ब्यौहारी तालाबो में जलश्रोत बंद कर भूमियो पर प्लाटकाट कालोनी और भवन आवाद दर्ज किया

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शहडोल जिले में जनसंख्या विस्तार के साथ भूमि या तालाबों को विनाश करने में अग्रणी भूमिका के रूप में सरकारी अफसर सत्ता के नेता दलाल और भूमफिया की सहयोग से संरचना को नुकसान पहुंचा शहडोल नगर में मुख्यमंत्री रहते हुए शराबगी पेट्रोल पंप के सामने जहां अब चौपाटी लगती है यहीं पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तब तालाब गहरीकरण शुभारंभ अपने हाथों से कई तसला मिट्टी बाहर निकाल कर किया था। तब शहडोल जिले का पूरा प्रशासन और नेता ने भी मिट्टी निकालने का काम किया था लेकिन किसी को क्या मालूम था की विकास की यह रफ्तार तालाब गहरीकरण के लिए नहीं बल्कि गहरी करण के आड़ में मिट्टी का फैलाव करके वहां तालाब रकबा को छोटा करने का काम किया जा रहा है। और परिणाम भी जल्द सामने आ गया। गहरीकरण के नाम पर तालाब के रकबा को इतना छोटा कर दिया गया और बकायदे इसी तालाब के ऊपर करीब 50 लाख रुपए में भाजपा के नेताओं ने चौपाटी का निर्माण भी कर दिया। और जमकर बंदर-बांट किया। अब चौपाटी का कचरा तालाब हो नष्ट करने के रूप में काम आ रहा है।यह तालाब शहर के मुख्य मार्ग का महत्वपूर्ण तालाब है इसका एक सिरा कलेक्टर शहडोल के बंगले से मिलता है। यही विकास की अंधी दौड़ है, जिसे अंधभक्त के रूप में शहडोल जिले में जगह-जगह अपनाया गया ।

इसी का एक स्वरूप व्योहारी जिले में भी देखने को मिलता है व्योहारी के वरिष्ठ पत्रकार मुनींद्र तिवारी बताते हैं की किस प्रकार से व्यौहारी के तालाबों को विकास के नाम पर नष्ट करने का और रखवा छोटा करने का काम हुआ है।

राजस्व अमला और नगर सरकार सक्रिय की सक्रिय ही रही आयी और नगरपरिषद अन्तर्गत स्थित धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था के प्रमुख स्थान कैंसे कैंसे विवृत और प्रभावित कर भू – माफियाओ के हवाले करता चला गया दिया गया और अभी भी उसकी अनदेखी और अघोषित मिलीभगत से माफियाओ के हवाले होती जा रही है। लिहांजा कही न कही आज ब्यौहारी नगरीय क्षेत्र के अन्तर्गत सार्वजनिक प्रयोजनो व हित के लिए भूमि का बहुत बड़ा अभाव के चलते विस्तार का
बात नगर के भीतर दर्जन भर से अधिक शासकीय तालाब शासकीय रिकार्ड में दर्ज है। जिसमे से प्रमुख रूप से शहर के मध्य रीवा शहडोल स्थित खटखरिहा तालाब की अगर बात की जाय। तो जानकार बताते हैं इसके रख रखाव एवं सौंदर्यीकरण के नाम पर अभी तक में कई दौंर के सौंदर्यीकरण पर वेहिसाब राशि का नगर सरकार पिचिंग और फव्वारा लगवाए जाने के नाम खर्च कर चुकी है। सबसे पहले लोक निर्माण विभाग के उप संभाग ब्यौहारी के नियंत्रण में लाखो रूपये गहरीकरण के नाम पर  दर्ज है।

लेकिन सबसे बड़ा सबाल यह है। कि लगभग 11 एकड़ भूमि में फैले ब्यौहारी नगरपरिषद के वार्ड क्रमांक 2 में खटखरिहा तालाब की भूमि चारो तरफ से सिकुड़ती गई । बल्कि उसकी मेंढ़ भूमि को भी चौतरफा खतरा के साथ छति ग्रस्त अपने अपने निहित हित के हवाले कर चुकी है अब तो इस तालाब का नये सिरे से सौंदर्यीकरण करने व विस्तार देंने के नाम पर करोड़ो रूपये की योजना निकाय ने वर्षा पूर्व फोड़कर इस हाल में छोड़ दिया है।जिनके भराव के लिए जल श्रोत भी बंदकर दिया है। बात चाहे इसके अलावा वार्ड क्रमांक 1 स्थित तालाबो की जाय अथवा देवी मंदिर और उमरिहा के अलावा और आशासकीय तालाबो की हद तो तब और कि मेढ़ो में हैण्डपम्प खुदवा और उनके जल श्रोत बंद कर कैसे मेंढ़ भूमियो पर प्लांट कांट कालोनी और भवन आवाद दर्ज है?

ब्यौहारी तालाबो में जलश्रोत बंद कर भूमियो पर प्लाटकाट कालोनी और भवन आवाद दर्ज


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