विजय के मुख्यमंत्री बनना लगभग तय,,शुभेंदु के मुख्यमंत्री बनने का मार्ग प्रशस्त/ शराब की दुकान हटाने के निर्देश/ छोटी बच्चियों का खतना गरिमा से भी समझौता/

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रुपया 25 पैसे टूटकर 94.47 प्रति डॉलर पर

मुंबई: आठ मई (भाषा) रुपया शुक्रवार को 25 पैसे टूटकर 94.47 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका तथा ईरान के बीच ताजा टकराव के साथ घरेलू मुद्रा में गिरावट आई।

शुभेंदु अधिकारी होंगे बंगाल में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री

कोलकाता: आठ मई (भाषा) भाजपा के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में भाजपा विधायक दल के नेता चुने गए, जिससे उनके राज्य में भाजपा की ओर से पहले मुख्यमंत्री बनने का मार्ग प्रशस्त हो गया।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यहां बैठक के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पश्चिम बंगाल भाजपा विधायक दल के नेता के रूप में अधिकारी के चुनाव की घोषणा की।

मुख्यमंत्री हमले के आरोपियों ने जेल के अंदर पिटाई का लगाया आरोप, 

नयी दिल्ली: आठ मई (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर पिछले साल हमला करने के दो आरोपियों की याचिका पर शुक्रवार को तिहाड़ जेल अधिकारियों से जवाब तलब किया।आरोपियों ने याचिका में दावा किया कि साथी कैदियों ने उनकी पिटाई की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी।

विजय के मुख्यमंत्री बनना लगभग तय

TVK प्रमुख को TN विधानसभा में बहुमत साबित करने का मौका मिलना चाहिए: उमर
श्रीनगर: (8 मई)    ... जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को कहा कि तमिलनाडु के राज्यपाल के लिए TVK नेता विजय को सरकार बनाने से रोकने का कोई औचित्य नहीं है, और उन्हें विधानसभा में बहुमत साबित करने का मौका दिया जाना चाहिए।तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने गुरुवार को TVK प्रमुख विजय के सरकार बनाने के दावे को खारिज कर दिया, यह कहते हुए कि उनकी पार्टी के पास ज़रूरी संख्या नहीं हैतमिलगा वेट्री कज़गम (TVK) तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए ज़रूरी साधारण बहुमत हासिल करने से पीछे रह गई है। हालाँकि, पाँच विधायकों वाली कांग्रेस ने TVK को समर्थन देने की पेशकश की है, फिर भी 234 सदस्यों वाली तमिलनाडु विधानसभा में विजय की पार्टी साधारण बहुमत (118) से पीछे है। तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। अभिनेता और तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) प्रमुख विजय के मुख्यमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के बाद अब विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके), सीपीआई और सीपीआई(एम) ने भी टीवीके को समर्थन देने का फैसला किया है। इसके साथ ही पार्टी विधानसभा में बहुमत के आंकड़े तक पहुंच गई है। राज्यपाल से मिलने का तीसरा प्रयास इस बीच खबर है कि टीवीके प्रमुख विजय ने शुक्रवार को भी लगातार तीसरे दिन राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर से मिलने का समय मांगा। इससे पहले 6 और 7 मई को भी वे राज्यपाल से मिले थे, लेकिन राज्यपाल ने स्पष्ट कहा था कि सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए 118 विधायकों का समर्थन जरूरी है। ऐसे जुटा बहुमत तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में टीवीके ने 108 सीटों पर जीत हासिल की थी। विजय स्वयं दो सीटों से चुनाव जीते हैं, ऐसे में उन्हें एक सीट छोड़नी होगी। इस स्थिति में पार्टी के पास प्रभावी रूप से 107 विधायक रह जाते हैं और बहुमत के लिए 11 अतिरिक्त विधायकों की जरूरत थी। कांग्रेस के 5 विधायक पहले ही टीवीके को समर्थन दे चुके थे। इसके बाद सीपीआई और सीपीआई(एम) के दो-दो विधायकों तथा वीसीके के समर्थन से पार्टी बहुमत के जरूरी आंकड़े तक पहुंच गई। खड़गे ने डी राजा से की बात सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सीपीआई महासचिव डी राजा से फोन पर बातचीत कर टीवीके को समर्थन देने की अपील की। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में “सेक्युलर सरकार” बनाने के लिए विपक्षी दलों को एकजुट रहना चाहिए, ताकि भाजपा को सत्ता में आने का मौका न मिले। लोकभवन के बाहर टीवीके समर्थकों का प्रदर्शन सरकार गठन को लेकर जारी सियासी हलचल के बीच शुक्रवार सुबह टीवीके समर्थकों ने चेन्नई स्थित राजभवन (लोकभवन) के बाहर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कई समर्थकों को हिरासत में लिया। टीवीके ने यह भी कहा है कि यदि डीएमके और एआईएडीएमके गठबंधन कर सरकार बनाने का दावा पेश करते हैं, तो पार्टी के सभी विधायक इस्तीफा दे सकते हैं। कैबिनेट में सहयोगी दलों को जगह संभव सूत्रों का दावा है कि विजय की संभावित कैबिनेट में सहयोगी दलों को भी प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है। वीसीके को एक मंत्री पद, जबकि सीपीआई और सीपीआई(एम) को दो-दो मंत्री पद मिलने की संभावना जताई जा रही है। डीएमके ने फिर उठाया राज्यपाल पद खत्म करने का मुद्दा इस बीच डीएमके नेता कनिमोझी करुणानिधि ने राज्यपाल पद को लेकर अपनी पार्टी का विरोध दोहराया। उन्होंने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में संवैधानिक व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं और डीएमके अब भी राज्यपाल पद समाप्त करने की मांग पर कायम है। लोकसभा में सीट बदलने की मांग

 

-महिला ने कहा- इस प्रथा को पॉक्सो ऐक्ट के तहत अपराध घोषित किया जाए

नई दिल्ली,(ईएमएस)। मुस्लिमों के दाऊदी बोहरा समुदाय में छोटी बच्चियों का खतना किए जाने की प्रथा पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को बहस हुई। इस प्रथा पर सवाल उठाते हुए एक दाऊदी बोहरा महिला ने कहा कि इसके तहत बच्चियों के जननांग के एक हिस्से को काटा जाता है। इस दौरान उन्हें बेहद पीड़ा से गुजरना होता है। यह ट्रॉमा ऐसा होता है कि उन्हें पूरी जिंदगी इससे होने वाली शारीरिक और मानसिक पीड़ा से गुजरना होता है। उन्होंने कहा कि इस खतना के दौरान हजारों नसें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। महिला ने कहा कि इससे स्वास्थ्य को खतरा होता है और उनकी गरिमा से भी समझौता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक महिला ने कहा कि इस प्रथा को तो पॉक्सो ऐक्ट के तहत अपराध घोषित किया जाना चाहिए। दाऊदी बोरा समुदाय की महिला की ओर से पेश वकील ने चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच से कहा कि खतना की यह प्रथा 7 साल की बच्चियों के साथ होती है। उन्होंने कहा कि जब 7 साल की बच्ची के साथ इसे अंजाम दिया जाता है तो फिर सहमति का तो सवाल ही नहीं उठता है। उन्होंने कहा कि बच्ची की सहमति की बात नहीं हो सकती और उसके परिजन सामाजिक दबाव में रहते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि यदि वे विरोध करेंगे तो उनके सामाजिक बहिष्कार का खतरा रहता है। वकील ने कहा कि परिजन चुप रहते हैं क्योंकि यदि उनका बहिष्कार हुआ तो फिर वे ऐसी स्थिति में आ जाते हैं, जहां उनको समाज से बॉयकॉट कर दिया जाता है। समाज के साथ उनके आर्थिक और सामाजिक रिश्ते खत्म हो जाते हैं। इस विषय को भले ही सामाजिक प्रथा कहा जा रहा है, लेकिन जिस तरह से एक बच्ची को पीड़ा झेलनी पड़ती है वह मामला संवैधानिक और आपराधिक दायरे में चला जाता है। ऐसे में इस पर उसी आलोक में विचार किया जाना चाहिए। इस मामले की सुनवाई करने वाली बेंच में चीफ जस्टिस सूर्यकांत के अलावा जस्टिस बीवी नागरत्ना, जस्टिस एमएम सुंदरेश, जस्टिस अमानुल्लाह, जस्टिस अरविंद कुमार समेत 9 जज शामिल हैं। इस मामले की सुनवाई में जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने हैरानी भी जताई कि आखिर इसके खिलाफ कोई कानून क्यों नहीं बना है। ऐसे में कोई कानून जरूर बनना चाहिए, जिससे इस पर रोक लग सके। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामले में कानून बनाकर रोक लगाने का अधिकार तो सरकार के पास ही है।

शराब की दुकान हटाने के निर्देश

शहडोल      जिले के प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि जिले में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित निर्माणाधीन विकास कार्यों में तेजी लाकर उन्हें समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा स्वीकृत विकास कार्यों को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करना अत्यंत आवश्यक है।  निर्देश उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री श्री शुक्ल ने सर्किट हाउस बाणसागर में आयोजित जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में विभागीय अधिकारियों को दिए। शहडोल- उमरिया मार्ग, ब्यौहारी के विजयसोता पूल निर्माण में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शहडोल- उमरिया मार्ग, ब्यौहारी के विजयसोता पूल, भन्नी सिंचाई परियोजना जैसे अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा कलेक्टर समय-सीमा की बैठक में अनिवार्य रूप से करें एवं जल्द से जल्द पूर्ण कर आमजन को उन सुविधाओं का लाभ दिलाए। उन्होंने कहा कि स्वीकृत विकास कार्यों को जमीनी स्तर पर कार्य करने की अत्यंत आवश्यकता है।उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने जनहित को दृष्टिगत रखते हुए जनपद पंचायत कार्यालय ब्यौहारी के सामने संचालित शराब की दुकान हटाने के निर्देश कलेक्टर को दिए। 

 

 


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