
शहडोल।
शहडोल 13 जून 2024- जल गंगा संवर्धन अभियान से जहां एक ओर जल के संरक्षण और संवर्धन में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी और पर्यावरण में भी सुधार होगा। अभियान में नदी, तालाब, कुओं, बावड़ी आदि जल संरचनाओं का जीर्णाेद्धार और नवीनीकरण कर उन्हें उपयोगी बनाया जा रहा है।विश्व पर्यावरण दिवस से शुरू इस अभियान को 16 जून तक जिले के सभी नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रवाहित होने वाली नदियों, तालाब एवं जल संरचनाओं शहडोल जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के द्वारा चलाए जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान के उद्देश्यों की सराहना करते हुए इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश तिवारी ने कहा है की शहडोल जिले में ‘जल गंगा अभियान’ तभी सफल होगा जब जिले की जीवन सोन नदी तथा संभाग मुख्यालय की मुरना नदी प्रदूषण से मुक्त होगी।कैलाश तिवारी ने कहा है कि यह अभियान जिस ढंग से चल रहा है उससे प्रतीत होता है की मात्र फोटो सेशन तक ही सीमित रह रहा है ।दूसरे दिन जलाशय की स्थिति कचरा एवं प्रदूषण की स्थिति पहले जैसी है। केवल दिखाने के लिए अभियान की गतिविधियों में शामिल कर लिया जा रहा है ।जबकि से कोई लाभ नहीं मिल रहा और इसी प्रकार के अभियान प्रतिवर्ष चलते रहते हैं और स्थिति बदतर होती जाती है।
कैलाश तिवारी ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद भी सोन नदी में ओरिएंट पेपर मिल का प्रदूषण समाप्त नहीं हो रहा है और वहीं दूसरी ओर अल्ट्राटेक कोल माइंस, विचार पुर के द्वारा मुरना नदी को गंदे नाली के रूप में परिवर्तित कर दिया गया है। पानी पीने योग्य तक नहीं है लेकिन किसी भी प्रदूषण नियंत्रण कर्ता अधिकारी का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है की जो प्राकृतिक रूप से सौगात मिली है उसको ही अगर संरक्षित रख लिया जाए तो यह बहुत बड़ी उपलब्धि हो जाएगी।
इस अभियान के तहत ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में स्थित तालाब, बावड़ी, पोखर, नदियों और अन्य जलस्रोतों का संरक्षण और पुनरुद्धार का कार्य किया जा रहा है। इसी तारतम्य में विधायक जैतपुर जयसिंह मरावी के नेतृत्व में बुढार अंतर्गत ग्राम बैरिहा में कुकुर गोडी़ नाला में ट्रेंचिंग का कार्य किया गया जिसमें लोंगो ने बढ़-चढ़कर अपनी सहभागिता निभाई।

