आरएसएस किसी सवाल का जवाब देने के लिए बाध्य नहीं;जवाब गलत है-गृह मंत्री/ चढ़ावे की चोरी:  मंदिर परिसर एसआईटी का अस्थायी कैंप कार्यालय बनाने की तैयारी हमला करने और करवाने वाले आरएसएस के लोग-कॉकरोच जनता पार्टी

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 1-आरएसएस किसी सवाल का जवाब देने के लिए बाध्य नहीं ;जवाब गलत है-गृह मंत्री

बेंगलुरु (ईएमएस)।... कर्नाटक सरकार में गृह मंत्री और कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और उसके प्रमुख मोहन भागवत पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेता खड़गे ने आरएसएस को सांस्कृतिक संगठन मानने के साथ ही उसकी राजनीतिक जवाबदेही, पारदर्शिता और कानूनी रजिस्ट्रेशन की मांग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आरएसएस प्रमुख भागवत का जो वीडियो उनके पत्र के जवाब के रूप में सामने आया है, वह गलत है, क्योंकि उन्होंने अपना पत्र 15 जून को भेजा था, जबकि भागवत की वह बातचीत 13-14 जून की थी। कांग्रेस नेता खड़गे ने कहा कि आरएसएस को सांस्कृतिक संगठन होने का पूरा अधिकार है, लेकिन वह एक ही समय में व्यापक सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर दावा नहीं कर सकता कि उसका कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है और इसकारण जनता के प्रति उसकी कोई जवाबदेही नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि भाजपा खुद आरएसएस को अपना वैचारिक जनक मानती है। गृह मंत्री खड़गे ने आरएसएस के देश-विदेश में 2500 से अधिक संबद्ध संगठनों के नेटवर्क के माध्यम से चंदा मिलने और विभिन्न राजधानियों में मुख्यालय चलाने पर सवाल उठाए। उन्होंने उल्लेख किया कि आरएसएस प्रमुख को एडवांस्ड सिक्योरिटी लाइसेंस प्रोटोकॉल मिलता है और अन्य पदाधिकारियों को भी करदाताओं के पैसे से सुरक्षा मिलती है। प्रियांक खड़गे ने कहा कि जनता को यह जानने का हक है कि क्या आरएसएस उन कानूनी मानकों का पालन करता है, जिनकी उम्मीद बाकी सभी संगठनों से होती है, और औपचारिक कानूनी मान्यता मिलने से यह विरोधाभास समाप्त हो जाएगा। उन्होंने आरएसएस के तर्क को खारिज किया कि किसी धर्म का रजिस्ट्रेशन नहीं होता, इसलिए आरएसएस को भी रजिस्टर करने की जरूरत नहीं है। खड़गे ने कहा कि आरएसएस किसी धर्म का प्रतिनिधित्व नहीं करता और मात्र 100 साल पुराना संगठन है। अंत में, उन्होंने कहा, मुझे आरएसएस की किसी भी गतिविधि से आपत्ति नहीं है, लेकिन उन्हें पारदर्शिता बनाए रखना चाहिए। वहीं संघ प्रमुख भागवत का कहना कि आरएसएस किसी सवाल का जवाब देने के लिए बाध्य नहीं है, चिंताजनक है। संवैधानिक लोकतंत्र में किसी भी संस्था को विशेषाधिकार नहीं मिलता। अहंकार छोड़िए, कानून का पालन कीजिए।

2-हमला करने और करवाने वाले आरएसएस के लोग-कॉकरोच जनता पार्टी

नागपुर(ईएमएस)। ...बेहद कम समय में पूरे देश में पहचान बना चुके कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके पर जयपुर में प्रदर्शन के दौरान हमला हुआ था। इसके ठीक दूसरे दिन मतलब मंगलवार को दीपके ने कहा है कि अभी तक जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक हमला करने और करवाने वाले कोई और नहीं आरएसएस के लोग थे। नागपुर हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि यह हमला नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट पेपर लीक जैसे असली मुद्दों से ध्यान भटकाने और छात्रों की आवाज को दबाने की एक सोची-समझी कोशिश है।

3-जंगली जानवरों के हमले-मौत-10 लाख,  घायल-35,000, स्थायी विकलांगता पर 3.5 लाख मिलेगा मुआवजा

रांची,(ईएमएस)। झारखंड सरकार ने जंगली जानवरों के हमले से मौत होने पर मुआवजे की राशि चार लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपए करने को मंज़ूरी दे दी। यह फैसला सीएम हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। कैबिनेट सचिवालय की अतिरिक्त मुख्य सचिव वंदना डडेल ने बताया कि कैबिनेट ने जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान के लिए राज्य की मुआवजा नीति में बदलाव को मंजूरी दे दी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने बताया कि संशोधित नियमों के तहत, जंगली जानवरों के हमलों के कारण गंभीर रूप से घायल होने पर मिलने वाले मुआवजे को मौजूदा 1.5 लाख रुपए से बढ़ाकर दो लाख रुपए कर दिया है। वहीं, मामूली रूप से घायल होने पर मुआवजे की राशि को 25,000 से बढ़ाकर 35,000 रुपए कर दी है। इसके साथ ही हमले के कारण होने वाली स्थायी विकलांगता के मामले में मुआवजे की राशि को 3.25 लाख रुपए से बढ़ाकर 3.5 लाख रुपए कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने मुआवजे का समय पर वितरण करने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया को भी मंजूरी दे दी है। वंदना डडेल ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत, मुखिया द्वारा प्रमाणन किए जाने पर मृतक के परिवार को एक लाख रुपए की तत्काल राहत राशि मिलेगी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मृत्यु प्रमाण पत्र जमा करने पर शेष नौ लाख रुपए जारी किए जाएंगे। इसके अलावा वन विभाग के अधिकारियों के लिए सूचना मिलने के छह घंटे के अंदर घटना स्थल का दौरा करना अनिवार्य किया गया है। अधिकारी ने बताया कि इसके साथ ही मुआवजे की पूरी राशि का भुगतान तीन दिन के अंदर करना होगा।

 4-  अयोध्या  मंदिर में चढ़ावे की चोरी:   मंदिर परिसर में एसआईटी का एक अस्थायी कैंप कार्यालय बनाने की तैयारी

अयोध्या(ईएमएस)। अयोध्या के भव्य श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी और वित्तीय गड़बड़ी के गंभीर आरोपों की जांच तेज हो गई है। राज्य सरकार द्वारा गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने सोमवार से मंदिर परिसर में पहुंचकर अपनी जांच की कमान संभाल ली है। जांच के पहले ही दिन एसआईटी ने बेहद कड़ा और गोपनीय रुख अख्तियार किया। टीम ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से बंद कमरे में कई घंटों तक अकेले में पूछताछ की और मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज व रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले लिए। सोमवार दोपहर से शुरू हुआ यह जांच अभियान देर रात तक जारी रहा, जिसके बाद आज यानी मंगलवार से संबंधित लोगों से विधिवत पूछताछ का सिलसिला शुरू होने जा रहा है। जांच को सुचारू रूप से चलाने के लिए मंदिर परिसर के भीतर ही एसआईटी का एक अस्थायी कैंप कार्यालय बनाने की तैयारी है, ताकि अधिकारी वहीं रहकर पूरी मुस्तैदी से काम कर सकें।इस बीच, मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन और ट्रस्ट के पदेन सदस्य नृपेंद्र मिश्र ने इस पूरे मामले पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि एसआईटी को इस मामले के आपराधिक और सुधारात्मक, दोनों ही पहलुओं को गहराई से देखना होगा। उनके अनुसार, जब जांच के निष्कर्ष पूरी तरह पारदर्शी होंगे, तभी आम जनता और देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं का विश्वास दोबारा जीता जा सकेगा।

 


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