जोड़ा फूल को खारिज कर सिंगल फूल पसंद आया पश्चिम बंगाल को

जोड़ा फूल को खारिज कर सिंगल फूल पसंद आया पश्चिम बंगाल को
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव 2026: भाजपा की मजबूत जीत, केरल में कांग्रेस की वापसी और पश्चिम बंगाल में TMC की भारी हार
4 मई 2026 को पांच राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों — असम, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल — के विधानसभा चुनाव परिणाम सामने आ रहे हैं। इन चुनावों में भाजपा जहां मजबूत थी, वहां उसकी जीत लगभग तय दिख रही है, जबकि केरल में कांग्रेस-नीत UDF की वापसी हो रही है। सबसे निर्णायक मुकाबला पश्चिम बंगाल में हुआ, जहां ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) 15 साल की सत्ता के बाद भारी हार का सामना कर रही है।
मुख्य परिणामों के आंकड़े (प्रारंभिक/ट्रेंड्स के आधार पर, 4 मई 2026):
पश्चिम बंगाल (294 सीटें, बहुमत 148):
भाजपा: ~200+ सीटें (बहुमत पार, ऐतिहासिक जीत)
TMC+: ~77-84 सीटें (बड़ी गिरावट) कांग्रेस/लेफ्ट: न्यूनतम सीटें।
2021 में TMC ने 215+ सीटें जीती थीं, जबकि भाजपा 77 पर थी। इस बार उलटफेर हुआ है।
केरल (140 सीटें, बहुमत 71):
UDF (कांग्रेस-नीत): वापसी, सरकार बनाने की राह पर।
LDF (वाम): सत्ता गंवाई।
भाजपा: कुछ सीटों/प्रदर्शन में सुधार, लेकिन सरकार से दूर
असम (126 सीटें):
भाजपा-नीत NDA: तीसरी बार सरकार, मजबूत स्थिति।
तमिलनाडु: TVK (विजय की पार्टी) की चौंकाने वाली एंट्री, DMK को झटका।
पुडुचेरी: NDA मजबूत।
पश्चिम बंगाल: TMC की हार क्यों महत्वपूर्ण?
विश्लेषकों के अनुसार, TMC की हार अप्रत्याशित नहीं थी। 2021 में TMC ने 215 सीटें जीती थीं, लेकिन इस बार वोट शेयर और सीटों में भारी गिरावट (~130 सीटों का नुकसान) हुई। कई रिपोर्टों में TMC पर हिंसा, भ्रष्टाचार, महिलाओं की सुरक्षा और विकास की कमी के आरोप लगे। ममता बनर्जी के शासन को “अराजक” बताते हुए विपक्ष ने बदलाव की मांग की।
TMC की जीत की तुलना में हार कम महत्वपूर्ण क्यों?
अगर TMC जीतती, तो इसे “सिस्टम को दबाकर” जीत माना जाता (पिछले चुनावों में हिंसा, वोटर लिस्ट संशोधन आदि के आरोप लगते रहे)।हार लोकतांत्रिक प्रक्रिया का परिणाम मानी जा रही है, जिसमें उच्च मतदान प्रतिशत और ECI की निगरानी रही। भाजपा ने इसे “बंगाल में बदलाव की लहर” बताया।
समग्र विश्लेषण
भाजपा की सफलता: जहां पार्टी पहले से मजबूत थी (असम) या चुनौती दी (बंगाल), वहां जीत सुनिश्चित। राष्ट्रीय स्तर पर मोदी-शाह की रणनीति काम आई।
कांग्रेस की केरल जीत: भाजपा की अनुपस्थिति/कमजोर उपस्थिति में UDF ने एंटी-इनकंबेंसी का फायदा उठाया।
TMC का पतन: 15 साल की सत्ता के बाद “परिवर्तन” की मांग प्रबल हुई।
ये परिणाम 2026 के बाद की भारतीय राजनीति को आकार देंगे, खासकर 2029 लोकसभा के लिए। भाजपा बंगाल में पहली सरकार बनाने जा रही है, जो पूर्वी भारत में उसकी पहुंच बढ़ाएगा।
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