
कटनी
मार्च 21, 2023

– कलेक्टर कटनी अवि प्रसाद द्वारा बड़वारा के भ्रमण कार्यक्रम दौरान सीएम राइज मॉडल स्कूल बड़वारा के निरीक्षण में कई अनियमिततायें पाई गई थी। जिसकी जांच के लिए कलेक्टर श्री प्रसाद ने 4 सदस्यीय एक समिति गठित कर 7 दिवस में जांच पूर्ण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने निर्देशित किया है।उल्लेखनीय है कि गत 16 मार्च को बड़वारा तहसील के भ्रमण कार्यक्रम दौरान कलेक्टर श्री प्रसाद सीएम राइज मॉडल स्कूल बड़वारा निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। जहां उन्होंने विद्यार्थियों से चर्चा कर स्कूल की बुनियादी सुविधाओं और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। जिसमें उन्होंने विद्यालय में पदस्थ शिक्षकों की उपस्थिति, अध्यापन, गुणवत्ता, मूल्यांकन, लाइब्रेरी व्यवस्था, विद्यालय प्रांगण की साफ सफाई और शिक्षा गुणवत्ता के लिए किए गए प्रयासों की समीक्षा करने पर अनियमितता पाई। जिसके तारतम्य में कलेक्टर श्री प्रसाद ने सीएम राइज मॉडल स्कूल बड़वारा की जांच के लिए 4 सदस्यीय एक समिति का गठन किया है, जिसमें अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कटनी, जिला शिक्षा अधिकारी पीपी सिंह, प्राध्यापक श्रीमती चित्रा प्रभात और व्याख्याता जिला शिक्षा प्रशिक्षण एवं संस्थान राजेंद्र असाटी को शामिल किया है। उक्त समिति को 7 दिवस में जांच पूर्ण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने निर्देश दिए गए हैं।
भगत को लोक सेवा प्रदान नहीं करना महंगा पड़ गया
कलेक्टर ने गंभीरता से लेते हुए कारण बताओ नोटिस जारी कर मंगलवार 21 मार्च को समक्ष में उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। दरअसल पर बड़वारा के विकासखंड शिक्षा अधिकारी बी.आर. भगत को लोक सेवा गारंटी प्रदाय योजना के अंतर्गत समाधान एक दिवस तत्काल सेवा प्रदान व्यवस्था के तहत लोक सेवा केंद्र बड़वारा में प्राधिकृत अधिकारी और लिंक अधिकारी नियुक्त किया गया था। इसके लिए श्री भगत की ड्यूटी भी लगाई गई थी। लेकिन बीईओ श्री भगत ने सौपें गए पदीय दायित्वों का निर्वहन नहीं किया और न ही इनके द्वारा डिजिटल सिग्नेचर बनवाए गए। कलेक्टर श्री प्रसाद ने बीईओ श्री भगत के इस कृत्य को निर्देशों की अवहेलना तथा कर्तव्यों के निर्वहन में उदासीनता एवं शासन के कार्यों के प्रति लापरवाही मानते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही मंगलवार 21 मार्च को समक्ष में उपस्थित होकर अपना जवाब प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया है। श्री प्रसाद ने बीईओ के आचरण को मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियमों का भी उल्लंघन मानते हुए आगाह किया है कि क्यों न आपके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की जाए। नियत अवधि तक जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर एक पक्षीय कार्यवाही की जाएगी।

