मध्य प्रदेश ने 125 खनिज ब्लॉकों को नीलामी

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मध्य प्रदेश ने 2 stone khadan shut down at Deucha Panchami in Birbhum | Sangbad Pratidin14 जुलाई, 2023 को रिकॉर्ड संख्या में 51 खनिज ब्लॉकों की नीलामी के लिए निविदा आमंत्रण नोटिस (एनआईटी) जारी की है। यह किसी भी राज्य द्वारा एक ही किश्त में नीलामी के लिए अधिसूचित खनिज ब्लॉकों की सबसे अधिक संख्या है। 2015 में नीलामी व्यवस्था प्रारम्भ होने के बाद विभिन्न प्रमुख खनिज भंडार वाले राज्यों द्वारा 754 ब्लॉकों को नीलामी के लिए रखा गया है, जिनमें से 276 ब्लॉकों की सफलतापूर्वक नीलामी की गई है।इन 51 ब्लॉकों में 14 खनिज शामिल हैं जिनमें ग्रेफाइट और वैनेडियम, प्लैटिनम ग्रुप ऑफ एलिमेंट्स (पीजीई) जैसे रणनीतिक और महत्वपूर्ण खनिज तथा मैंगनीज, बॉक्साइट, चूना पत्थर, लौह अयस्क, बेस मेटल और सोना जैसे अन्य प्रमुख खनिज शामिल हैं। मध्य प्रदेश द्वारा जिन 51 खनिज ब्लॉकों के लिए एनआईटी जारी की गई है, उनमें से 13 ब्लॉक खनन पट्टे के लिए और 38 ब्लॉक कंपोजिट लाइसेंस के लिए हैं।मध्य प्रदेश खनिज ब्लॉक नीलामी के मामले में वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान भी राज्य सरकारों में सबसे आगे था, जिसने वित्तीय वर्ष के दौरान 29 ब्लॉकों की नीलामी की थी। 2015 में नीलामी व्यवस्था की शुरुआत के बाद से, मध्य प्रदेश ने 125 खनिज ब्लॉकों को नीलामी के लिए अधिसूचित किया है। इनमें से 46 की सफलतापूर्वक नीलामी की गई है। इन 51 ब्लॉकों की अधिसूचना के साथ मध्य प्रदेश नीलामी के लिए अधिसूचित ब्लॉकों की सबसे अधिक संख्या वाले राज्य के रूप में भी उभरा है, जिससे कुल खनिज ब्लॉकों की संख्या 176 हो गई है।

बिहार, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और केरल की राज्य सरकारों ने 2015 के बाद से किसी भी ब्लॉक की नीलामी नहीं की है।

अधिसूचना सं. 53/2023-सीमा शुल्क (गै.टै.) खाद्य तेल, पीतल स्क्रैप, सुपारी, सोना और चांदी के लिए टैरिफ मूल्य के निर्धारण के संबंध में

 Delhi

सीमा शुल्क अधिनियम, 1962(1962 का 52) की धारा 14 की उपधारा (2) द्वारा प्रदत्‍त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड, इस बात से संतुष्ट होने पर कि ऐसा करना आवश्यक एवं समीचीन है, एतद्द्वारा, भारत सरकार, वित्त मंत्रालय (राजस्व विभाग) की अधिसूचना सं. 36/2001-सीमा शुल्क (गै. टै.), दिनांक 3 अगस्त, 2001, जिसे का.आ. 748 (अ), दिनांक 3 अगस्त, 2001 के तहत भारत के राजपत्र, असाधारण के भाग-II, खंड-3, उपखंड (ii) में प्रकाशित किया गया था, में निम्नलिखित संशोधन करता है, अर्थात्:-

उक्‍त अधिसूचना में, सारणी-1, सारणी-2 और सारणी-3 के स्थान पर निम्नलिखित सारणियाँ प्रतिस्थापित की जाएँगी, अर्थात्:-

“सारणी-1

क्रम. सं. अध्‍याय/शीर्ष/उपशीर्ष/ टैरिफ मद माल का विवरण टैरिफ मूल्‍य

(अमरीकी डालर प्रति मीट्रिक टन)

(1) (2) (3) (4)
1 1511 10 00 कच्चा पॉम ऑयल 902
2 1511 90 10 आर बी डी पॉम ऑयल 914
3 1511 90 90 अन्‍य पॉम ऑयल 908
4 1511 10 00 कच्चा पामोलिन 918
5 1511 90 20 आर बी डी पामोलीन 921
6 1511 90 90 अन्य पामोलीन 920
7 1507 10 00 सोयाबीन का कच्‍चा तेल 1008
8 7404 00 22 पीतल स्‍क्रेप (सभी ग्रेड) 4761

सारणी-2

क्रम. सं. अध्‍याय/शीर्ष/ उपशीर्ष/ टैरिफ मद माल का विवरण टैरिफ मूल्‍य

(अमरीकी डालर)

(1) (2) (3) (4)
1 71 या 98 स्वर्ण, किसी भी रूप में, जिसके सम्बन्ध में अधिसूचना संख्या 50/2017-सीमा शुल्क, दिनांक 30.06.2017 की प्रविष्टि संख्या 356 के अंतर्गत लाभ प्राप्त किया गया हो

 

 

630 प्रति 10 ग्राम

2 71 या 98 रजत, किसी भी रूप में, जिसके सम्बन्ध में अधिसूचना संख्या 50/2017-सीमा शुल्क, दिनांक 30.06.2017 की प्रविष्टि संख्या 357 के अंतर्गत लाभ प्राप्त किया गया हो  

792 प्रति किलोग्राम

 

 

 

 

 

3

 

 

 

 

 

71

(i) रजत, पदकीय या रजत सिक्कों से भिन्न किसी भी रूप में, जिसकी रजत अंतर्वस्तु 99.9 प्रतिशत से कम नहीं है या उपशीर्ष 7106 92 के अधीन आने वाले रजत के अर्ध विनिर्मित प्ररूप;

 

(ii) पदकीय या रजत सिक्के, जिसकी रजत अंतर्वस्तु 99.9 प्रतिशत से कम नहीं है या डाक, कुरियर या सामान के माध्यम से ऐसे माल के आयात से भिन्न उपशीर्ष 7106 92 के अधीन आने वाले रजत के अर्ध विनिर्मित प्ररूप।

 

स्पष्टीकरण – इस प्रविष्टि के प्रयोजनों के लिए, किसी भी प्ररूप में रजत के अंतर्गत विदेशी मुद्रा के सिक्के, रजत से बने आभूषण या रजत से बनी वस्तुएं नहीं हैं।

 

 

 

 

 

792 प्रति किलोग्राम

 

 

 

 

 

4

 

 

 

 

 

71

(i) स्वर्ण बार, तोला बार से भिन्न, जिस पर विनिर्माणकर्ता या रियाइनर का खुदा हुआ क्रम संख्यांक और मिट्रिक यूनिटों में भार अभिव्यक्त है;

 

(ii) स्वर्ण सिक्के, जिसमें 99.5 प्रतिशत से अन्यून स्वर्ण है, और स्वर्ण प्राप्तियां, डाक, कुरियर या बैगेज के माध्यम से ऐसे माल के आयात से भिन्न।

 

स्पष्टीकरण – इस प्रविष्टि के प्रयोजन के लिए, “स्वर्ण प्राप्तियां” से कोई छोटा संघटक, जैसे हुक, क्लास्प, क्लैंप, पिन, कैच, स्क्रू बैक, जिसका उपयोग पूर्ण आभूषण या उसके किसी भाग को स्थान में जोड़े रखने के लिए किया जाता है, अभिप्रेत है।

 

 

 

 

630 प्रति 10 ग्राम

 

सारणी-3

क्रम. सं. अध्‍याय/शीर्ष/ उपशीर्ष/ टैरिफ मद माल का विवरण टैरिफ मूल्‍य

(अमरीकी डालर प्रति मीट्रिक टन)

(1) (2) (3) (4)
1 080280 सुपारी 10379 (अर्थात कोई परिवर्तन नहीं)”

 

यह अधिसूचना 15 जुलाई, 2023 से प्रभावी होगी |

 

नोट:- मूल अधिसूचना भारत के राजपत्र, असाधारण के भाग-II, खंड-3, उपखंड (ii) में अधिसूचना सं. 36/2001- सीमा शुल्‍क (गै.टै.), दिनांक 3 अगस्त, 2001, का.आ. 748 (अ), दिनांक 3 अगस्त, 2001 के तहत प्रकाशित की गई थी, तथा यह अंतिम बार अधिसूचना सं. 47/2023-सीमाशुल्क (गै.टै.), दिनांक 30 जून 2023, जिसे का.आ. 2833 (अ) दिनांक 30 जून 2023 के तहत भारत के राजपत्र, असाधारण के भाग-II, खंड-3, उपखंड (ii) में ई-प्रकाशित किया गया था, के द्वारा संशोधित की गई थी |

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प्रपागौ/कुमोना


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