
मेहसाणा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को विपक्षी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वे (उसके नेता) नकारात्मकता में जी रहे हैं और तब भी नफरत का रास्ता छोड़ने को तैयार नहीं हैं, जब अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो चुका है.मोदी ने कहा, ये वही लोग हैं जिन्होंने भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए थे और उनके मंदिर के निर्माण में बाधाएं पैदा की थीं।पीएम ने कहा, “और आज, जब (भगवान राम के) जन्मस्थान पर एक भव्य मंदिर का निर्माण हुआ है, जब पूरा देश इससे खुश है, तो जो लोग नकारात्मकता में रहते हैं, वे नफरत का रास्ता नहीं छोड़ रहे हैं।”वह गुजरात के मेहसाणा जिले के तारभ में वलीनाथ महादेव मंदिर का उद्घाटन करने और वहां पूजा करने के बाद एक सार्वजनिक समारोह में बोल रहे थे।पीएम मोदी ने 8,350 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया.
नयी दिल्ली: 22 फरवरी कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को सरकार पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग के माध्यम से लोकतंत्र पर कब्जा करने का आरोप लगाया और दावा किया कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग जैसी जांच एजेंसियों की छापेमारी के बाद कम से कम 30 कंपनियों ने भाजपा को भारी रकम चंदे के रूप में दी है।कांग्रेस ने उस खबर का हवाला देते हुए सरकार पर निशाना साधा जिसमें दावा किया गया है कि 30 कंपनियों ने उनके खिलाफ जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बाद भाजपा को 335 करोड़ रुपये का चंदा दिया। इसमें यह भी कहा गया है कि इनमें से 23 कंपनियों ने 2014 से छापे के वर्ष के बीच भाजपा को कोई चंदा नहीं दिया था।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘एक निरंकुश मोदी सरकार जबरन वसूली और वित्तीय आतंकवाद के माध्यम से लोकतंत्र पर कब्जा कर रही है।’’उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग के छापे की बदौलत कम से कम 30 कंपनियों से चंदा प्राप्त किया।खरगे ने यह दावा भी किया कि खबरों से यह भी पता चलता है कि इनमें से कुछ कंपनियों ने छापेमारी के बाद के कुछ महीनों में भाजपा को भारी रकम दी।उन्होंने कहा, ‘‘एक तरफ मोदी सरकार कांग्रेस पार्टी को मेहनत की कमाई से मिले चंदे को चुराना चाहती है और दूसरी तरफ चुनावी चंदे का बड़ा हिस्सा हड़पने के लिए ईडी, सीबीआई, आयकर विभाग के माध्यम से कॉरपोरेट कंपनियों को धमकाती है!’’
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने खबर का हवाला देते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘चुनावी ट्रस्ट और चंदा देने की पुरानी व्यवस्था की वजह से कुछ हद तक राजनीतिक चंदे में पारदर्शिता होती है। इससे यह सामने आ जाता है कि कौन, किस राजनीतिक दल को, कितना चंदा देता है। ऐसा होने की वजह से इस तरह का अध्ययन संभव हो पाता है। ’’उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘मोदी जी के पसंदीदा प्रोजेक्ट चुनावी बॉन्ड ने सारी पारदर्शिता ख़त्म कर दी है।’’रमेश ने कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘प्रधानमंत्री का 2014 का चुनावी वादा अधूरा था। असल में यह ‘‘न खाऊंगा, न खाने दूंगा, पर ज़बरदस्ती चंदा जमा कराऊंगा’’ है।(भाषा)
नयी दिल्ली: 22 फरवरी (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) की नेता आतिशी ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि यदि पार्टी लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के साथ सीट बंटवारे को लेकर समझौता करती है तो अगले तीन से चार दिन में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया जायेगा।

