
मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि मैं कैसे बच गया : विमान में एकमात्र जिंदा बचे विश्वास
अहमदबाद: 13 जून (भाषा)
अहमदाबाद से लंदन के गैटविक जा रहे एअर इंडिया की दुर्घटनाग्रस्त उड़ान एआई 171 के एकमात्र जीवित बचे विश्वास कुमार रमेश ने कहा कि उन्हें अब भी विश्वास नहीं हो रहा है कि कैसे वह चमत्कारिक रूप से उस हादसे में बच गए हैं जिसमें 265 लोगों की जान चली गई है।ब्रिटिश नागरिक रमेश ने कहा कि उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि अहमदाबाद से गैटविक के लिए नौ घंटे की यात्रा पूरी करने के लिए विमान उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद ही रुक गया तथा हरी और सफेद बत्तियां जल उठीं।डीडी न्यूज को दिए साक्षात्कार में लीसेस्टर निवासी रमेश ने कहा, ‘‘यह सब मेरी आंखों के सामने हुआ। मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि मैं कैसे बच गया।’’उन्होंने कहा, ‘‘एक पल के लिए मुझे लगा कि मैं मरने वाला हूं, लेकिन जब मेरी आंखें खुलीं तो मैं जीवित था। मैंने सीट से अपनी बेल्ट खोली और बाहर निकल आया।’’रमेश ने कहा, ‘‘मेरी आंखों के सामने एयरहोस्टेस और अंकल-आंटियों की मौत हो गई। एक मिनट के भीतर ऐसा लगा कि विमान रुक गया है। हरी और सफेद बत्तियां जल रही थीं। ऐसा लग रहा था कि वे विमान को और अधिक गति देने के लिए ‘दौड़’ लगा रही हैं और विमान एक इमारत से टकरा गया।’’रमेश (45)अहमदाबाद-लंदन एआई171 उड़ान संचालित करने वाले 12 साल पुराने बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान की सीट संख्या 11ए पर बैठे थे। विमान में चालक दल के 12 सदस्यों सहित 242 लोग सवार थे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के निधन पर शोक व्यक्त किया, जिनका कल अहमदाबाद में हुई विमान दुर्घटना में निधन हो गया है था। श्री मोदी ने श्री रूपाणी के प्रतिष्ठित करियर पर प्रकाश डाला, जिसमें राजकोट नगर निगम में उनके कार्यकाल, राज्यसभा सांसद, गुजरात भाजपा अध्यक्ष और राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में उनकी विभिन्न भूमिकाओं में उनके योगदान को याद किया गया।।यह अकल्पनीय है कि विजयभाई हमारे बीच नहीं हैं। मैं उन्हें दशकों से जानता हूं। हमने कंधे से कंधा मिलाकर काम किया, जिसमें कुछ चुनौतीपूर्ण समय भी शामिल थे। विजयभाई विनम्र और मेहनती थे, पार्टी की विचारधारा के प्रति दृढता से प्रतिबद्ध थे। उन्होंने धीरे-धीरे पद्दोनति पाई, संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं और गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में लगन से सेवा की।”सौंपी गई हर भूमिका में, उन्होंने खुद को प्रतिष्ठित किया, चाहे वो राजकोट नगर निगम में हो, राज्यसभा सांसद के रूप में हो, गुजरात भाजपा अध्यक्ष के रूप में हो या वो राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में हो।”विजयभाई और मैंने तब भी बड़े पैमाने पर काम किया जब वो गुजरात के मुख्यमंत्री थे। उन्होंने गुजरात के विकास पथ को बढ़ाने के लिए कई उपाए किए, विशेष रूप से ईज ऑफ लिविंग को बढ़ावा देने में। हमारे बीच हुई बातचीत को हमेशा याद रखूंगा। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और दोस्तों के साथ हैं। PIB Delhi
शाह पर टिप्पणी ‘शर्मनाक’ : भाजपा नयी दिल्ली: 13 जून (भाषा)सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कांग्रेस द्वारा की गई कथित टिप्पणी की आलोचना करते हुए इसे ‘शर्मनाक’ करार दिया। भाजपा की यह टिप्पणी कांग्रेस द्वारा विमान दुर्घटना के बाद अहमदाबाद में शाह की टिप्पणी को ‘‘असंवेदनशील’’ करार दिये जाने के बाद आई है। कांग्रेस ने कहा था कि ‘‘केंद्रीय गृहमंत्री ‘‘किस्मत पर भाषण और कंधे उचकाने’’के बजाय कम से कम जवाबदेही का वादा तो कर सकते थे।
इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय 2025-26 से अनाथ बच्चों के लिए आरक्षण लागू करेगा, पूर्ण शुल्क माफी की घोषणा
नयी दिल्ली: 13 जून (भाषा) दिल्ली के गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (जीजीएसआईपीयू) ने 2025-26 सत्र से अपने शैक्षणिक कार्यक्रमों में अनाथ बच्चों को आरक्षण प्रदान करने की घोषणा की है। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गयी है।बयान के अनुसार एकल बालिका संतान के लिए आरक्षण लागू करने के एक वर्ष बाद यह कदम उठाया गया है जिसका लक्ष्य समावेशी शिक्षा प्रदान करना है तथा उसे विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद ने मंजूरी दी है।
जल संरक्षण के क्षेत्र में प्रदेश को बड़ी सफलता, खंडवा बना देश-प्रदेश का टॉप जिला,
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में जल गंगा संवर्धन अभियान मध्यप्रदेश में जल संरक्षण के संकल्प के लिये जन-सहभागिता जुटाने में एक ऐतिहासिक पहल सिद्ध हुआ है। यह अभियान 30
मार्च से 30 जून, 2025 तक संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य नदियों, जल स्रोतों और वेटलैंड्स का संरक्षण तथा पुनर्जीवन सुनिश्चित करना है। मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद द्वारा जारी नवीनतम राज्य स्तरीय प्रदर्शन डैशबोर्ड के आकलन के अनुसार खंडवा मध्यप्रदेश में पहले स्थान पर है। इससे पूर्व केन्द्रीय एजेंसी ने जल संरक्षण कार्यों के लिए खंडवा को देश का शीर्ष जिला घोषित किया है। इस सूची में मध्यप्रदेश को चौथे स्थान मिला है।

