एक राष्ट्र एक चुनाव’; ढांचे की व्यवस्था को ध्वस्त कर लोकतंत्र को धीरे-धीरे तानाशाही में बदलना है:कांग्रेस

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नयी दिल्ली, 03 सितंबर.समाचार एजेंसी वार्ता के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे तथा पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि मोदी सरकार का एक राष्ट्र एक चुनाव’ का विचार संघीय ढांचे की व्यवस्था को ध्वस्त करMallikarjun Kharge | चीन के मामले में चुप्पी क्यों नहीं तोड़ते मोदी: राहुल ... देश की लोकतांत्रिक प्रणाली को तानाशाही व्यवस्था में तब्दील करना है। श्री खड़गे ने एक राष्ट्र एक चुनाव के विचार को लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश बताया और कहा इस तरह का प्रयास करके मोदी सरकार देश के संघीय ढांचे को तानाशाही में तब्दील करना चाहती है।
श्री गांधी ने भी इस मुद्दे पर सरकार को जमकर घेरा और उसके इस विचार को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे राज्यों पर हमला करार दिया। उनका कहना था कि सरकार का यह कदम पूरी तरह से देश की संघीय प्रणाली के विरुद्ध है। श्री गांधी ने एक्स कर कहा,“ ‘एक राष्ट्र एक चुनाव’ का विचार भारत संघ और उसके सभी राज्यों पर हमला है।”
श्री खड़गे ने कहा,“मोदी सरकार का मकसद लोकतंत्र को धीरे-धीरे तानाशाही में बदलना है। उसका एक राष्ट्र, एक
चुनाव’ पर समिति बनाना एक नौटंकी है और भारत के संघीय ढांचे को खत्म करने का एक बहाना है।” उन्होंने कहा कि एक राष्ट्र एक चुनाव के सिद्धांत की प्रक्रिया बहुत जटिल है। निर्वाचित लोकसभा और विधान सभाओं के कार्यकाल को कम करने के लिए संवैधानिक संशोधनों की ज़रूरत है और इसके लिए संविधान में कम से कम पांच संशोधन कर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 में बड़े पैमाने पर बदलाव करना होगा। कांग्रेस नेता ने इस मुद्दे पर सवाल करते हुए सरकार से पूछा, “क्या प्रस्तावित समिति भारतीय चुनावी प्रक्रिया में सबसे बड़े बदलाव पर विचार-विमर्श करने और निर्णय लेने के लिए सबसे उपयुक्त है। क्या राष्ट्रीय स्तर और राज्य स्तर पर राजनीतिक दलों से परामर्श किए बिना इतनी बड़ी कवायद मनमाने तरीके से की जानी चाहिए। क्या इतना बड़ा कदम
राज्यों और उनकी चुनी हुई सरकारों को शामिल किए बिना उठाया जाना चाहिए।”
श्री खड़गे ने कहा कि इस तरह के विचार को पहले बनी तीन समितियों ने खारिज किया है और अब यह देखना है कि क्या इस मामले में चौथी समिति का गठन पूर्व के अनुभव को ध्यान में रखते हुए किया गया है। कमाल की बात यह हैकी जो समिति बनाई गई है उसमें चुनाव आयोग के एक प्रतिनिधि को शामिल नहीं किया गया है।

मोदी से पीटीआई 80 मिनट के साक्षात्कार ; जी20 और संबंधित मुद्दों पर केंद्रित

नयी दिल्ली,One billion hungry stomachs to 2 billion skilled hands: PM hails India’s progress, says 'Sabka Saath Sabka Vikas' is model for global welfare तीन सितंबर.समाचार एजेंसी भाषा के अनुसार  जी20 शिखर सम्मेलन में विश्व नेताओं की मेजबानी करने से एक सप्ताह पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया है कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ मॉडल ”” से आगे बढ़ रहे विश्व के कल्याण के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत हो सकता है। जीडीपी-केंद्रित दृष्टिकोण” से “मानव-केंद्रित दृष्टिकोण”।मोदी ने पिछले सप्ताह के अंत में अपने लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास पर एक विशेष साक्षात्कार में पीटीआई से कहा, ”जीडीपी के आकार के बावजूद, हर आवाज मायने रखती है।”

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन, जापानी प्रधान मंत्री फुमियो किशिदा, ब्रिटिश प्रधान मंत्री ऋषि सुनक, सऊदी अरब के राजा मोहम्मद बिन सलमान और अन्य नेता 9-10 सितंबर को नवनिर्मित भारत मंडपम सम्मेलन हॉल में पूर्व-प्रतिष्ठित वार्षिक बैठक के लिए एकत्र होंगे।“भारत की G20 अध्यक्षता से कई सकारात्मक प्रभाव सामने आ रहे हैं। उनमें से कुछ मेरे दिल के बहुत करीब हैं, ”मोदी ने प्रधान संपादक विजय जोशी सहित पीटीआई के तीन वरिष्ठ कर्मचारियों के साथ जी20 और संबंधित मुद्दों पर केंद्रित 80 मिनट के साक्षात्कार में कहा।G20 का वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में 85 प्रतिशत, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में 75 प्रतिशत और विश्व जनसंख्या में 65 प्रतिशत योगदान है। भारत ने पिछले नवंबर में इंडोनेशिया से जी-20 की अध्यक्षता ली थी और दिसंबर में इसे ब्राजील को सौंप दिया जाएगा।

 


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