
शहडोल 5 जून 2024- कमिश्नर शहडोल संभाग बीएस जामोद ने कहा है कि शहडोल संभाग का जो प्राकृतिक वातावरण है, पेड़-पौधे यहां पाये जाते है यह दूसरे जिलों, प्रदेशों से काफी बेहतर है। उन्होंने कहा कि इस प्राकृतिक को बचाने के लिए हम सबकी जिम्मेदारी होनी चाहिए, यहां के पेड़-पौधों को कटाने से बचाना होगा। कमिश्नर ने कहा कि पौधों का रोपण करे और उसे जीवित रखने का संकल्प भी ले। उक्त विचार आज संभागीय मुख्यालय शहडोल के नरसरहा डिपो शहडोल के सभागार में विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किये ।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में पर्यावरण की स्थिति खराब है यह स्थिति दिनोंदिन और बढ़ती जा रही है इसे रोकने के लिए हमें ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने होंगे। उन्होंने कहा कि आज की स्थिति में नदियां कितनी प्रदूषित हो रही है, शहडोल संभाग से निकलने वाली नर्मदा नदी का पानी दिनोंदिन कम और प्रदूषित होता जा रहा है इसे रोकने के लिए जन जागरूकता की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय पर नर्मदा नदी दूषित न हो इसके लिए कार्य येाजना बनाकर उसे मूर्त रूप देना होगा और नदियां दूषित न करे इसका संकल्प लें। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक की वस्तुओं का उपयोग करने से बचे घर से निकलते समय वस्तुओं के उपयोग के लिए कपड़े के थैले का उपयोग करें, प्लास्टिक के वस्तुओं का उपयोग न करने से वातावरण की स्थिति काफी सुधारेगी।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए एडीजीपी डीसी सागर ने कहा कि पेड़ पौधों की लगातार कटाई होने से ही वायुमंडल का तापमान निरंतर बढ़ता जा रहा है, लोग लालच में आकर पेड़ों को काट रहें जिससे ऑक्सीजन की कमी भी होती जा रही है। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे प्रकति के हृदय है यदि हृदय न होंगे तो प्रकृति जीवित नही रह पाएगी इसके महत्व को स्वयं समझना होगा और दूसरों को भी समझाना होगा। कार्यक्रम के दौरान विधायक जयसिंहनगर श्रीमती मनीषा सिंह सहित अन्य लोगों ने भी सम्बोंधित किया।

