मध्यप्रदेश;टंकी साफ करते दो आदिवासी छात्रों की करंट से मौत/एक्सीलेंस सेंटर  शहडोल, उमरिया एवंअनूपपुर पेसा एक्ट के प्रभावी क्षेत्र

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नयी दिल्ली: 30 सितंबर (भाषा)    छत्रावास में 2 छात्रों की करंट लगने से मौत:पानी की टंकी साफ करने उतरे थे,  मोटर के तार से फैला करंट - Padmavati Express  एनएचआरसी ने सोमवार को कहा कि उसने मध्य प्रदेश सरकार को उन खबरों पर नोटिस जारी किया है जिनमें कहा गया है कि धार जिले में एक सरकारी छात्रावास के अधीक्षक के निर्देश पर पानी की टंकी साफ करते समय दो आदिवासी छात्रों की कथित तौर पर करंट लगने से मौत हो गई।राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने एक बयान में कहा कि खबरों के अनुसार ऐसा प्रतीत होता है कि छात्रावास अधिकारियों ने लड़कों को ऐसा खतरनाक कार्य करने के लिए कहकर “असंवेदनशीलता” दिखाई है जिसके परिणामस्वरूप उनकी मौत हो गई।आयोग ने कहा कि उसने “खबर पर स्वतः संज्ञान लिया है कि 25 सितंबर को मध्य प्रदेश के धार जिले में एक सरकारी छात्रावास के अधीक्षक के निर्देश पर पानी की टंकी साफ करते समय अनुसूचित जनजाति के दो छात्रों की करंट लगने से मौत हो गई।मीडिया में 26 सितंबर को आई खबर के अनुसार, छात्र टैंक की सफाई करते समय पानी के पंप से जुड़े एक तार के संपर्क में आ गए। खबर में कहा गया है कि उन्हें ग्रामीणों ने टैंक में पड़े देखा और छात्रावास के अधिकारियों को सूचित कियाआयोग ने कहा है कि अगर खबर की विषय-वस्तु सही है तो इससे पीड़ित छात्रों के मानवाधिकार उल्लंघन के बारे में गंभीर चिंता उत्पन्न होती है।आयोग ने मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।बयान में कहा गया है कि रिपोर्ट में पुलिस जांच की स्थिति और दोनों पीड़ितों के परिवारों को अगर मुआवजा दिया गया है तो उसकी जानकारी भी शामिल की जाए।

नयी दिल्ली: 30 सितंबर(भाषा) वरिष्ठ कथाकार चंद्रकिशोर जायसवाल को यहां सोमवार को 2024 के ‘श्रीलाल शुक्ल स्मृति इफको साहित्य सम्मान’ और रेनू यादव को प्रथम ‘श्रीलाल शुक्ल स्मृति इफको युवा साहित्य सम्मान’ प्रदान किया गया।एक विज्ञप्ति वरिष्ठ साहित्यकार असग़र वजाहत की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने इन दोनों पुरस्कारों के लिए चंद्रकिशोर जायसवाल और रेनू यादव का चयन किया जिसमें डॉ. अनामिका, प्रियदर्शन, यतीन्‍द्र मिश्र, उत्‍कर्ष शुक्‍ल एवं डॉ. नलिन विकास भी शामिल थे।

उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने सुप्रसिद्ध अभिनेता  मिथुन चक्रवर्ती को भारतीय सिनेमा जगत के सर्वोच्च सम्मान ‘दादा साहेब फाल्के पुरस्कार’ के लिए चयनित होने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मिथुन दा ने अपने अप्रतिम अभिनय और समर्पण से भारतीय सिनेमा में अमूल्य योगदान दिया है। उनका कार्य सिनेमा प्रेमियों और नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए सदैव प्रेरणादायक रहेगा।

एक्सीलेंस सेंटर  शहडोल, उमरिया एवंअनूपपुर पेसा एक्ट के प्रभावी क्षेत्र

देश की सभी पेसा ग्राम पंचायतों में आगामी 2 अक्टूबर से “सबकी योजना-सबका विकास” अभियान प्रारंभ किया जायेगा। इस अभियान में पेसा ग्राम पंचायतों को विकास के लिये अपनी जरूरतों के मुताबिक योजना बनाने के लिये प्रोत्साहित किया जायेगा। पेसा अधिनियम की महत्ता को देखते हुए केन्द्रीय पंचायती राज मंत्रालय एक उत्कृष्टता केन्द्र (एक्सीलेंस सेंटर) स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। यह सेंटर संभवत: किसी केन्द्रीय जनजातीय विश्विविद्यालय (सेंट्रल ट्राइबल यूनिवर्सिटी) में स्थापित किया जायेगा। सम्मेलन में मध्यप्रदेश के पंचायती राज और ग्रामीण विकास मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल ने प्रदेश में पेसा एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रगति, पहलों और नवाचारों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने अन्य संबंधित अधिनियमों, वित्तीय प्रावधानों, प्रशिक्षण गतिविधियों और सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित करते हुए आर्थिक आत्मनिर्भरता के प्रयासों पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश के 20 जिलों के 88 विकासखंडों की 5 हजार 133 ग्राम पंचायतों के अधीन 11 हजार 596 ग्राम पेसा क्षेत्र में आते हैं। अलीराजपुर, झाबुआ, मंडला, बड़वानी, अनूपपुर एवं डिंडोरी पूर्ण पेसा जिलों में रूप में चिन्हित हैं। जबकि बालाघाट, बैतूल, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, धार, खंडवा, नर्मदापुरम, खरगोन, सिवनी, शहडोल, श्योपुर, सीधी उमरिया एवं रतलाम आंशिक पेसा जिले हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में ग्राम स्तर, पंचायत स्तर, विकासखंड, जिला एवं राज्य स्तरीय प्रशिक्षण के जरिये पेसा एक्ट के क्रियान्वयन में प्रगति आई है।राष्ट्रीय सम्मेलन में दस पेसा राज्यों के 500 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसमे राज्यों के पंचायती राज मंत्री, केंद्रीय और राज्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, पंचायती राज प्रणाली के सभी तीन स्तरों के प्रतिनिधि और गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुये।

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