‘मेथडोलॉजिकल एक्सरसाइज’ का है नतीजा एआई की क्षमता/भारतीय उद्योगों को गैस आपूर्ति में 40 प्रतिशत कमी आई

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कतर से ‘अपरिहार्य स्थिति’ की वजह से भारतीय उद्योगों को गैस आपूर्ति में कटौती की

नयी दिल्ली: तीन मार्च (भाषा) European gas prices jump 45% as Qatar halts LNG output after regional  escalationभारत को आयातित प्राकृतिक गैस की आपूर्ति करने वाले सबसे बड़े देश कतर ने गैस आपूर्ति पर ‘फोर्स मेज्योर’ (अपरिहार्य परिस्थिति) घोषित कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, ईरानी ड्रोन हमले के बाद उत्पादन ठप होने के कारण यह कदम उठाया गया है, जिससे भारतीय उद्योगों को होने वाली गैस आपूर्ति में 40 प्रतिशत तक की कमी आई है।कतर, भारत द्वारा सालाना आयात किए जाने वाले लगभग 2.7 करोड़ टन तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा आपूर्ति करता है। इस गैस का उपयोग बिजली उत्पादन, उर्वरक निर्माण से लेकर सीएनजी और पाइप वाली रसोई गैस (पीएनजी) जैसे प्रमुख क्षेत्रों में होता है।

विशेषज्ञों ने कहा- ‘मेथडोलॉजिकल एक्सरसाइज’ का है नतीजाएआई की क्षमता

नई दिल्ली,(ईएमएस)। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि एलन मस्क की एआई कंपनी एक्सएआई के चैटबॉट ‘ग्रोक’ ने अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमले की तारीख पहले ही बता दी थी। इस दावे के सामने आने के बाद एआई की क्षमता, उसकी विश्वसनीयता और संभावित खुफिया उपयोग को लेकर नई बहस छिड़ गई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इजराइली मीडिया ने 25 फरवरी 2026 को चार प्रमुख एआई भाषा मॉडलों क्लाउड (एन्थ्रोपिक), जेमिनी (गूगल), चेटजीपीटी (ओपनएआई) और ग्रोक (एक्सएआई)को एक समान प्रॉम्प्ट दिया था। इन सभी से पूछा गया कि यदि अमेरिका ईरान पर काल्पनिक हमला करता है, तो वह कब हो सकता है। बताया जा रहा है कि जहां अन्य एआई मॉडलों ने संभावित परिदृश्य या विश्लेषणात्मक जवाब दिए, वहीं ग्रोक ने एक सटीक तारीख बताई। जब अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर हमले की खबर सामने आई, तो ग्रोक द्वारा बताई गई तारीख के स्क्रीनशॉट्स इंटरनेट पर साझा किए जाने लगे। कई यूजर्स ने इसे ‘एआई की चौंकाने वाली सटीकता’ बताया, जबकि कुछ ने इसे महज संयोग करार दिया। 

-जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा  ने की ओआईसी की आलोचना/चुप्पी तटस्थता नहीं, बल्कि अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटना है। सोनिया गांधी

श्रीनगर,(ईएमएस)। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) की आलोचना की।  एक्स पर एक पोस्ट के जरिए अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए महबूबा ने कहा कि संकट की इस घड़ी में ओआईसी का मूक दर्शक बने रहना बेहद निराशाजनक है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा- यह बेहद परेशान करने वाला है कि जब अमेरिका और इजराइल ईरान की संप्रभुता के खिलाफ खुलेआम आक्रामकता कर रहे हैं, तब ओआईसी एक मूक दर्शक की भूमिका में है। ईरान के सर्वोच्च नेता की खामेनेई की शहादत पर इसकी चुप्पी और इसका दोष उल्टा ईरान पर ही मढ़ने की कोशिश न केवल चिंताजनक है, बल्कि बेहद शर्मनाक भी है।कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की लक्षित हत्या पर केंद्र सरकार के रुख की तीखी आलोचना की है। उन्होंने एक लेख के माध्यम से अपनी बात रखते हुए कहा कि इस संवेदनशील वैश्विक घटनाक्रम पर भारत की चुप्पी तटस्थता नहीं, बल्कि अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटना है। सोनिया गांधी के अनुसार, सरकार की इस खामोशी से भारत की विदेश नीति की दिशा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न चिह्न खड़े होते हैं।

हरियाणा , कर्ज 12 सालों में 456 प्रतिशत बढ़ा: सुरजेवाला

चंडीगढ़: तीन मार्च (भाषा) कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने मंगलवार को आरोप लगाया कि हरियाणा ‘‘आर्थिक आपातस्थिति’’ के कगार पर है तथा राज्य का कर्ज पिछले 12 वर्षों में 456 प्रतिशत बढ़ गया है।

 

 


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