
“पर्यावरण और जलवायु गतिकी का भविष्य” पर आयोजित सम्मेलन में प्रधानमंत्री के संबोधन
कार्यक्रम में उपस्थित भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे साथी भूपेंद्र यादव जी, भारत के अटार्नी जनरल आर. वेंकटरमणी जी, National Green Tribunal – NGT के अध्यक्ष जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव जी, आज करोड़ों लोगों की भागीदारी से भारत में जल संरक्षण पर भी अभूतपूर्व काम हो रहा है। मुझे खुशी है कि देश में 70,000 से ज्यादा अमृत सरोवर का निर्माण हुआ है। ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत देश में करीब डेढ़ करोड़ वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर्स बने हैं। जिसमें बारिश का पानी संरक्षित हो रहा है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के जरिए आज 2 करोड़ से ज्यादा किसान सिंचाई की आधुनिक सुविधाओं से जुड़े हैं। ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ जैसे इनिशिएटिव से भी पानी की बचत हो रही है। ‘श्री अन्न’ यानी मिलेट्स, यह भी एक बहुत बड़ा सफल उदाहरण है। भारत मिलेट्स श्री अन्न की पैदावार को बढ़ावा दे रहा है। जो पानी की खपत कम करते हैं। बीते वर्षों में देश में मिलेट्स का उत्पादन भी बढ़ा है और निर्यात भी बढ़कर करीब डेढ़ लाख टन हो गया है। इससे किसानों के लिए नए मौके तो बन ही रहे हैं, पानी की भी बचत हो रही है। और इसी मॉडल के कारण दुनिया भी हमारे साथ जुड़ रही है। भारत के प्रयासों केकारण 2023 को ‘इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट्स’ के रूप में सेलिब्रेट किया गया है।नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के तहत आज देश में करीब साढ़े बारह लाख हेक्टेयर में नेचुरल फार्मिंग के 24,000 क्लस्टर्स बन चुके हैं। यही नहीं, देश में क्लाइमेट रेजिलियंट क्रॉप्स की भी करीब 3000 वैरायटीज विकसित हो चुकी है।Agro-forestry को बढ़ावा देकर भी हम कार्बन फुटप्रिंट्स को कम कर रहे हैं।हमारा सांस्कृतिक विचार है – “माता भूमिः, पुत्रो अहम् पृथिव्याः” अर्थात यह धरती हमारी मां है और हम इसकी संतान है। इसी सोच के साथ भारत भी एक Responsible और sustainable भविष्य बनाने के लिए काम कर रहा है। मुझे विश्वास है कि इस कांफ्रेंस में होने वाले डिस्कशंस उससे जो नए विचार, नए समाधान सामने आएंगे। वो हो सकता है कि आने वाले पीढ़ी के लिए एक बहुत बड़ा संबल बन करके निकलेंगे।
अमित शाह के बेटे क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष कैसे , “सिस्टम को स्टूडेंट नहीं, अंधभक्त चाहिए”-राहुल गांधी
राहुल गांधी ने 19 सितंबर 2026 को इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों और Gen-Z युवाओं से संवाद करते हुए मुख्य रूप से शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक, बेरोजगारी, सरकारी भर्तियों और “सिस्टम” पर हमला बोला।यह कार्यक्रम श्रृंखला का पांचवां आयोजन था। रीजनल पार्क के पास भारत जोड़ो मैदान (विशाल डोम) में आयोजित हुआ।
“सिस्टम को स्टूडेंट नहीं, अंधभक्त चाहिए”: उन्होंने कहा कि सिस्टम को छात्रों से खतरा है क्योंकि छात्र सवाल पूछते हैं—जैसे अमित शाह के बेटे क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष कैसे बने, दो लोग (अडानी-अंबानी) पूरे बिजनेस पर कैसे काबिज हैं, न्यायपालिका-चुनाव आयोग क्यों काम नहीं कर रहे, स्कूल-कॉलेज की हालत खराब क्यों है, पेपर लीक क्यों हो रहे हैं। अंधभक्त सवाल नहीं पूछते, नफरत फैलाते हैं, डरपोक होते हैं और डिल्यूजनल दुनिया में रहते हैं। छात्र जिज्ञासु, निडर, प्रेम से बात करते हैं और मोहब्बत/सम्मान रखते हैं।
छात्र देश का भविष्य हैं: “सिस्टम नहीं, छात्र देश के भविष्य हैं। छात्रों के बिना कोई देश मजबूत नहीं बन सकता।” उन्होंने छात्रों की जिज्ञासा, प्यार, विनम्रता, निडरता, सहनशीलता और ईमानदारी जैसी खूबियों पर जोर दिया।शिक्षा, पेपर लीक और रोजगार: शिक्षा व्यवस्था बर्बाद हो रही है, परीक्षाओं में गड़बड़ी और पेपर लीक युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती और 13% पदों के होल्ड पर रहने का मुद्दा उठाया। सरकारी पद खाली हैं, भर्तियां देरी से हो रही हैं। उन्होंने शिक्षक अभ्यर्थियों के विरोध में शामिल होने की पेशकश भी की।सिस्टम पर आरोप: उन्होंने “सिस्टम” की टॉप लेयर पर कुछ नामों (नरेंद्र मोदी, अमित शाह, अजीत डोभाल, मोहन भागवत, गौतम अडानी, मुकेश अंबानी) का जिक्र करते हुए
कांग्रेस ने ट्रंप को लेकर कहा : धौंस जमाने वाले से मुकाबले का एकमात्र तरीका मजबूती से प्रतिरोध
नयी दिल्ली: 19 सितंबर (भाषा) कांग्रेस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने संबंधी अधिनियम पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद शनिवार को कहा कि धौंस जमाने वाले किसी भी व्यक्ति का मुकाबला करने का एकमात्र तरीका उसका ‘‘मजबूती से प्रतिरोध’’ करना है।ट्रंप ने जिस अधिनियम पर हस्ताक्षर किया है, वह रूस तथा उसके प्रमुख ऊर्जा खरीदारों, जिनमें चीन और भारत शामिल हैं, पर भारी शुल्क लगाने का प्रावधान करता है।
एनएसयूआई के लिये मुसीबत बने बागी: डूसू में हार से प्रभारी कन्हैया के चुने गए उम्मीदवारों पर सवाल
नयी दिल्ली: 19 सितंबर (भाषा) डूसू चुनावों में एनएसयूआई के केंद्रीय पैनल के चारों पदों में से कोई भी पद न जीत पाने से कांग्रेस के छात्र संगठन में टिकट वितरण एक बार फिर चर्चा में आ गया है। एनएसयूआई के एक बागी उम्मीदवार ने भारी अंतर से जीत दर्ज की, जबकि एक अन्य ने कड़ी चुनौती पेश की।उपाध्यक्ष का पद जीतने वाले निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के टिकट की मांग की थी और संगठन ने शुरू में उन्हें उम्मीदवार भी बनाया था, लेकिन बाद में उनसे नामांकन वापस लेने को कहा गया। उन्हें 30,615 मत मिले, जो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के इशु मौर्य को मिले 16,910 वोटों से लगभग दोगुने हैं।
ट्रंप ने एच-1बी वीजा पर एक लाख डॉलर का शुल्क एक साल के लिए बढ़ाया
वाशिंगटन: 19 सितंबर (भाषा) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एच-1बी वीजा के जरिये विदेशी कर्मचारियों को अमेरिका लाने वाले नियोक्ताओं पर लगाए गए एक लाख अमेरिकी डॉलर के शुल्क को एक साल के लिए बढ़ा दिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ ने यह जानकारी दी।ट्रंप ने शुक्रवार को जारी राष्ट्रपति की घोषणा में कहा कि 2025 में एक लाख अमेरिकी डॉलर का शुल्क लगाने के फैसले के बाद बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों द्वारा एच-1बी वीजा के लिए पंजीकरण में 92 प्रतिशत की कमी आई है।

