‘दाल में कुछ काला है’: सत्रावसान में देरी पर-कांग्रेस/आकृति  की रासुका रद्द आदेश को चुनौती देंगे: सॉलिसिटर / , कांग्रेस से सात गुनाभाजपा को 1,473 करोड़ रुपये मिले/तालाबों के कार्यों में जल प्रवाह, आवक-निकासी का रखें विशेष ध्यान – कलेक्टर

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‘दाल में कुछ काला है’: मानसून सत्र के सत्रावसान में देरी पर कांग्रेस

नयी दिल्ली: नौ सितंबर (भाषा) कांग्रेस ने संसद के मानसून सत्र का सत्रावसान करने में हो रही देरी पर बुधवार को सवाल उठाते हुए कहा कि ‘‘दाल में कुछ काला है’’ और सरकार ‘‘बहुकलंकित’’ दो-तिहाई बहुमत जुटाने की कोशिश कर रही है, लेकिन वह परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराने के लिए आवश्यक बहुमत हासिल करने में सफल नहीं हो पाएगी।कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि आम तौर पर संसद के दोनों सदनों के अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के तीन-चार दिन बाद ही सत्रावसान हो जाता है। उन्होंने कहा कि 2015 में यह अंतर 28 दिन का था और वह रिकॉर्ड जल्द ही टूट जाएगा, क्योंकि इस साल के मानसून सत्र का सत्रावसान हुए बिना ही 27 दिन बीत चुके हैं।

आकृति  की रासुका रद्द आदेश को चुनौती देंगे: सॉलिसिटर 

नयी दिल्ली: नौ सितंबर (भाषा) सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बुधवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा एवं कार्यकर्ता आकृति चौधरी की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत हिरासत को रद्द करने संबंधी इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ अपील दायर की जाएगी।शीर्ष विधि अधिकारी ने प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ के समक्ष यह बयान दिया।

पांच राज्यों में चुनाव के दौरान , कांग्रेस से सात गुनाभाजपा को 1,473 करोड़ रुपये मिले

नयी दिल्ली: नौ सितंबर (भाषा) निर्वाचन आयोग में जमा किये गए खर्च के ब्योरे के अनुसार, इस साल की शुरूआत में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा को अपने केंद्रीय मुख्यालय में लगभग 1,473 करोड़ रुपये मिले, जो कांग्रेस को उसकी केंद्रीय और प्रदेश इकाइयों से मिले कुल 207 करोड़ रुपये से सात गुना से भी अधिक रकम है।कांग्रेस की असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी के लिए कुल खर्च की रिपोर्ट पहले ही आ चुकी थी। पार्टी ने 15 मार्च से 6 मई तक की चुनावी अवधि के दौरान कुल 207.17 करोड़ रुपये प्राप्त होने और 248.55 करोड़ रुपये का खर्च बताया है।

साकेत से सत्य निकेतन तक: इस साल दिल्ली में इमारतें गिरने की पांच घटनाओं में 16 लोगों की मौत

नयी दिल्ली: नौ सितंबर (भाषा) दिल्ली के सत्य निकेतन में पिछले दिनों पांच मंजिला इमारत का गिर जाना इस साल की पांचवीं ऐसी घटना थी। दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास घनी आबादी वाली कॉलोनी में हुई इस घटना में सात लोगों की मौत के साथ, इस साल ऐसी घटनाओं में जान गंवाने वालों की संख्या 16 हो गई है।आधिकारिक आंकड़ों और पुलिस के बयानों के अनुसार, इन 16 लोगों की मौत तीन घटनाओं में हुई। मई में साकेत में छह, जुलाई में रोहिणी में तीन और छह सितंबर को हुई ताजा घटना में सात लोगों की जान गई।

साइबर अपराध – शहडोल जिले के सभी 14 थानों में शुरू हुई साइबर डेस्क

शहडोल : मंगलवार, सितम्बर 8, 2026, जिले में साइबर अपराधों की रोकथाम एवं साइबर ठगी से पीड़ित नागरिकों को त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले के सभी 14 थानों में साइबर डेस्क की शुरुआत की गई है। साइबर डेस्क के माध्यम से नागरिक अपने नजदीकी थाने में ही साइबर अपराध एवं ऑनलाइन ठगी से संबंधित शिकायत दर्ज कराकर आवश्यक पुलिस सहायता प्राप्त कर सकेंगे। इस पहल से साइबर अपराध से संबंधित शिकायतों के लिए नागरिकों को जिला मुख्यालय आने की आवश्यकता नहीं होगी।  इससे साइबर अपराधों की सूचना पुलिस तक शीघ्र पहुंचने के साथ ही पीड़ितों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। पुलिस विभाग द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराएं नहीं और तत्काल नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें। साथ ही ऑनलाइन लेन-देन करते समय सतर्कता बरतें और किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक संबंधी जानकारी अथवा अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। जिले के सभी थानों में साइबर डेस्क की शुरुआत से साइबर अपराधों के विरुद्ध पुलिस की कार्रवाई को थाना स्तर तक और अधिक प्रभावी बनाने तथा आमजन को त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

तालाबों के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्यों में जल प्रवाह एवं आवक-निकासी का रखें विशेष ध्यान – कलेक्टर

अनुपपुर  कलेक्टर ने नगरीय क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले तालाबों के सौंदर्यीकरण एवं जीर्णोद्धार कार्य इस प्रकार कराने के निर्देश दिए कि तालाब में पानी की आवक एवं निकासी की व्यवस्था किसी भी तरह प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि तालाब में प्राकृतिक रूप से आने वाले पानी के प्रवाह के साथ-साथ अन्य माध्यमों से तालाब में पानी पहुंचाने के लिए निर्धारित इंटक मार्ग भी सुचारू एवं सुरक्षित रहें। सौंदर्यीकरण एवं जीर्णोद्धार कार्यों से तालाब के जल प्रवाह में किसी प्रकार का अवरोध उत्पन्न नहीं होना चाहिए। तालाब की जलधारण क्षमता एवं उपयोगिता को बनाए रखते हुए जल की आवक एवं निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के बाद ही सौंदर्यीकरण, जीर्णोद्धार एवं आसपास स्वच्छता से संबंधित विकास कार्य कराए जाएं। 

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