जिस देश में वोट बैंक के धंधे को बढ़ाने के लिए 80 करोड़ से लाभार्थियों/गरीब बताकर उन्हें 5 किलो अनाज देने की व्यवस्था को इवेंट बनाया जाता हो, जब की गरीबी रेखा के निजी जीने वालों को संख्या बढ़ती जाती हो… ।जिस देश में स्त्रियों की श्रम मूल्य की क्षमता इतनी कम हो की उन्हें इनेमिया(खून की कमी) की कमी शिकार होना पड़ता है और उन्हें लाडली बहना बनाकर ₹1000 देने की कोशिश की जाती हो कि वे स्वस्थ रहें …उसका इवेंट ऐतिहासिक होता हो.., जिस देश में हत्यारे/बलात्कारी रामरहीम ,आसाराम को आज भी संत का दर्जा प्राप्त हो… और तमाम प्रकार के सोशल मीडिया में झूठी न्यूज़ TRP बनाने का धंधा हो.., ऐसी TRP से विज्ञापन से करोड़ों हरुपए का बंटवारा होता हो.., इस पारदर्शी और खुली ब्लैकमेलिंग के कारोबार के बीच में यदि किसी IAS को गरीब बताकर झूठी समाचार इमोशनल-ब्लैकमेल इनके जरिए TRP वढ़ाई जाती हो.. सोशल मीडिया भटक जाए वहां पर दुख किस बात का का होता है यह समझ पाना मुश्किल है…? दुख गरीब हो जाने का है.. या IAS के रूप में गरीबी के साथ जुड़ जाने का है; अथवा झूठी सोशल मीडिया गिरी से परेशान हो जाने का है, स्पष्ट कर पाना बड़ा मुश्किल बड़ा मुश्किल होता है.
बहरहाल इस बार झूठ के धंधे में शिकार हो गई IAS अधिकारी स्वाति मीणा का दुख सामने आया है. हालांकि भारत में हो गोदी मीडिया नामक मीडिया में झूठ और बेईमानी के धंधे के प्रचार-प्रसार की कारोबार में परेशान होने की जरुरत नहीं है उसके लिए कानून पुलिस है जो किसी झूठ के धंधे में किसी को भी झूठे तरीके से फंसा शक्ति है ऐसे में अगर कोई सक्षम IAS स्वाति मीणा जैसे लोग इसका सही उपयोग करें तो सोशल मीडिया में झूठ कारोबार पर रोक लगाई जाने के लिए आरोपी दंडित हो सकता है..
उनके दुख से हम सभी दुखी हैं क्योंकि देश इमानदारी, नैतिकता और सत्य की राह पर चलने की विरासत से सामने आया है बेहतर होता संबंधित दोषी व्यक्ति के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित होती, आईएएस अधिकारी की क्षमता से आम नागरिक भी सक्षम हो सकता है और उन्हें प्रेरणा भी मिल सकती है कि कानून का कैसे उपयोग किया जाए…?

