ला खाँ के पुत्र अब्दुल समद खॉ 2- अमानउल्ला खॉ एंव 3-वहदुल्लाह खॉ ही मात्र समीउल्ला खॉ के विधिक वारिसान थे।
जामा मस्जिद सोहागपुर के सदर हाजी मों फरीद खान के द्वारा सेजरा खानदान उसमें हमारे सोहागपुर के समाज के वरिष्ठ नागरिको के रूप में फेजुल्लाह खॉ का नाम हवाओं में दर्ज किए गए हैं जबकि फेजुल्लाह खान हमारे समाज के वरिष्ठ नागरिक व प्रतिष्ठित व्यक्तियों में से एक जो अभी जीवित है और उनका कथन है, की मेरे द्वारा गवाह के रूप में किसी प्रकार के कोई हस्ताक्षर सदर हाजी फरीद खान के कथित सेजरा पत्र उन्होंने कोई हस्ताक्षर नही किया गया है।
और यदि मेरा ऐसा फर्जी हस्ताक्षर पाया जाता है तो मुझसे उक्त संबन्ध मे एक शपथपत्र भी लिया जा सकता है। तो वह पूरी तरह से कूट रचित है।
उन्होंने यह भी शिकायत की कि वहदर खां पिता अमानत खाँ बिना किसी अधिकार के कैसे बन गये..? जबकि उनका मेरे परिवार में कोई नाता रिश्ता नहीं है।इस तरह अंजुमन इस्लामिया शाहपुर के हाजी फरीद खान द्वारा बिना किसी तारीख के जारी किए गए तथाकथित से जरा खानदान के आधार पर मेरे पारिवारिक विरासत की जमीन पर फर्जी वाड़ा किया गया है जो गैर कानूनी तरीके हैं व
जाँच का विषय है।
अब्दुल अहद ने अपनी पारिवारिक विरासत कि अराजी पर किए गए षड्यंत्र पूर्ण फर्जीवाड़े से भू अभिलेख में की गई जालसाजी पर जांच की मांग की है ताकि उसके और उसके परिवार जनों को न्याय मिल सके उन्होंने दुख व्यक्त किया की पाक इस्लामी कमेटी में बैठकर हाजी ने षड्यंत्र पूर्ण कार्यवाही की और तहसीलदार सोहागपुर ने उसे पर अपनी मोहर लगा दी जिससे उसने अपनी जमीन खो दी और वह अब इस कानूनी पचड़े में दर-दर भटकने को मजबूर है। अब्दुल अहद ने कहा है जब कानूनी तौर पर वार्ड मेंबर परिवार का सहारा बनने के लिए अधिकृत हैं तब अंजुमन इस्लामिया कमेटी में बैठे हाजी फरीद खान के बनाए गए तथाकथित पारिवारिक सेजरा को क्यों मान्यता दी गई जिससे आज वह परेशान हो रहा है…?

