
नयी दिल्ली, 17 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस ने महाराष्ट्र में एक पुरस्कार समारोह के दौरान भीषण गर्मी की चपेट में आने से 11 लोगों की मौत पर दुख जताते हुए इसे ‘गैर इरादतन हत्या’ का मामला करार दिया और कहा कि राज्य की भारतीय जनता पार्टी-शिवसेना सरकार इसकी जिम्मेदारी ले तथा जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।.पार्टी के नेता कन्हैया कुमार ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘महाराष्ट्र में सरकारी कार्यक्रम में 11 लोगों की दर्दनाक मौत पर हम शोक व्यक्त करते हैं। हमारी मांग है कि सरकार बिना किसी लाग-लपेट के इसकी जिम्मेदारी ले और जवाब दे कि- “जब नेता के लिए टेंट, कूलर-एसी लग सकता है तो जनता के लिए क्यों नहीं?”.
अनुपपुर : बैगा समुदाय के पारम्परिक पौष्टिक अनाजों की प्रदर्षनी
कमिष्नर राजीव शर्मा, एडीजी सागर, पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र सिंह ने आज अनूपपुर जिले के तहसील पुष्पराजगढ़ के ग्राम पंचायत पिपरटोला में अंतर्राष्ट्रीय मिलेट दिवस के अवसर पर लगाई गई बैगा समुदाय के पारम्परिक पौष्टिक अनाजों एवं व्यंजनों की प्रदर्षनी का अवलोकन किया तथा प्रदर्षनी की सराहना की। गौरतलब है कि कोदान्न उत्सव में लगाई गई प्रदर्षनी में बैगा समाज के लोगों ने बैगा समुदाय के पारम्परिक पौष्टिक अनाजों कंगनी, सावा, सल्हार, ज्वार, कोदो, कुटकी, पुरपुरी, कुम्हड़ा, लालमडिया, लदरी कोदो, मढियारागी, कुटकी, केउंची को प्रदर्षित किया है। इस अवसर पर संयुक्त आयुक्त विकास मगन सिंह कनेष, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के उप संचालक एन.डी. गुप्ता भी साथ रहे।
सतना :कोविड-19 और इन्फ्लूएंजा से बचाव के लिये संयुक्त एडवाइजरी जारी की गई है। स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी के अनुसार कोविड-19 के मामलों में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है। देश के कुछ राज्यों में सक्रिय कोविड-19 के मामले रिपोर्ट किए जा रहे हैं। इसको ध्यान में रखते हुए केन्द्र सरकार द्वारा सभी राज्यों को आईएलआई, एसएआरआई केसेस की मॉनिटरिंग किये जाने के संबंध में निर्देश जारी किये गये हैं। इनफ्लुएंजा एवं कोविड-19 के लक्षण लगभग समान है। अतः कोविड अनुरूप व्यवहार का पालन करने की सलाह दी गई है। इन रोगों के संचरण को सीमित करने के लिए, विशेष रूप से श्वसन और हाथ की स्वच्छता के पालन के बारे में सामुदायिक जागरूकता बढ़ाना महत्वपूर्ण है। इसमें विशेष रूप से सह-रुग्ण व्यक्तियों और बुजुर्गों को भीड़भाड़ और बंद स्थानों से बचना है। भीड़भाड़ वाली और बंद जगहों पर मास्क पहनना, छींकते या खाँसते समय नाक और मुँह को ढँकने के लिए रूमाल/टिश्यू का इस्तेमाल करना है।

