
79वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संबोधन के मुख्य बिंदु15 AUG PIB Delhi
79वें स्वतंत्रता दिवस के भाषण में, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के दृढ़ संकल्प जैसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ दुनिया का यह सबसे बड़ा एनजीओ है एक प्रकार से, 100 साल का उसका समर्पण इस राष्ट्र सेवा की यात्रा में योगदान करने वाले सभी स्वयंसेवकों को आदरपूर्वक स्मरण करता हूं इमरजेंसी के 50 साल हो रहे हैं, देश की किसी भी पीढ़ी को संविधान की हत्या के इस पाप को कभी भूलना नहीं चाहिए।संविधान की हत्या करने वाले पापियों को नहीं भूलना चाहिए15 अगस्त को लागू हो रही है,इस योजना के तहत निजी क्षेत्र में पहले नौकरी पाने वाले नौजवान को बेटे बेटी को 15000 रुपया सरकार की तरफ से दिए जाएंगे। कंपनियों को भी नए रोजगार देने के अवसर जो भी ज्यादा जुटाएगा, उनको भी प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। कई अन्य विषयों पर भविष्य की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की।
मुख्य 25 बिंदु इस प्रकार हैं:
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हम आज डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती भी मना रहे हैं। संविधान के लिए बलिदान, धारा 370 की दीवार गिराकर, मुखर्जी को सच्ची श्रद्धांजलि दी।
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मुझे बहुत गर्व हो रहा है, आज मुझे लाल किले की प्राचीर से ऑपरेशन सिंदूर के वीर जांबाजों को सैल्यूट करने का अवसर मिला है। हमारे वीर जांबाज सैनिकों ने, दुश्मनों को उनकी कल्पना से परे सजा दी है।22 तारीख के बाद हमने हमारे सेना को खुली छूट दे दी। रणनीति वो तय करें, लक्ष्य वो तय करें, समय भी वो चुने और हमारी सेना ने वो करके दिखाया, जो कई दशकों तक कभी हुआ नहीं था। सैकड़ों किलोमीटर दुश्मन की धरती पर घुसकर के आतंकी हेडक्वार्टर्स को मिट्टी में मिला दिया, आतंकी इमारतों को खंडहर बना दिया। पाकिस्तान की नींद अभी भी उड़ी हुई है।
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अब हमने एक न्यू नॉर्मल स्थापित किया, आतंक को और आतंकी को पालने-पोसने वालों को, आतंकियों को ताकत देने वालों को, अब हम अलग-अलग नहीं मानेंगे। वो मानवता के समान दुश्मन है, उनके बीच कोई फर्क नहीं है। अब भारत ने तय कर लिया है, कि इन न्यूक्लियर की धमकियों को अब हम सहने वाले नहीं हैं, न्यूक्लियर ब्लैकमेल लंबे अरसे से चला आया है, अब वो ब्लैकमेल नहीं सहा जाएगा।
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अब भारत ने तय कर लिया है, खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे। अब देशवासियों को भली-भांति पता चला है कि सिंधु का समझौता कितना अन्यायपूर्ण है, कितना एकतरफा है। ये ऐसा समझौता था, जिसने पिछले 7 दशक से मेरे देश के किसानों का अकल्पनीय नुकसान किया है। अब हिंदुस्तान के हक का जो पानी है उस पर अधिकार सिर्फ और सिर्फ हिंदुस्तान का है, हिंदुस्तान के किसानों का है।
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हमने ऑपरेशन सिंदूर में देखा है, मेड इन इंडिया की कमाल क्या थी। दुश्मन को पता तक ना चला, कि कौन से शस्त्र-अस्त्र हैं, ये कौन सा सामर्थ्य है, जो पलक भर में उनको नष्ट कर रहा है। यह पिछले 10 साल से लगातार डिफेंस के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर हम एक मिशन लेकर के चलें हैं, उसके नतीजे आज नजर आ रहे हैं।आज हमने उस बोझ से मुक्त होकर के मिशन मोड में सेमीकंडक्टर के काम के आगे बढ़ाया है। 6 अलग-अलग सेमीकंडक्टर के यूनिट्स जमीन पर उतर रहे हैं, चार नए यूनिट्स को हमने ऑलरेडी हरी झंडी दिखा दी है, ग्रीन सिग्नल दे दिया है। इसी वर्ष के अंत तक मेड इन इंडिया भारत की बनी हुई, भारत में बनी हुई, भारत के लोगों द्वारा बनी हुई मेड इन इंडिया चिप्स, बाजार में आ जाएगी। और इसलिए भगवान श्री कृष्ण से प्रेरणा पाकर के हमने श्री कृष्ण का जो सुदर्शन चक्र था, उस सुदर्शन चक्र की राह को चुना है। अब देश सुदर्शन चक्र मिशन लॉन्च करेगा। यह मिशन सुदर्शन चक्र एक पावरफुल वेपन सिस्टम दुश्मन के हमले को न्यूट्रलाइज तो करेगा ही करेगा, लेकिन कई गुना ज्यादा दुश्मन पर हिट बैक करेगा। हम इस सुदर्शन चक्र के द्वारा भी टारगेटेड प्रिसाइज़ एक्शन के लिए भी व्यवस्था को विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे
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हमने बीड़ा उठाया और आज 11 वर्ष में सोलर एनर्जी 30 गुना बढ़ चुकी है। हम नए-नए डेम बना रहे हैं, ताकि हाइड्रो का विस्तार हो और हमें क्लीन एनर्जी उपलब्ध हो। भारत मिशन ग्रीन हाइड्रोजन लेकर के आज हजारों करोड़ रुपए इन्वेस्ट कर रहा है। भविष्य की ऊर्जा को ध्यान में रखकर के, ऊर्जा के क्षेत्रों को ध्यान में रखकर के, भारत न्यूक्लियर एनर्जी पर भी बहुत बड़े इनीशिएटिव ले रहा है। न्यूक्लियर एनर्जी में 10 नए न्यूक्लियर रिएक्टर तेजी से कम कर रहे हैं। 2047 तक, जोकि हमने विकसित भारत का लक्ष्य तय किया है। जब देश की आजादी के 100 साल होंगे, हम परमाणु ऊर्जा क्षमता 10 गुना से भी अधिक बढ़ाने का संकल्प लेकर के आगे बढ़ रहे हैं।हम न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में बहुत बड़े रिफॉर्म लेकर के आए हैं। अब हमने प्राइवेट सेक्टर के लिए भी परमाणु ऊर्जा को उसके द्वार खोल दिए हैं, हम शक्ति को जोड़ना चाहते हैं।
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भारत ने तय किया था, कि हम 2030 तक क्लीन एनर्जी भारत में 50% पहुंचा देंगे। यह लक्ष्य हमारा 2030 तक था। मेरे देशवासियों का सामर्थ्य संकल्प शक्ति देखिए, हमने जो लक्ष्य 2030 में तय किया था, वो 50% क्लीन एनर्जी का लक्ष्य 2025 में हमने कर लिया, 5 साल पहले हमने अचीव कर लिया।
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हमारे ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला स्पेस स्टेशन से लौट चुके हैं और आने वाले कुछ दिनों में वो भारत भी आ रहे हैं। हम स्पेस में भी अपने दम पर आत्मनिर्भर भारत गगनयान की तैयारी कर रहे हैं। हम अपने बलबूते पर हमारा अपना स्पेस स्टेशन बनाने की दिशा में हम काम कर रहे हैं। देश के 300 से ज्यादा स्टार्टअप्स अब सिर्फ और सिर्फ स्पेस सेक्टर में काम कर रहे हैं और उन 300 स्टार्टअप्स में हजारों नौजवान पूरे सामर्थ्य के साथ जुटे हैं।
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BioE3 पॉलिसी भारत सरकार ने बनाई है, मैं देश के नौजवानों को कहता हूं आइये, BioE3 पॉलिसी का अध्ययन करके आप कदम उठाइए, देश का भाग्य बदलना है, आपका सहयोग चाहिए।
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आने वाला युग ईवी (EV) का है। अब ईवी बैटरी क्या हम नहीं बनाएंगे, हम निर्भर रहेंगे। सोलर पैनल की बात हो, इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल्स के लिए जिन-जिन चीजों की आवश्यकताएं है, वो हमारी अपनी होनी चाहिए।
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कोविन प्लेटफार्म हमारा अपना होना पिछले 11 साल में एंटरप्रेन्योरशिप उद्यमशीलता को बहुत बड़ी ताकत मिली। आज लाखों स्टार्टअप टीयर-2, टीयर-3 सिटी में देश की अर्थशक्ति को, देश के इनोवेशन को, ताकत दे रहे हैं।
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उसी प्रकार से मुद्रा योजना से हमारे देश के करोड़ों नौजवान उसमें भी हमारी बेटियां करोड़ों-करोड़ों लोग मुद्रा से लोन लेकर के अपना खुद का कारोबार कर रहे हैं। पिछले 10 साल में वूमेन सेल्फ हेल्प ग्रुप ने कमाल करके दिखाया। आज उनका प्रोडक्ट दुनिया के बाजार में जाने लगे हैं। लाखों करोड़ों का कारोबार हमारे वूमेन सेल फाइल्स ग्रुप कर रहे हैं।
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हम करोड़ों करोड़ों रुपए के खिलौने विदेश से लाते थे। मैंने ऐसे ही मन की बात में कहा, कि अरे मेरे देश के नौजवानों ऐसा भी करेंगे क्या, खिलौने भी बाहर से लाएंगे और आज मैं गर्व से कहता हूं, कि मेरा देश खिलौने एक्सपोर्ट करने लग गया है। ऐसे दुकानदार आए, कि यहां स्वदेशी माल बिकता है, वो बोर्ड लगाए। हम स्वदेशी का गर्व करने लगे, हम स्वदेशी मजबूरी में नहीं, मजबूती के साथ उपयोग करेंगे।
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40000 से ज्यादा अनावश्यक कंप्लायंसेस को हमने खत्म किया है। इतना ही नहीं, 1500 से अधिक पुराने कानून जो बाबा आदम के जमाने के थे, उन सबको हमने खत्म कर दिया है। हमने दर्जनों कानूनों को सरल करने के लिए संसद में जाकर के जनता के हितों को सर्वोपरि रख करके बदलाव किए हैं।
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लेकिन एक बहुत बड़ा रिफॉर्म इनकम टैक्स एक्ट में हुआ है। करीब 280 से ज्यादा धाराएं हमने समाप्त करने का निर्णय किया है। 12 लाख तक आज इनकम टैक्स से मुक्ति दे देना, देश का जो भविष्य बनाने में उत्सुक है
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ऐसे-ऐसे कानून हैं हमारे देश में, छोटी-छोटी चीजों के लिए जेल में डालने के कानून हैं, आप हैरान हो जाएंगे, किसी ने नजर नहीं दौड़ाई। मैं पीछे लगा हूं, ये मेरे देश के नागरिकों को जेल में बंद करने वाले जो अनावश्यक कानून हैं, वो खत्म होने चाहिए। हम संसद में पहले भी बिल लाए थे, इस बार भी लेकर के आए हैं।
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आज 15 अगस्त के ही दिन मेरे देश के युवाओं के लिए एक लाख करोड़ रुपए की योजना हम लागू कर रहे हैं। आज से प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना आज ही 15 अगस्त को लागू हो रही है,इस योजना के तहत निजी क्षेत्र में पहले नौकरी पाने वाले नौजवान को बेटे बेटी को 15000 रुपया सरकार की तरफ से दिए जाएंगे। कंपनियों को भी नए रोजगार देने के अवसर जो भी ज्यादा जुटाएगा, उनको भी प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना करीब करीब साढ़े तीन करोड़ नौजवानों को रोजगार के नए अवसर बनाएगी।
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आज भारत दूध, दाल, जूट जैसे उत्पादन में नंबर वन है दुनिया में। आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा फिश प्रोड्यूसर मेरे मछुआरे भाई बहनों के ताकत देखिए, फिश प्रोड्यूसर में दुनिया में हम दूसरे नंबर पर पहुंच चुके हैं। आज भारत चावल, गेहूं,फल और सब्जी के उत्पादन में भी दुनिया में दूसरे नंबर पर पहुंच चुका है।
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भारत के किसान, भारत के पशुपालक, भारत के मछुआरे, ये हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। भारत के किसान, भारत के मछुआरे, भारत के पशुपालक, उनसे जुड़ी किसी भी अहितकारी नीति के आगे मोदी दीवार बनके खड़ा है। भारत अपने किसानों, अपने पशुपालकों, अपने मछुआरों के संबंध में कभी भी कोई समझौता नहीं स्वीकार करेगा।
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आज पीएम आवास 4 करोड़ गरीबों को घर मिलना, मतलब जिंदगी के नए सपने वहां बसते हैं। वो सिर्फ चार दीवारें नहीं है दोस्तों। रेहड़ी पटरी वालों के लिए पीएम स्वनिधि योजना जो कभी ब्याज के चक्कर में फंसा रहता था, आज पीएम स्वनिधि से रेहड़ी पटरी वाला भी और आपने देखा होगा वह यूपीआई से पैसे लेता है, यूपीआई से पैसे देता है
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तो मेरे देश के 25 करोड़ गरीब, गरीबी को परास्त कर करके, गरीबी से बाहर निकल करके एक नया इतिहास बनाते हैं। आज 10 करोड़ गरीब और 10 वर्ष में 25 करोड़ से ज्यादा गरीब ग़रीबी को परास्त कर करके गरीबी से बाहर निकले है और एक नियो मिडिल क्लास तैयार हुआ है।यह नियो मिडिल क्लास और मिडिल क्लास एक ऐसी जुगलबंदी है, जिसमें एस्पिरेशन भी है, एफर्ट्स भी हैं, वह देश को आगे बढ़ाने के लिए बहुत बड़ा सामर्थ्य बनने वाली हैं।
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बहुत ही निकट भविष्य में महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले जी की 200वीं जयंती आ रही है।गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी वर्ष है, यह भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती का अवसर है
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जो जिले पिछड़े रहे हैं हम उनको प्राथमिकता देना चाहते हैं, जो ब्लॉक पिछड़े रहे हैं उनको प्राथमिकता देना चाहते हैं, हमने 100 एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट, 500 एस्पिरेशनल ब्लॉक, उसी मिशन में काम किया है। हमने पूर्वी भारत के विकास के लिए हजारों करोड़ रुपए के इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट पर बल दिया है,
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सेवा, समर्पण, संगठन और अप्रतिम अनुशासन, यह जिसकी पहचान रही है, ऐसा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ दुनिया का यह सबसे बड़ा एनजीओ है एक प्रकार से, 100 साल का उसका समर्पण का इतिहास है। मैं आज यहां लाल किले के प्राचीर से 100 साल की इस राष्ट्र सेवा की यात्रा में योगदान करने वाले सभी स्वयंसेवकों को आदरपूर्वक स्मरण करता हूं और देश गर्व करता है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की इस 100 साल की भव्य, समर्पित यात्रा को और हमें प्रेरणा देता रहेगा।, आने वाले 10 साल में, 2035 तक राष्ट्र के सभी महत्वपूर्ण स्थलों, जिनमें सामरिक के साथ-साथ सिविलियन क्षेत्र भी शामिल हैं, जैसे अस्पताल हो, रेलवे हो, जो भी आस्था के केंद्र हो, उन्हें टेक्नोलॉजी के नए प्लेटफॉर्म द्वारा पूरी तरह सुरक्षा का कवच दिया जाएगा।
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जब हम लोकतंत्र की बात करते हैं, स्वतंत्र भारत की बात करते हैं, तब हमारा संविधान हमारे लिए सर्वोत्तम दीप स्तंभ होता है, हमारा प्रेरणा का केंद्र होता है, लेकिन आज से 50 साल पहले भारत के संविधान का गला घोंट दिया गया था। भारत के संविधान की पीठ में छुरा घोंप दिया गया था, देश को जेल खाना बना दिया गया था, आपातकाल लगा दिया गया था, इमरजेंसी थोप दी गई थी। इमरजेंसी के 50 साल हो रहे हैं, देश की किसी भी पीढ़ी को संविधान की हत्या के इस पाप को कभी भूलना नहीं चाहिए। संविधान की हत्या करने वाले पापियों को नहीं भूलना चाहिए और हमें भारत के संविधान के प्रति अपने समर्पण को और मजबूती देते हुए आगे बढ़ना चाहिए, वह हमारी प्रेरणा है।

