
एक खूनी होली : मिनाब स्कूल हमले में 165 निर्दोष स्कूली बच्चियों की मौत
हाल के दिनों में मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है, जहां अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर शुरू किए गए सैन्य अभियान ने एक भयानक घटना को जन्म दिया है। 1 मार्च 2026 (शनिवार) को ईरान के दक्षिणी शहर मिनाब (हॉर्मोज़गान प्रांत) में शजारेह तय्येबा गर्ल्स प्राइमरी स्कूल पर एक मिसाइल हमले में कम से कम 165 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर 7-12 वर्ष की स्कूली बच्चियां और स्कूल स्टाफ शामिल थे। ईरानी राज्य मीडिया और अधिकारियों ने इस हमले को अमेरिका-इज़राइल की संयुक्त कार्रवाई बताया है, जिसे उन्होंने “मानवता के खिलाफ अपराध” करार दिया है।
हमला शनिवार सुबह स्कूल के समय हुआ, जब करीब 170 छात्राएं क्लास में मौजूद थीं। मिसाइल ने स्कूल भवन को तबाह कर दिया, मलबे के नीचे दर्जनों बच्चियां दब गईं। मौत का आंकड़ा शुरुआत में 148 बताया गया, जो बाद में बढ़कर 165 हो गया, जबकि 95-96 लोग घायल हुए। ईरान ने इसे खामनेई (सुप्रीम लीडर) की हत्या के बाद शुरू हुए बड़े पैमाने पर हमलों का हिस्सा बताया, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अभियान चल रहा है।ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने इसे “ठंडे खून में निर्दोषों की हत्या” कहा और गाजा से मिनाब तक की तुलना की।
प्रतिक्रियाएं और निंदा
संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है: यूएन ह्यूमन राइट्स ऑफिस ने इसे “भयानक” बताया और स्वतंत्र जांच की मांग की।यूनेस्को ने स्कूलों पर हमले को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन करार दिया।ईरान के विदेश मंत्री ने फोटो शेयर की
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर एक फोटो शेयर की है, जिसमें साफ दिख रहा है कि स्कूली लड़कियों के लिए कब्र खोदी गई हैं, जहां 165 लड़कियों के लिए कब्र खोदी गई हैं.
इमेज में दुखी परिवार के सदस्य और स्थानीय निवासी एक अंतिम संस्कार की तैयारी करते दिख रहे हैं, जिसे ईरानी अधिकारियों ने राष्ट्रीय शोक का प्रतीक बताया है. ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी, इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज़ एजेंसी (IRNA) ने स्थानीय प्रॉसिक्यूटर के हवाले से कहा कि स्कूल को सीधे निशाना बनाया गया था. ऑनलाइन चल रहे वीडियो में बचावकर्मी मलबे में खोजते और बच्चों के स्कूल बैग और किताबें निकालते दिख रहे हैं. इन वीडियो की भी अलग से पुष्टि नहीं हुई है.
मलाला यूसुफजई और अन्य ने भी निंदा की।
ईरान ने बड़े पैमाने पर अंतिम संस्कार आयोजित किया, जहां हजारों लोग सड़कों पर उतरे, अमेरिका-इज़राइल विरोधी नारे लगाए और पीड़ितों की तस्वीरें लिए मिनाब शहर में मंगलवार 03 मार्च को इन बच्चियों के लिए जनाजे की नमाज अदा की गई और आखिरी रसूमात पूरी की गईं। ईरान में एक साथ लाइन में रखे गए इन बच्चियों के ताबूतों को देख जहां पूरा देश मातम में डूब गया। बच्चियों की अंतिम विदाई के लिए हजारों लोग एकत्र हुए। शहर के मुख्य मैदान और आस-पास की मस्जिदों में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। यहां बताते चलें कि ईरान के दक्षिणी प्रांत होर्मोजगान के मिनाब में 28 फरवरी को स्कूल पर हवाई हमला किया गया था। इस हमले में स्कूल में पढ़ रहीं करीब 165 बच्चियों की मौत हो गई थी। इन छात्राओं का जनाजा एक साथ निकला और उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। स्कूल परिसर को निशाना बनाकर किए गए हमले में इमारत का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। हमले के बाद बचाव दल के लोग घंटों मलबा हटाने में जुटे रहे। राहत और बचाव कार्य पूर्ण होने के बाद मृत बच्चियों की संख्या 165 बताई गई थी। अफसोसनाक और दिल दहला देने वाली बात यह रही कि इस हमलें में मरने वाली बच्चियों में अधिकांश प्राथमिक कक्षा की छात्राएं थीं।।

