
सभापति ने कहा कार्यवाही गहन चिंता व खेदजनक
संसद का मानसून सत्र, 2026, जो सोमवार, 20 जुलाई, 2026 से शुरू हुआ था, गुरुवार, 13 अगस्त, 2026 को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया है । सत्र के दौरान 25 दिनों की अवधि में कुल 19 बैठकें हुईं।
संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित किए गए विधेयक
1. राष्ट्र-गौरव अपमान-निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 /2.लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 /3. जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) विधेयक, 2024 4.उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीश संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 / 5.विनियोग (संख्यांक 3) विधेयक, 2024 /6. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 /7. बैंककार बही साक्ष्य विधेयक, 2026 /8. कराधान और अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक, 2026 /9. केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 /10. राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 / 11. अधिकरण सुधार विधेयक, 2026/12. खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026
इस सत्र की एक उल्लेखनीय विशेषता नव निर्वाचित और मनोनीत सदस्यों के लिए आयोजित अनुकूलन कार्यक्रम था। दो दिवसीय कार्यक्रम ने संसदीय कार्यप्रणाली, प्रक्रिया और सदस्यों से अपेक्षित आचरण मानकों के बारे में बहुमूल्य जानकारी प्रदान की। श्री हरिवंश जी, वरिष्ठ मंत्री श्री भूपेंद्र यादव जी और अत्यंत अनुभवी संसद सदस्य श्री घनश्याम तिवारी, श्री प्रमोद तिवारी, श्री अरुण सिंह, डॉ. सस्मित पात्रा, श्री सुजीत कुमार और डॉ. जॉन सहित विशिष्ट संकाय सदस्यों ने अपने बहुमूल्य संसदीय अनुभव और व्यावहारिक अंतर्दृष्टि से कार्यक्रम को समृद्ध बनाया। मुझे विशेष रूप से प्रसन्नता है कि वर्तमान सत्र के दौरान अपनी व्यस्त दिनचर्या और अपने-अपने राज्यों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों के बावजूद, 35 सदस्य कार्यक्रम में उपस्थित हो सके और इससे लाभान्वित हुए। मुझे आशा है कि हमारे नए सदस्य इन सीखों को आगे ले जाएंगे और सदन की चर्चाओं में सार्थक योगदान देंगे।मैं सत्र के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने में महासचिव और उनके अधिकारियों एवं कर्मचारियों की टीम के अथक प्रयासों की भी सराहना करता हूं। कार्यवाही को कवर करने और जनता को जानकारी देते रहने के लिए प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को भी मेरा धन्यवाद।अंत में, मैं स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सभी माननीय सदस्यों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं और अंतर-सत्र अवधि के दौरान पड़ने वाले त्योहारों के लिए अपनी शुभकामनाएं व्यक्त करता हूं।मुझे आशा है कि जब हम दोबारा मिलेंगे, तो हम इस प्रतिष्ठित सदन की गरिमा को बनाए रखने और अपने लोकतंत्र की उच्चतम परंपराओं के अनुरूप अपने संसदीय दायित्वों का निर्वहन करने के नए संकल्प के साथ मिलेंगे। इससे हमारे लोकतांत्रिक संस्थानों और लोकतंत्र को हर समय मजबूती मिलेगीसभापति ने सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया 13 AUG 2026 PIB Delhi
अंतरिक्ष क्षेत्र में18 स्टार्टअप निजी कंपनियां
डीपीआईआईटी स्टार्ट-अप इंडिया पोर्टल के अनुसार , भारत में लगभग 440 अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी स्टार्टअप पंजीकृत हैं। इन-स्पेस ने 52 गैर-सरकारी संस्थाओं (एनजीई) को विभिन्न अंतरिक्ष गतिविधियों को संचालित करने के लिए 113 प्राधिकरण प्रदान किए हैं, जिनमें से 18 स्टार्टअप हैं। विवरण इस प्रकार हैं:
- अग्निकुल कॉसमॉस प्राइवेट लिमिटेड,
- अक्षत एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड,
- अज़ीस्ता बीएसटी,
- बेलैट्रिक्स एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड,
- कॉस्मोसर्व स्पेस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड,
- ध्रुवा स्पेस प्राइवेट लिमिटेड,
- दिगांतारा रिसर्च एंड टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड
- गैलेक्सीआई स्पेस सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड,
- हैक्स20लैब्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड,
- इनऑर्बिट स्पेस टेलीकम्युनिकेशंस प्राइवेट लिमिटेड,
- मनस्तु स्पेस टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड,
- एनस्पेस टेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड,
- ऑर्बिटएड एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड,
- पियरसाइट स्पेस प्राइवेट लिमिटेड,
- पिक्सलस्पेस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड,
- स्काईरूट एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड,
- स्पेस किड्ज़ इंडिया,
- टेकमी2स्पेस टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड,
स्मारकों का संरक्षण
स्मारक के संरक्षण के लिए उस भूमि का अधिग्रहण या स्वामित्व अनिवार्य नहीं
देश में राष्ट्रीय महत्व के घोषित 3688 प्राचीन स्मारक और पुरातात्विक स्थल एवं अवशेष हैं, जिनमें से 414 स्मारकों एवं स्थलों पर अतिक्रमण की सूचना मिली है। राज्य-वार विवरण में दिया गया है।सरकार ने इन टिप्पणियों का संज्ञान लिया है। प्राचीन स्मारक एवं पुरातत्व स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 1958 (एएमएएसआर अधिनियम, 1958) के प्रावधानों के अंतर्गत किसी स्मारक के संरक्षण के लिए उस भूमि का अधिग्रहण या स्वामित्व अनिवार्य नहीं है जिस पर स्मारक स्थित है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ( एएसआई) का प्राथमिक उद्देश्य एएमएएसआर अधिनियम, 1958 और उसके अंतर्गत निर्मित नियम, 1959 के प्रावधानों के अनुसार संरक्षित स्मारकों का संरक्षण एवं रखरखाव करना है। जहां कहीं भी अतिक्रमण या अनधिकृत गतिविधियां देखी जाती हैं, वहां एएमएएसआर अधिनियम, 1958 और उसके अंतर्गत निर्मित नियमों के संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत उचित कार्रवाई की जाती है। इसके अलावा, स्मारकों की सीमा निर्धारित करने के लिए, स्मारकों और स्थलों की संरक्षित सीमाओं की सुरक्षा के लिए स्थानीय राजस्व अधिकारियों के समन्वय से संयुक्त सर्वेक्षण किया जाता है।भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने संरक्षित स्मारकों और स्थलों की सीमाओं का सर्वेक्षण, भू-संदर्भ निर्धारण और डिजिटलीकरण पूरा कर लिया है और इन्हें भुवन पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। ।13 AUG PIB Delhi
गोरखपुर :8वी मंजिल से कूद चिकित्सक ने की आत्महत्या
गोरखपुर (उप्र): 13 अगस्त (भाषा) गोरखपुर में 45 वर्षीय एक पशु चिकित्सक ने बृहस्पतिवार को अपने अपार्टमेंट के आठवें तल से कूदकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने यह जानकारी दी।अपर पुलिस अधीक्षक निमिश पाटिल ने बताया कि मृतक की पहचान परमात्मा सिंह के रूप की गई है। वह महाराजगंज के नौतनवा में तैनात थे और गोरखनाथ क्षेत्र में अपनी पत्नी सुमित्रा सिंह और दो बच्चों के साथ रहते थे।परिजनों का आरोप है कि ऋण से जुड़ी कथित धोखाधड़ी में करीब 1.40 करोड़ रुपये गंवाने के बाद सिंह काफी मानसिक तनाव में थे।पाटिल ने कहा कि इस सुसाइड नोट और अन्य साक्ष्य के आधार पर गोरखनाथ पुलिस थाने में एक नया मामला दर्ज किया जा रहा है।

