
नयी दिल्ली: 5 फरवरी (भाषा) कांग्रेस ने झारखंड विधानसभा में मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार के विश्वास मत हासिल करने के बाद सोमवार को कहा कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का ‘ऑपरेशन लोटस’ विफल हो गया और इससे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं गृह मंत्री अमित शाह के ‘षड्यंत्रकारी मंसूबों’ को तगड़ा झटका लगा है।राज्य में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नीत गठबंधन सरकार ने सोमवार को विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया। प्रदेश की 81 सदस्यीय विधानसभा में 47 विधायकों ने (विश्वास मत) प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया, जबकि 29 विधायकों ने इसके खिलाफ मतदान किया। निर्दलीय विधायक सरयू राय ने मतदान प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया।
रांची: 5 फरवरी (भाषा) कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र में ‘इंडिया’ गठबंधन की सरकार बनने पर राष्ट्रव्यापी जाति आधारित जनगणना कराने और आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा हटाने का सोमवार को वादा किया।गांधी ने यह आरोप भी लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो)-कांग्रेस- राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सरकार को गिराने का प्रयास किया, क्योंकि मुख्यमंत्री एक आदिवासी थे।गांधी ने यहां शहीद मैदान में आयोजित एक रैली में कहा, ‘‘गठबंधन के सभी विधायकों, (चंपई) सोरेन जी को बधाई देना चाहता हूं कि उन्होंने भाजपा-आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) की साजिश को रोक दिया और गरीबों की सरकार की रक्षा की।”गांधी ने दावा किया कि दलितों, आदिवासियों, अन्य पिछड़ा वर्गों (ओबीसी) को बंधुआ मजदूर बनाया गया और बड़ी कंपनियों, अस्पतालों, विद्यालयों, महाविद्यालयों और अदालतों में उनकी भागीदारी नहीं है।कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, ‘‘यह भारत के सामने सबसे बड़ा सवाल है। हमारा पहला कदम देश में जाति आधारित जनगणना कराना होगा।”
गांधी ने कहा कि मौजूदा प्रावधानों के तहत 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण नहीं दिया जा सकता। उन्होंने वादा किया कि ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) की सरकार आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा को “हटा” देगी।गांधी ने कहा, ‘‘दलितों और आदिवासियों के आरक्षण में कोई कटौती नहीं होगी। मैं आपको गारंटी दे रहा हूं कि समाज के पिछड़े वर्गों को उनका अधिकार मिलेगा। यह सबसे बड़ा मुद्दा है – सामाजिक और आर्थिक अन्याय।”उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कहते है कि वह ओबीसी हैं, लेकिन जब जातीय जनगणना की मांग की गई तो उन्होंने कहा कि यहां केवल दो जातियां हैं- अमीर और गरीब।
गांधी ने दावा किया, ‘‘जब ओबीसी, दलितों, आदिवासियों को अधिकार देने का समय आया, तो मोदी जी कहते हैं कि कोई जाति नहीं हैं और जब वोट लेने का समय आता है, तो वे कहते हैं कि वह ओबीसी हैं।”झारखंड विधानसभा में चंपई सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार के विश्वास मत हासिल कर लेने के बाद गांधी ने भाजपा की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि उसने सरकार को हटाने की कोशिश की, क्योंकि वह यह स्वीकार नहीं कर सकती कि एक आदिवासी मुख्यमंत्री है।कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, “कांग्रेस, झामुमो एकसाथ उनके खिलाफ खड़े हुए और सरकार बच गई। वे जांच एजेंसियों और धनबल के माध्यम से विपक्ष शासित सभी राज्यों में ऐसा करते हैं। वे (भाजपा) लोकतंत्र, संविधान पर हमला कर रहे हैं और लोगों की आवाज दबाना चाहते हैं। ‘इंडिया’ गठबंधन लोकतंत्र की आवाज को दबाने नहीं देगा।’’मणिपुर से शुरू हुई ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ 67 दिनों में 6,713 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और 15 राज्यों के 110 जिलों से होते हुए 20 मार्च को मुंबई में समाप्त होगी।
बार-बार एक ही उत्पाद लॉन्च करने के प्रयास के कारण कांग्रेस को जल्द ही “अपनी दुकान बंद” करनी पड़ सकती
नई दिल्ली:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि
उन्हें यकीन है कि विपक्षी दल चुनाव लड़ने का साहस खो चुके हैं और उन्होंने लंबे समय तक विपक्ष में बने रहने का संकल्प लिया है।मोदी ने कहा, “मैं विपक्ष द्वारा लिए गए संकल्प की सराहना करता हूं। उनके भाषणों के हर शब्द ने मेरे और देश के विश्वास की पुष्टि की है कि उन्होंने वहां (विपक्ष में) लंबे समय तक रहने का संकल्प लिया है।” मोदी ने कहा कि बजट सत्र कुछ रचनात्मक सुझाव देने का अच्छा मौका था, लेकिन विपक्षी सदस्यों ने यह अच्छा मौका हाथ से जाने दिया।उन्होंने कहा, ”आपने देश को निराश करके छोड़ दिया है…नेता बदल गए हैं लेकिन वही धुन जारी है।”विपक्ष चुनावी वर्ष में लोगों को कुछ संदेश दे सकता था, उन्होंने कहा कि विपक्ष की वर्तमान स्थिति के लिए कांग्रेस जिम्मेदार है।मोदी ने कहा, “कांग्रेस के पास एक अच्छे विपक्ष की भूमिका निभाने का अच्छा अवसर था, लेकिन वह उस भूमिका में विफल रही। विपक्ष में अन्य युवा लोग भी हैं, लेकिन उन्हें इस डर से बोलने की अनुमति नहीं दी गई कि यह किसी व्यक्ति विशेष पर भारी पड़ सकता है।” राहुल गांधी का स्पष्ट संदर्भ।
प्रधान मंत्री ने कहा कि बार-बार एक ही उत्पाद लॉन्च करने के प्रयास के कारण कांग्रेस को जल्द ही “अपनी दुकान बंद” करनी पड़ सकती है।”यह चुनाव का समय है और आपको थोड़ी अधिक मेहनत करनी चाहिए थी, कुछ नया लाना चाहिए था और लोगों को एक संदेश देना चाहिए था। हालांकि, आप बुरी तरह विफल रहे। आइए मैं आपको यही सिखाता हूं।”मोदी ने लोकसभा में कहा, “विपक्ष की मौजूदा स्थिति के लिए कांग्रेस पार्टी जिम्मेदार है। कांग्रेस को एक अच्छा विपक्ष बनने का मौका मिला। हालांकि, वे पिछले दस वर्षों में अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहे।”

