
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वाशिंगटन की उच्च स्तरीय यात्रा के दौरान भारत और अमेरिका ने ड्रोन खरीद समझौते को मंजूरी दी थी।.खेड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बहुप्रचारित अमेरिका यात्रा की ‘बनावटी चमक-दमक’ पर धूल जमने के बीच एक रक्षा सौदा है जो अब कई सवालों के घेरे में है।.कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है और प्रीडेटर ड्रोन सौदे पर कई संदेह उठाए जा रहे हैं।.
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन भारत के लोगों को 31 एमक्यू-9बी (16 स्काई गार्डियन और 15 सी गार्डियन) हाई एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्यूरेंस (एचएएलई) रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम (आरपीएएस) के लिए 3.072 अरब डॉलर (मौजूदा रूपांतरण स्तर पर 25,200 करोड़ रुपये) के सौदे पर जवाब चाहिए।’’.खेड़ा ने कहा कि अमेरिका के जनरल एटॉमिक्स के प्रत्येक प्रीडेटर/रीपर ड्रोन की लागत लगभग 812 करोड़ रुपये होगी और भारत उनमें से 31 को खरीदने का इच्छुक है, जिसका मतलब है कि भारत 25,200 करोड़ रुपये खर्च करेगा जबकि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) केवल 10-20 प्रतिशत लागत में इसे विकसित कर सकता है।.
उन्होंने कहा, ‘‘ड्रोन सौदे को मंजूरी देने के लिए सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीएस) की बैठक क्यों नहीं हुई? क्या यह राफेल सौदे की याद नहीं दिलाता है जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने रक्षा मंत्रालय या विदेश मंत्रालय की जानकारी के बिना 36 राफेल विमानों के लिए ‘एकतरफा’ हस्ताक्षर किए थे।’’.उन्होंने कहा, ‘‘अन्य देशों की तुलना में भारत ड्रोन के लिए अधिक कीमत क्यों चुका रहा है? हम एक ड्रोन के लिए ‘सबसे अधिक कीमत’ क्यों चुका रहे हैं, जिसमें एआई एकीकरण नहीं है।’’.
कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि जब वायु सेना को इन ड्रोनों की आसमान छूती कीमतों को लेकर आपत्ति थी, तो सौदा करने की इतनी जल्दबाजी क्यों थी।.उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित तौर पर यह, कीमत और एआई एकीकरण समेत अन्य तकनीकी विशिष्टताओं पर बातचीत के बाद हो सकता था।’’.कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने एक ट्वीट में आरोप लगाया, ‘‘एक बार फिर स्वदेशी प्रयासों को कमज़ोर करने वाला संदिग्ध रक्षा सौदा सामने आया है और फिर से इसके केंद्र में प्रधानमंत्री हैं।’’.भाषा .
दिल्ली में पौने चारलाख रुपये का ‘दुम्बा’ व दो लाख का ‘तोतापरी’ बकरा
बकरीद के मौके पर दिल्ली की अलग-अलग पशु मंडियों में, ‘तोतापरी’, ‘बरबरा’, ‘मेवाती’, ‘देसी’, ‘अजमेरी’ और ‘बामडोली’ जैसी नस्लों के बकरे बिक्री के लिए लाए गए हैं। आपको इन नस्लों के नाम सुनकर अगर हैरानी नहीं हुई है तो इनके दाम सुनकर आप ज़रूर चौंक जाएंगे, क्योंकि इनकी कीमत लाखों रुपये में है।

