
भोपाल मंत्रि-परिषद ने महिला स्व-सहायता समूह द्वारा उपभोक्ता शुल्क संग्रहण के लिये नीति का अनुमोदन किया। मंत्रि-परिषद ने महिला स्व-सहायता समूह को अधिक सक्षम एवं उपभोक्ता शुल्क (टोल) संग्रहण में सहभागिता सुनिश्चित करने के लिये यह निर्णय लिया। निर्णय अनुसार पूर्व में उपभोक्ता शुल्क संग्रहण की स्वीकृति प्राप्त मार्गों में से दो करोड़ से कम वार्षिक संग्रहण आय वाले मार्गों पर उपभोक्ता शुल्क संग्रहण महिला स्व-सहायता समूह द्वारा किया जायेगा। ऐसे मार्ग का चयन के लिये मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम को अधिकृत किया गया है।
मंत्रि-परिषद ने जिलापंचायत अध्यक्ष के मानदेय एवं वाहन भत्ता को बढ़ाकर 1 लाख रूपये मासिक और उपाध्यक्ष के को बढ़ाकर 42 हजार रूपये मासिक किया जायेगा। साथ ही जनपद अध्यक्ष के मानदेय को बढ़ाकर 19,500 रूपये मासिक एवं जनपद उपाध्यक्ष को 13,500 रूपये मासिक करने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त पंच/उप सरपंच का अधिकतम वार्षिक मानदेय 1800 रूपये किया जायेगा।
मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में 8 नवीन महाविद्यालयों की स्थापना, 2 महाविद्यालयों में नवीन संकाय और 3 महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर/स्नातक विषय प्रारंभ करने की मंजूरी दी है।खण्डवा जिले के खालवा, भोपाल के फंदा, शहडोल के बाणसागर, श्योपुरकलाँ के बड़ौदा, सीधी के मण्डवास, इंदौर के बेटमा, रीवा के हनुमना और बालाघाट के हट्टा में नवीन शासकीय महाविद्यालय स्थापित किये जायेंगे। साथ ही छतरपुर के बिजावर और सीधी के चुरहट में पूर्व से संचालित शासकीय महाविद्यालयों में नवीन संकाय प्रारंभ किये जायेंगे। इसके अलावा शासकीय महाविद्यालय रामपुर नैकिन, जिला सीधी में आर्ट एण्ड साइंस, शासकीय महाविद्यालय लामता, जिला बालाघाट में आर्ट्स एवं बॉयोलॉजी और शासकीय कन्या महाविद्यालय, नीमच में संगीत एवं फाइन आर्ट विषय प्रारंभ किये जायेंगे।
शहडोल जिला शिक्षा अधिकारी पीके मरपाची ने जिले के समस्त स्कूल प्राचार्यों प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिये है कि विद्यालयों में पूर्व निर्धारित ड्रेस को परिवर्तित न करें और विद्यालयों के छात्र- छात्राओं के बस्ते का वजन निर्धारित मापण्डों के अनुसार रखा जाए यह संस्था प्रमुख सुनिश्चित करें। जिला शिक्षा अधिकारी ने अशासकीय उ०मा०वि० सेंट जूड्स शहडोल एवं ई०एल०सी० हाईस्कूल शहडोल का जिला शिक्षा अधिकारी शहडोल एवं सहायक संचालक शिक्षा द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में पाया गया कि बच्चो के बस्ते का बोझ कक्षा अनुरूप से अधिक है। संबंधित प्राचार्य को शासन के मापदण्ड के अनुसार बच्चो के बस्ते का बोझ रखे जाने का निर्देश दिया गया है। साथ ही समस्त प्राचार्य / प्रधानाध्यापको को निर्देशित किया जाता है कि कक्षा अनुरूप बच्चों के बस्ते का बोझ यदि अधिक पाया जाता है तो संबंधित संस्था प्रमुख के विरूद्ध नियमाअनुसार कार्यवाही प्रस्तावित की जायेगी। पुस्तक एवं ड्रेस के लिये विशिष्ट संस्थान, पुस्तक भण्डार का नाम चिन्हित न करे, अभिभावक अपनी मर्जी से कही भी पुस्तक, ड्रेस क्रय कर सकते है। उन्होंने कहा कि प्रवेश के समय जन्म प्रमाण-पत्र अनिवार्य रूप से लेवे तथा जन्म प्रमाण-पत्र के आधार पर ही स्कॉलर पंजी में जन्म तिथि का संधारण करे।

