
मुंबई, 31 अगस्त (भाषा)
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को कहा कि एक संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को उन रिपोर्टों की जांच करनी चाहिए कि अडानी परिवार के सहयोगियों ने मॉरीशस स्थित अपारदर्शी निवेश कोष के माध्यम से कंपनी में “सैकड़ों करोड़” का निवेश किया।अरबपति गौतम अडानी का समूह गुरुवार को प्रमोटर परिवार के सहयोगियों के मॉरीशस स्थित ‘अपारदर्शी’ निवेश फंडों का उपयोग करके 2013 से 2018 के दौरान समूह के शेयरों में शानदार वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए गुप्त रूप से करोड़ों डॉलर का निवेश करने के नए आरोपों से प्रभावित हुआ। समूह ने सख्ती से इनकार किया।
राहुल गांधी ने मुंबई में संवाददाताओं से कहा, अडानी मामले की गहन जांच होनी चाहिए।“पीएम मोदी चुप क्यों हैं? वह इसकी जांच क्यों नहीं कराते?”राहुल गांधी ने अखबारों की प्रतियां लहराते हुए कहा, “प्रमुख वैश्विक वित्तीय समाचार पत्रों ने अडानी मामले पर बहुत महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं।”“देश में जी20 बैठक से पहले भारत की प्रतिष्ठा दांव पर है। पीएम मोदी को कार्रवाई करनी चाहिए और अडानी मामले की जांच करानी चाहिए।” पीटीआई ने श्री एसकेसी वीटी से पूछा।
नयी दिल्ली, 31 अगस्त (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को कहा कि विकास के विभिन्न मानकों से संकेत मिलता है कि ‘मोदीनॉमिक्स’ की वजह से भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना हुआ है। पार्टी ने भरोसा जताया कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के लिए देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़े लगभग आठ प्रतिशत होने चाहिए।.भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद जफर इस्लाम ने यहां पार्टी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ग्रामीण और शहरी मांग में वृद्धि, खपत के तौर-तरीकों, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह और विभिन्न अन्य मापदंड भविष्य के लिए ‘बहुत अच्छे संकेत’ देते हैं।.
बेंगलुरु, 31 अगस्त (भाषा) इसरो ने बृहस्पतिवार को चंद्रयान-3 मिशन की प्रगति की जानकारी देने के लिए ‘मां-बच्चे’ के मनमोहक संदर्भ और चंद्रमा के लिए आम भारतीयों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले ‘चंदामामा’ शब्द का इस्तेमाल किया। अंतरिक्ष एजेंसी ने यह उल्लेख ऐसे समय किया जब चंद्रयान-3 के रोवर ‘प्रज्ञान’ द्वारा चांद की सतह पर लगातार एक के बाद एक खोज की जा रही हैं।.
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने कहा कि चंद्रयान-3 मिशन के रोवर ‘प्रज्ञान’ पर लगे एक अन्य उपकरण ने भी एक अलग तकनीक का उपयोग करके चंद्र क्षेत्र में गंधक (सल्फर) की मौजूदगी की पुष्टि की है।.

