
पुणे
शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित थीम पार्क ‘शिव सृष्टि’ के प्रथम चरण का लोकार्पण किया। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
अमित शाह ने छत्रपति शिवाजी महाराज को उनके देश, धर्म, स्वराज और स्वभाषा के लिए दिए गये योगदान के लिए प्रणाम किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज शिव जयंती के दिन शिव सृष्टि के प्रथम चरण का लोकार्पण होने के बाद कल से यह जनता के लिए खुल जाएगा। यह दिन विश्व भर में शिवाजी के जीवन से संदेश व प्रेरणा लेने वाले लोगों के लिए ऐतिहासिक है। श्री शाह ने कहा कि ‘शिव शाहिर’ बाबासाहब पुरंदरे जी ने शिवचरित्र को शब्दबद्ध करने के लिए देशभर में घूम-घूम कर अपना जीवन समर्पित किया जिससे शिवाजी महाराज की शौर्यगाथाएँ जन जन तक पहुँची।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी जी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए बाबासाहेब से विनती कर गुजरात के हर जिले में जाणता राजा के कार्यक्रम को आयोजित करवाया। वहां के युवा इस कार्यक्रम को देखकर शिवाजी महाराज के अनन्य भक्त बनकर बाहर निकलते थे। श्री शाह ने बाबासाहेब के सपने को साकार करने के लिए उनके इस ईश्वरीय काम को आगे बढ़ाने के लिए ट्रस्टियों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि शिवाजी का जीवन ए
क ऐसा संदेश है जो आज भी कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से कलकत्ता के गंगा सागर तक सभी लोगों को प्रेरित करता है। तभी तो बाबासाहेब पुरन्दरे का नाम परिवर्तित कर शिवशाहीर बाबासाहेब पुरंदरे रखा गया। श्री शाह ने कहा कि बाबासाहेब ने अपने जीवन में गोवा, दादरा और नगर हवेली व दमन और दीव के मुक्ति संग्राम में जुड़कर एक यशस्वी योगदान दिया। श्री शाह ने कहा आज यहां शिव सृष्टि के चार चरणों में से पहला चरण समाप्त हुआ है। श्री शाह ने विश्वास जताया कि 438 करोड़ रुपये का यह प्रॉजेक्ट निश्चित रूप से तय किए गए टाइम टेबल में समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में 60 करोड़ रुपये की लागत से शिवाजी महाराज के जीवन की अनेक घटनाओं को संजोने का प्रयास किया गया है। यहां 3D में शिवकालीन दुर्गों का सफर, शिवाजी के राज्याभिषेक और उनके आगरा से मुगलों की चुंगल से निकलने जैसे कई प्रमुख प्रसंगों को संजोया गया है। यहां आने वाली देश की युवा पीढ़ी शिवाजी महाराज के जीवन को भलीभांति जानकर उनके स्वधर्म,स्वभाषा के लिए जीने व स्वराज के लिए हमेशा बलिदान देने की तत्परता दिखाने के विचारों को प्राप्त करेगी। श्री शाह ने कहा कि सन् 1967 में अप्रैल माह से सतारा की राजमाता सुमित्रा राजे भोंसले व श्रीमंत छत्रपति प्रताप सिंह महाराज के मार्गदर्शन में बाबासाहेब द्वारा सतारा में प्रतिष्ठान की स्थापना की गयी और तब से पूरे देश भर में बाबासाहेब ने 12 हजार से ज्यादा शिव व्याख्यान किए, 1200 से ज्यादा जाणता राजा महानाट्य किए जिसे आज यहां लगाकर पूरे भारत को शिवाजी के विचारों का संदेश देने का काम किया गया है।
अंग्रेजों से पश्चिमी तटों की सुरक्षा के लिए शिवाजी ने नौसेना की स्थापना की । शिवाजी महाराज ने स्वराज के लिए लड़ने वाले लोगों की एक बड़ी फ़ौज बनाई जिसने मुगल राज को टक्कर दी और सन् 1771 में महाराज जी सिंधिया के नेतृत्व में दिल्ली पर कब्जा किया और अटक से कटक तक अपना साम्राज्य बनाया।श्री अमित शाह ने कहा कि आज शिव जयंती के मौके पर यहां एक भव्य शिव सृष्टि के निर्माण के पहले चरण का समापन हुआ है। उन्होंने कहा कि शिव सृष्टि के चारों चरणों के पूर्ण होने पर शिवाजी की गाथा को बड़े गौरव के साथ समग्र विश्व के सामने रखा जाएगा। शिवाजी के विचारों को मानने वाले कई लोग इस शिव सृष्टि के साथ जुड़ेंगे और प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत को परम वैभव पर पहुंचाएंगे तथा प्रधानमंत्री मोदी जी के आजादी की शताब्दी मनाए जाने के समय भारत को विश्व में प्रत्येक क्षेत्र में सर्वप्रथम बनाने के लक्ष्य को अवश्य ही पूरा करेंगे।

