
सीएम बोले- डाका डालने वालों को कभी माफ नहीं करेगी नारी शक्ति
भोपाल (ईएमएस) ।
लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल पास नहीं हो पाने के विरोध में मध्य प्रदेश बीजेपी ने सोमवार को जन आक्रोश महिला पद यात्रा निकाली। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल समेत मंत्री- सांसद और बीजेपी महिला मोर्चा की नेता-कार्यकर्ता शामिल हुईं। पद यात्रा भोपाल के एमवीएम कॉलेज ग्राउंड से लोक भवन होते हुए रोशनपुरा चौराहे पहुंची। यहां मुख्यमंत्री ने काले गुब्बारे उड़ाकर इसका समापन किया। इससे पहले हुई सभा में मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि नारी सब भूल सकती है लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती।
बार-बार एक ही विषय को लेकर याचिकाएं दाखिल करना उचित नहीं-सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली,(ईएमएस)। सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल में एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के बाद वोटर लिस्ट से बड़े पैमाने पर नाम हटाने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान तीखी टिप्पणी सामने आई। शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ताओं और वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत की ओर से बार-बार एक ही मुद्दे पर अलग-अलग याचिकाएं दाखिल करने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस तरह बार-बार एक ही विषय को लेकर याचिकाएं दाखिल करना उचित नहीं है और इससे न्यायिक प्रक्रिया पर अनावश्यक दबाव पड़ता है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसमें मुख्य न्यायाधीश और न्यायमूर्ति शामिल थे, ने स्पष्ट किया कि इस मामले में वे कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से सीधे रिपोर्ट प्राप्त करने वाले है। सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि संबंधित ट्राइब्यूनल और प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा आवश्यक है, क्योंकि याचिका में यह आरोप लगाया गया है कि ट्राइब्यूनल ठीक से काम नहीं कर रहा है। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद गठित अपीलेट ट्राइब्यूनल लोगों को प्रभावी राहत नहीं दे रहा है। आरोप लगाया गया कि कई मामलों में वकीलों को पक्ष रखने की अनुमति नहीं दी जा रही है और केवल ऑनलाइन आवेदन ही स्वीकार हो रहे हैं, जबकि फिजिकल आवेदन नहीं लिए जा रहे। यह भी कहा गया कि ट्राइब्यूनल सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पूरी तरह पालन नहीं कर रहा है, जिससे प्रभावित लोगों को न्याय मिलने में कठिनाई हो रही है।
मणिपुर में शांति प्रयासों को फिर से बड़ा झटका,प्रधानमंत्री ने बसवेश्वर को श्रद्धांजलि
मणिपुर,(ईएमएस)। मणिपुर में हालिया हिंसा ने शांति प्रयासों को फिर से बड़ा झटका दे दिया है। बिष्णुपुर जिला में 7 अप्रैल को हुए दर्दनाक बम विस्फोट में दो मासूम बच्चों—एक पाँच साल के लड़के और पाँच महीने की बच्ची—की मौत के बाद व्यापक आक्रोश फैल गया। इस घटना के विरोध में 19 अप्रैल से पाँच दिनों के पूर्ण बंद (टोटल शटडाउन) का आह्वान किया गया है, जिसने राज्य के घाटी क्षेत्रों में जनजीवन को करीब ठप कर दिया है। इस बंद का नेतृत्व ‘मीरा पाइबी’ (मशाल लेकर चल रही महिलाएँ) और विभिन्न नागरिक समाज संगठनों द्वारा किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि हमले के दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करे और पीड़ित परिवारों को शीघ्र न्याय मिले। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बसव जयंती के मौके पर जगद्गुरु बसवेश्वर को श्रद्धांजलि अर्पित कर कहा कि न्यायपूर्ण समाज के उनके दृष्टिकोण और लोगों को सशक्त बनाने के उनके अटूट प्रयासों से हम सभी को हमेशा प्रेरणा मिलेगी।

