सात दलों की 66 फीसद आय अन्य ‘अज्ञात’स्रोत से..| यानी ब्लैकमेल से…?

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एसोसिएशन फार डेमोक्रेटिक रिफार्मस (एडीआर) की रिपोर्ट

नई दिल्ली, 11 मार्च।

 सब कुछ पारदर्शी है यह शिकायत इस आजाद मुल्क के नागरिकों को नहीं होनी चाहिए क्योंकि अगर गलत तरीके से पैसा आता है तो सिर्फ नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह प्रदर्शित करें कि पैसा कहां से आ रहा है राजनीतिक दलों को इस की बाध्यता नहीं है यह व्यवस्था उन्होंने अपने लिए बना रखी है तो क्या हम दोहरी व्यवस्था में आजादी का अनुभव कर रहे हैं देखिए एडीआर की रिपोर्ट भारत के राजनीतिक दलों के पारदर्शी और ईमानदार कार्यप्रणाली पर क्या कहती है…..Election Commission: Govt okay with 2K cap for anonymous donations - The  Economic Times


भारत की सात राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टियों की 2021- 22 में हुई कुल आय का 66 फीसद से ज्यादा हिस्सा चुनावी बांड और अन्य अज्ञात स्रोतों से आया है। एसोसिएशन फार डेमोक्रेटिक रिफार्मस (एडीआर) ने अपनी रिपोर्ट में यह बात कही है। चुनाव सुधार की दिशा में काम करने वाले एनजीओ ने आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा है कि 7 राजनीतिक दलों–

 

1-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा),
2-कांग्रेस,
3-तृणमूल कांग्रेस,
4-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा)
5-भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा)
6-भारतीय कम्युनिस्टपार्टी (मार्क्सवादी) (माकपा)
7-और नेशनल पीपुल्स पार्टी(एनपीपी)
ने 2021-22 में अज्ञात स्रोतों से 2,172 करोड़ में एडीआर के अनुसार, ऐसे अज्ञात स्रोतों में चुनावी बांड के माध्यम से चंदा, कूपनों की बिक्री, राहत कोष, फुटकर आय, स्वैच्छिक चंदा और बैठकों तथा मोर्चों से होने वाली आय शामिल है।
रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2021-22 में भाजपा ने अज्ञात स्रोतों से 1,161 करोड़ रुपये की आय बताई है जो राष्ट्रीय दलों को अज्ञात स्रोतों से हुई कुल आय का 53.45 फीसद है। रुपए प्राप्त किए एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार, अज्ञात
स्रोतों से प्राप्त आय इन राजनीतिक पार्टियों के कुल आय का 66.04 फीसद है। उसके अनुसार, अज्ञात स्रोतों से प्राप्त
आय में से 1,811.94 करोड़ रुपए (83.41 फीसद) चुनावी

वर्ष 2021-22
आय के स्रोत का कोई जिक्र नहीं किया राजनीतिक दलों ने सात दलों की 66 फीसद आय चुनावी बांड, अन्य ‘अज्ञात’स्रोत से बांड के माध्यम से प्राप्त हुई है। उसमें कहा गया है कि इन राजनीतिक पार्टियों ने वार्षिक आडिट रिपोर्ट में अज्ञात स्रोतों से प्राप्त आय को दिखाया है, लेकिन उसमें आय की स्रोत का कोई जिक्र नहीं है। वर्तमान कानून के अनुसार, 20,000 रुपए से कम या चुनावी बांड के माध्यम से राजनीतिक दलों को दान देने वाले व्यक्ति या संस्था का नाम सार्वजनिक करने के लिए राजनीतिक दल बाध्य नहीं हैं।
एडीआर के अनुसार, ऐसे अज्ञात स्रोतों में चुनावी बांड के माध्यम से चंदा, कूपनों की बिक्री, राहत कोष, फुटकर आय, स्वैच्छिक चंदा और बैठकों तथा मोचों से होने वाली आय शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2021-22 में भाजपा ने अज्ञात स्रोतों से 1,161 करोड़ रुपये की आय बताई है जो राष्ट्रीय दलों को अज्ञात स्रोतों से हुई कुल आय का 53.45 फीसद है। एडीआर ने बताया, ‘भाजपा को प्राप्त आय अन्य छह राष्ट्रीय दलों द्वारा घोषित अज्ञात स्रोतों से कुल आय 1,011.18 करोड़ रुपए से 149.86 करोड़ रुपए ज्यादा है। तृणमूल कांग्रेस ने बताया है कि अज्ञात स्रोतों से उसे 528 करोड़ रुपए की आय हुई है जो राष्ट्रीय राजनीतिक दलों को अज्ञात स्रोतों से हुई कुल आय का 24.31 फीसद है। रिपोर्ट के अनुसार, 2004-05 और 2021-22 के बीच राष्ट्रीय दलों को अज्ञात स्रोतों से कुल 17,249.45 करोड़ रुपए की आय हुई है। एडीआर के अनुसार, 2004-05 और 2021-22 कांग्रेस और राकांपा की कूपनों की बिक्री से हुई कुल आय 4,398.51 करोड़ रुपए है। एनजीओ ने कहा, ‘यह रेखांकित किया जाता है कि आडिट रिपोर्ट के अनुसार तृणमूल कांग्रेस को प्राप्त कुल चंदे की राशि 38 लाख रुपए ( चुनावी बांड से मिली राशि से इतर) है, लेकिन पार्टी ने चंदा के लेखा-जोखा में 43 लाख रुपए (20 हजार सेज्यादा का चंदा) दिखाया है।       (SABHAR जनसता) 
 

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