
मुंबई: शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 7 पैसे टूटकर 83.70 के अपने सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ। अमेरिकी मुद्रा में मजबूती और घरेलू शेयर बाजारों में नरम रुख के चलते यह गिरावट आई।विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि कमजोर घरेलू बाजार और तेल की कीमतों में तेजी के कारण रुपये पर दबाव पड़ा, हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के हस्तक्षेप से घरेलू इकाई में तेज गिरावट को रोका जा सका।अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में स्थानीय इकाई 83.64 पर खुली और कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले दिन के उच्चतम स्तर 83.60 और निम्नतम स्तर 83.70 पर पहुंच गई।
नयी दिल्ली: संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने शुक्रवार को परिवीक्षाधीन आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर के खिलाफ कई कार्रवाई शुरू की, जिनमें फर्जी पहचान के जरिए सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होने के आरोप में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराना शामिल है।आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा-2022 के लिए उनकी उम्मीदवारी रद्द करने और भविष्य की परीक्षाओं में शामिल होने से रोकने के लिए उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया।
नेता जी ऊवॉच…
लखनऊ: 19 जुलाई (भाषा) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हरित क्रांति से कृषि उत्पादन जरूर बढ़ा, मगर यह एक अधूरा सच है। उन्होंने कहा कि उर्वरक की अधिकता के कारण एक ‘धीमा जहर’ हमारी धमनियों में प्रवेश कर रहा है।केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्राकृतिक खेती से उत्पादन में कमी आएगी, यह लोगों का भ्रम है. प्राकृतिक खेती से न तो उत्पादन कम होगा और न ही भंडारण में कमी आएगी. उन्होंने ऐसे किसानों को बधाई दी जो बिना केमिकल फर्टिलाइजर के अनाज का उत्पादन कर रहे हैंगुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने दावा किया कि उनके राज्य में मुस्लिम आबादी हर 10 साल में लगभग 30 प्रतिशत बढ़ रही है और 2041 तक वे बहुसंख्यक हो जाएंगे।मुख्यमंत्री ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि ‘सांख्यिकीय नमूने’ के अनुसार असम में मुस्लिम आबादी 40 प्रतिशत है।
नई दिल्ली: प्रमुख मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित सभी भोजनालयों को अपने मालिकों के नाम प्रदर्शित करने के आदेश की निंदा करते हुए कहा कि जिस तरह दलित समुदाय को छुआछूत का सामना करना पड़ा है, उसी तरह मुसलमानों के साथ भी जानबूझकर ऐसा व्यवहार करने की कोशिश की जा रही है।जमीयत के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि हालांकि यह निर्णय एक विशिष्ट क्षेत्र में लागू किया जा रहा है, लेकिन इसके दूरगामी परिणाम होंगे।उन्होंने कहा, “इससे मुसलमानों का आर्थिक बहिष्कार करने वाली ताकतों को बल मिलेगा और राष्ट्र विरोधी तत्वों को स्थिति का फायदा उठाने का अवसर मिलेगा।”

