
अमरकंटक मध्यप्रदेश के साल वनों में बढ़ते साल बोरर कीट के प्रकोप के वैज्ञानिक प्रबंधन एवं साल वनों के संरक्षण की प्रभावी रणनीति निर्धारित करने के उद्देश्य से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक में ‘मध्यप्रदेश के वनों में साल बोरर कीट प्रबंधन एवं संरक्षण’ विषय पर उच्चस्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में जनप्रतिनिधियों, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, वैज्ञानिकों, विषय विशेषज्ञों, वन समितियों के प्रतिनिधियों तथा विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने सहभागिता की। कार्यशाला में मंडला लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. फग्गन सिंह कुलस्ते, पुष्पराजगढ़ विधायक श्री फुंदेलाल सिंह मार्को, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अवधेश कुमार शुक्ला सहित वन विभाग एवं अनुसंधान संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन
के साथ कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। इसके उपरांत राष्ट्रीय गीत का सामूहिक गायन किया गया। इस दौरान पर साल बोरर कीट के प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण प्रकाशनों का विमोचन भी किया गया। उद्घाटन सत्र में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (उत्पादन) ने कहा कि साल वन मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण प्राकृतिक संपदा हैं। इनके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों का समयबद्ध एवं वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन आवश्यक है। उन्होंने क्षेत्रीय अनुभवों को वैज्ञानिक अनुसंधान से जोड़कर प्रभावी एवं दीर्घकालिक प्रबंधन रणनीति विकसित करने पर बल दिया।

